लघुकथा

शुद्धिकरण

मंदिर की ओर जाते हुए पुजारी भीड़ में धक्के के कारण सफाई कर्मचारी से जा टकराया. “सर्वनाश हो तेरा, अब फिर से स्नान करना पड़ेगा” कहते हुए इतनी जोर से ढकेला कि उसका सिर दीवार से जा टकराया. वह लहुलूहान हो गया और दर्द से कराह उठा. भक्त फूल-माला और प्रसाद लिए कतारबध्द पुजारीजी का […]

कविता

कविता – चाँदनी

एक दिन निहार रही थीसुषमा चाँदनी की कानों में चुपके से कह गया चाँद –“तुम हो मेरी चाँदनी। “सकुचाई और शर्माई मैं हँस कर बोली – “क्या मैं हूँ तुम्हारी चाँदनी?वहाँ चाँदनी की शीतलता, यहाँ मानव-मन की दुर्बलता। वहाँ परमार्थ का प्रकाश,यहाँ स्वार्थ का उन्माद। “क्या मैं हूँ तुम्हारी चाँदनी ? “तनिक चूमकर , सहलाकर […]

अन्य

मानवता का संदेशवाहक मूल खासी मिथक – राजदूत मुर्गा

मानवता का सन्देशवाहक  मूल खासी मिथक – राजदूत  मुर्गा डॉ अनीता पंडा, शिलांग सीनियर फैलो, आई.सी.सी.आर. दिल्ली विश्व स्तर पर संस्कृति मानवीय मूल्य हैं, जिसमें तत्व ज्ञान, दर्शन, धर्म, मान्यता और लोक समाहित है I इसी संस्कृति से मानव के जीवन में अनेक नियम और विधि-विधान बने हुए हैं I खासी समुदाय में पहाड़ियों, पर्वतों, […]

पर्यावरण

नदी संरक्षण का उदाहरण – मेघालय की पारदर्शी नदी, उम्न्गोत

जीवनदायनी, मोक्षदायनी नदियों को पूजनीय मानने वाली भारतीय संस्कृति, जहाँ उत्तर से लेकर दक्षिण तक, पूर्व से लेकर पश्चिम तक अर्थात् गंगा से लेकर कावेरी तक, ब्रम्हपुत्र से लेकर सिन्धु तक नदियों का फैला है, वहाँ नदियों का प्रदूषित होना दिन-प्रतिदिन गंभीर समस्या बनती जा रही हैI सतत प्रवाहिनी पवित्र नदियाँ, जो मानव-आस्था से जुड़ी […]