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  • उन्वान तुम हो

    उन्वान तुम हो

    तुम आ बसों जो मुझमे तो साँसे चल पड़े फिर से फ़क़त एक जिस्म हम मैं, मेरी जान तुम हो नहीं मालूम मेरा मज़हब मेरी जात क्या है बस इतना याद है मुझे कि, मेरी अज़ान...

  • सावन

    सावन

    सावन भी  आया, और  आसमा में बदल भी  छाये| वो बिन बरसे ही घंटो आसमान पे  छाये रहे | मै बालकनी में खड़ा चाय की चुश्किया ले रहा था| मेरे 5 साल के भतीजे  ने पूछा कि...

  • पहली सी वो महब्बत

    पहली सी वो महब्बत

    हुई हो जैसे मुझे फिर से पहली सी वो मुहब्बत उसके तसव्वुर में मेरा आशिकों सा हाल क्यूँ है बस इक दफे उसने मुड़ के देखा मुझे,बस मुस्काई थी वो मेरे सब रफीकों के चेहरे पे...

  • अभी अभी…

    अभी अभी…

    अभी अभी तो सुलगी है आग इश्क की अभी हम दोनों का इसमें जलना बाकी है अभी तो सफ़र ठीक से शुरु भी नहीं हुआ अभी एक उम्र तक चलना बाकी है अभी तो बस ज़ेहन...

  • गुनाह

    कि मेरी आरजूएं जब से गुनाह हुई है ये आँखे आंसुओं की ही पनाह हुई है दर्द मेरे अब कैसे सुनायेंगे अफसाना अपना अब तो बेअसर मेरे हर ज़ख्म की आह हुई है कदम अब उठते...

  • कारोबार

    कारोबार

    ख्वाबों का ये कारोबार जो मेरी रातें तुमसे करती है इक काम करना इन्हें तुम सुनो कभी बंद मत करना क्या पता शायद किसी रोज़ तेरे शहर तुमसे मिलने किसी रोज़ नया सौदा लेकर आ जाऊं...

  • इश्क और अधृत!!!

    इश्क और अधृत!!!

    किसी और के चुम्बन ने तुम्हे जानां मैं जानता हूँ रुलाया तो बहुत होगा रो रो कर अपने होंठो से उसके होंठो के निशाँ को तुमने मिटाया तो बहुत होगा आइना जब भी देखती होगी तुम...

  • किसकी खातिर

    किसकी खातिर

    देख कर वफायें उसकी, उसकी वफाओं पे मर गए मांग कर दुआएं मरने कि,ताबीर से मुकर गए| बेबस फिरती थी बेआस मेरी ये आँखें चेहरे दर चेहरे चाँद आया इक शाम गली में, इक चेहरे पे...