कविता

लौट जाओ…

  तम, तुम्हारा वास्ता क्या, इस नगर से। छोड़ दो यह रास्ता, अब दूर जाओ, इस डगर से। ये नगर है सूर्य-वंशी, राम का है, कर्ण का, हनुमान का है। सत्य का है, ज्ञान का, विज्ञान का है। हम उजाले के उपासक, उजाले हम को भाये हैं। तुम्हारे छल कपट हमको, कभी ना रास आये […]

बाल कविता

*जग-मग सबकी मने दिवाली*

  जग-मग सबकी मने दिवाली, खुशी उछालें  भर-भर थाली।   खील खिलौने और  बताशे, खूब   बजाएं    बाजे   ताशे।   ज्योति-पर्व है,ज्योति जलाएं, मन के  तम को  दूर  भगाएं।   दीप जलाएं  सबके  घर पर, जो नम  आँखें उनके घर पर।   हर मन में  जब दीप जलेगा, तभी  दिवाली  पर्व  मनेगा।   खुशियाँ सबको घर-घर […]

बाल कविता बाल साहित्य

*बेटी-युग*

सतयुग, त्रेता, द्वापर बीता, बीता कलयुग कब का, बेटी-युग  के  नए  दौर  में,  हर्षाया   हर   तबका। बेटी-युग में खुशी-खुशी है, पर महनत के साथ बसी है। शुद्ध-कर्म  निष्ठा का संगम, सबके मन में दिव्य हँसी है। नई  सोच  है,  नई चेतना, बदला  जीवन  सबका, बेटी-युग  के  नए  दौर  में,   हर्षाया   हर  तबका। इस युग में  […]

बाल कविता

बुरा न बोलो बोल रे..

बुरा न बोलो बोल रे.. ..आनन्द विश्वास बुरा न देखो, बुरा सुनो ना, बुरा न बोलो बोल रे, वाणी में मिसरी तो घोलो, बोल बोल को तोल रे। मानव मर जाता है लेकिन, शब्द कभी ना मरता है। शब्द-वाण से आहत मन का, घाव कभी ना भरता है। सौ-सो बार सोचकर बोलो, बात यही अनमोल […]

बाल कविता

*बेटा-बेटी सभी पढ़ेंगे*

*बेटा-बेटी सभी पढ़ेंगे* …आनन्द विश्वास नानी वाली कथा-कहानी, अब के जग में हुई पुरानी। बेटी-युग के नए दौर की, आओ लिख लें नई कहानी। बेटी-युग में बेटा-बेटी, सभी पढ़ेंगे, सभी बढ़ेंगे। फौलादी ले नेक इरादे, खुद अपना इतिहास गढ़ेंगे। देश पढ़ेगा, देश बढ़ेगा, दौड़ेगी अब, तरुण जवानी। बेटी-युग के नए दौर की, आओ लिख लें […]

बाल कविता

एप्पल में गुण एक हजार

एप्पल में गुण एक हजार, एप्पल खाओ हर दिन चार। नित्य नियम से जो खाता है, हृष्ट-पुष्ट वह हो जाता है। एप्पल का भैया क्या कहना, सुन्दरता का ये है गहना। चेहरा दमके हर दम लाल, एप्पल करता बड़ा कमाल। वात-पित्त-कफ़ दोष विनाशक, सभी फलों का एप्पल शासक। कब्ज, दस्त, सरदर्द मिटाए, खांसी सर्दी पास […]

बाल कविता

बन सकते तुम अच्छे बच्चे

सुबह सबेरे जल्दी जगते, और रात को जल्दी सोते। ऐसा करते अच्छे बच्चे, बन सकते तुम अच्छे बच्चे। सिट-अप करते, पुश-अप करते, और तेल की मालिश करते। कसरत करते अच्छे बच्चे, बन सकते तुम अच्छे बच्चे। त्राटक करते, योगा करते, वॉकिंग करते, जौगिंग करते। स्वास्थ्य सँवारें अच्छे बच्चे, बन सकते तुम अच्छे बच्चे। मात पिता […]

बाल कविता

दूध दही घी माखन खाओ

दूध दही घी माखन खाओ, हृष्ट-पुष्ट बच्चो बन जाओ। सुनो दूध की लीला न्यारी, सभी तत्व इसमें हैं भारी। दूध मलाई जो खाएगा, बलशाली वह हो जाएगा। सबसे अच्छा दूध गाय का, पीकर देखो, चखो जायका। काजू किशमिश मेवा डालो, और दूध को जरा उबालो। थोड़ी चीनी और मिला लो, झटपट गटको मूँछ बना लो। […]

बाल कविता

फल खाओगे, बल पाओगे

फल खाओगे, बल पाओगे, सुन्दर तन का हल पाओगे काजू किशमिश और मखाने, शक्ति-पुंज हैं जाने माने एप्पल गुण की खान सुनो तुम, सबसे पहले इसे चुनो तुम छिलका सहित चबाकर खाओ, या फिर इसका शेक बनाओ देखो, आम फलों का राजा, सीज़न फल है खाओ ताजा काटो, चूँसो, ज्यूस बनाओ, पना, मुरब्बा, जैम बनाओ […]

बाल कविता

चलो, करें जंगल में मंगल

चलो, करें जंगल में मंगल, संग प्रकृति के जी लें दो पल बतियाएं कुछ अपने मन की, और सुनें उनके जीवन की मन से मन की बात बताएं, और प्रकृति में घुल मिल जाएं देखो झरने, क्या कुछ कहते, कल-कल करते बहते रहते हँसकर फूल बुलाते हमको, हँसते रहो सिखाते हमको शान्त झील का दृश्य […]