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  • रिश्ते

    रिश्ते

    कुछ रिश्ते आदर, अपनापन, अनौपचारिकता और आकर्षण के रेशमी धागे इतनी कारीगरी से गुंथे होते हैं कि बिना नाम के ही इसकी खूबसूरती बनी रहती है ! ऐसे ही कुछ रिश्ते से बंधे थे जीनत और...

  • घाटे का सौदा

    घाटे का सौदा

    लाटरी लग गयी थी रानी की । एकदम खरा सौदा । कोई नीच काम भी नहीं था कि उसकी आत्मा उसको कोसती। करना ही क्या था… बस अपनी कोख किराए पर ही तो देनी थी, वो...

  • बदलते रिश्ते

    बदलते रिश्ते

    बाहर बादल अनवरत बह रहे थे और खिड़की पर बैठी सुमि की आँखें भी उसी तीव्रता से बह रहीं थीं मानो बादलों से होड़ ले रही हों ! याद है उसे आज भी वो दिन, जब...

  • रिश्ता

    रिश्ता

    गगन एक मध्यम वर्गीय सुदर्शन युवक था । फिल्मों का असर कहो या उम्र का, किशोरावस्था से युवावस्था की दहलीज पर आते-आते उसके दिल में भी एक अदद गर्लफ्रेंड् बनाने की कवायत कसमसाने लगी। और संयोग...

  • एहसास

    एहसास

    किशोरावस्था शायद होती ही ऐसी है कि दिल नित नए सपने देखने लगता है ! बचपन से किताबों से दिल लगाने वाली सुमि भी इस नए एहसास से अछूती ना रही ! बाहरवीं के पेपर हो...

  • ई०वी०एम०

    ई०वी०एम०

    शर्मीली नार “ई०वी०एम०” छुपाए थी दिल में, वोटर का प्यार ! आज खुलमखुल्ला बोल उठी, उसे तो है… मोदी से प्यार !! दिल बात जुबां पे आयी, तो लगने लगा, उस पर भी दोष ! नजरें...

  • यादें

    यादें

    समय-असमय, आ धमकती हैं ! और ले जातीं हैं… भूली-बिसरी इक दुनिया में ! और अजब अहसास दिलातीं हैं, उफ़ ये यादें… कभी भी आ जातीं हैं !! कभी देतीं हैं, शीतलता का एहसास ! मुस्कुरा...


  • क्षणिका

    क्षणिका

    मुर्दा ही तो थे अब तलक बन बैठे इन्सान लगाने इल्ज़ाम अंजु गुप्ता परिचय - अंजु गुप्ता Am Self Employed soft skills Trainer with more than 23 years of rich experience in Education field. Hindi is...

  • कहानी- समर्पण

    कहानी- समर्पण

    सुबह -सुबह चाय की चुस्कियों के बीच राहुल ने पत्नी सोना से अचानक पूछा – “क्या तुमने कभी किसी से प्यार किया है?“ यकायक ऐसा अटपटा प्रश्न सुन कर सोना घबरा सी गई कि कहीं उसके मुँह...