भजन/भावगीत

सिर मोर मुकुट कुण्डल धारी

सिर  मोर मुकुट कुण्डल धारी मनमोहक  छवि  श्री गिरधारी पग कनक पैजनियां सोहत अति कर कंगन, भाल  तिलक धारी सिर मोर………………… यहु  रूप  निरख  राधा प्यारी वृषभान    दुलारी   सुकुमारी बिसराय गई सुध तन मन की अरु लोक लाज  छोड़ी  सारी सिर मोर………………. अधरन  साजे  मुरली न्यारी कटि करधनि बांधे गिरधारी मनमोहन  सबको  मोह […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

इक जख्म सा सीने में था रात भर रिसता रहा जिंदगी की दौड़ में मैं ही सदा पिसता रहा आज जाकर ये लगा कुछ सोच लूँ अपने लिए हाथ में था अब तलक जो हाथ से गिरता रहा, हर कसौटी पर जमाने की खरा उतरा हूँ मैं क्योंकि अब तक सब लकीरें हाथ की घिसता […]

कविता

कोख की तड़प  

कुछ  छोटे -छोटे  पौधे जो आंगन  में  उसने  रोपें  थे जाने कब वो बन गये  पेड़ हिलकर समीर के झोंके से, उसकी ममता की छाया में निज तन निहार इठलाते है अब  उसको  छाया  देते  है उस पर फल फूल लुटाते है, सूरज  क़ी  भीषण  गर्मी  से ज़ब  भी  मुरझा  से जाते थे उसका पाकर  […]

कविता

मेरे राम

रघुकुल भूषण सिया राम की शोभा मुख वरणी न जाये फूले फिरत अयोध्या वासी हर्षित उर आनंद मनाये जनम भयो जा दिन दशरथ घर चारों दिश अति मंगल छाये धरती अम्बर हर्षित अतुलित शिव शंकर जी शीश नवाये घूमत रघुबर कनक आँगना शुभ मस्तक पे शिखा सजाये पैरों रजत बँधी पैंजनियाँ खग कागा संग खेल […]

गीत/नवगीत

नारी जीवन (रिश्तों का ताना बाना )

नारी जीवन होता शायद कुछ रिश्तों का ताना- बाना इसके इतर पुरुष-नारी के सम्बन्धों को कब जग माना त्याग,धरम, अनुशासन, लज्जा बचपन से हर कोई सिखाता कुछ अपनो की खुशियों खातिर नारी का बचपन मुरझाता समझ न पाता फिर भी कोई उस के मन का दुखद फ़साना इसके इतर पुरुष नारी के सम्बन्धों को कब […]

बाल कविता

बाल कविता – सयानी सी जल रानी

इठलाती  सी  बलखाती  सी लहराती  जल   में  रानी  सी जल ही जीवन जल ही जग है जल  में  रहती  महारानी  सी मेरे  घर  के  आंगन  में   इक छोटे   से   घर   में   रहती  है जिस पल देखे वो मुझे निकट यूं  उछल उछल कर कहती हैं गर बनी हो  रक्षक जीवन  की करने  दो  कुछ  मनमानी  […]

गीत/नवगीत

उद्धव गोपी संवाद

 सुनो उद्धव  सुनाते  हैं  हमें जो  तुम  बताते  हो ज्ञान की योग  की बातें हमें जो तुम सिखाते हो समझ हम कुछ ना पाते है व्यथा मन की सुनाते है हमारा  मन  नहीं  वश  में तुम्हे कारण बताते है हमारा मन तो बसता है कमल नयनों में उन्हीं  के उन्हीं की तिरछी चितवन में मीठे […]

कविता

श्री चरण

जब  से श्री चरण  पड़े  गोकुल बिसराय गई सुधि ब्रज बनिता किन्नर, सुर, नाग  भये मोहित उपवन महका बहकी सरिता सुनकर मुरली की  मधुर तान अविरल  यमुना  ठहराय गयी जो चली  सुगन्धित  मंद पवन हर कली  कली मुस्काय गयी सब खग,मृग,मीन,अधीर भये अरु  मगन  भये  गैया ग्वाले दर्शन  के  प्यासे  नयनन  सो अविरल गिरते जल […]

कविता

माँ भारती की लाज

चरणों   में  अर्पित  कर  देंगे तन,मन,धन,जीवन,आज सुनो…. हो  जाएं  प्राण आहूत  भले जाएं  ना  भारती  लाज  सुनो….. यह  शस्य  श्यामला  मातृभूमि कण कण हमको अति प्यारा है इसकी  आज़ादी  की  खातिर वीरों   ने   जीवन   वारा   है, डट  जाना   है   सीमांओं  पर हाँ ,छोड़ छाड़ के काज सुनो…. हो  जाएं  प्राण  आहूत  भले जाएं  ना  भारती  […]

भजन/भावगीत

कन्हैया आने वाले हैं

सजा दो पथ को पुष्पों से कन्हैया आने वाले हैं कन्हैया आने वाले हैं, कन्हैया आने वाले हैं, लगा है मास भादों का ,चमकती चंचला नभ में उफनती सारी नदियां है, श्याम से मेघ है नभ में बरस जा ओ मेघ छन छन छन ,कन्हैया आने वाले हैं सजा दो पथ को पुष्पों से कन्हैया […]