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  • भविष्य

    भविष्य

    लक्ष्मी की जिंदगी दूसरों के ताने और अपमान सुनने में ही बीती थी। हिम्मत ही न थी कि अपना सुर ऊँचा कर अन्याय के खिलाफ दो शब्द बोल पाए । आज वही लक्ष्मी भरी बिरादरी में...

  • भुला के वादे…

    भुला के वादे…

    भुला के वादे… भूला के कसमें लाए डोली किसी ओर की सजना। उतर के डोली, जब आँगन तेरे, उसने पायल छनकाई थी… सच कहना एे साजन मेरे, तुम्हें याद मेरी क्या आई थी ? कन्धे पर सर,...

  • ख्वाब अपनी पलकों पे…

    ख्वाब अपनी पलकों पे…

    ख्वाब अपनी पलकों पे, दिन – रात मैं सजाती हूँ ! देख हँसी लब पे तेरे, मैं पहरों मुस्कुराती हूँ !! जुस्तजू मेरी हो तुम, मंजिल नहीं तुम बन सकते ! फिर भी दिल की महफिल,...


  • जुगत

    जुगत

    ठिठुर मरे न “गरीब” सर्दी से … राजनीतिज्ञों ने जुगत लगाई, दूर करके अपनी “गरीबी” महँगाई की आग जलाई ।। अंजु गुप्ता परिचय - अंजु गुप्ता Am Self Employed soft skills Trainer with more than 20...

  • किसान

    किसान

    ब्रह्ममुहूर्त में, सजग प्रहरी की तरह, उठा अपने शस्त्र, खेतों में… सोना उपजाए । भूलके अपनी, पीड़ और छाले, झोंके जीवन को, खेतों की हवनशाला में… अन्न उगाए । त्रासदी ऐसी कि “अन्नदाता” ही भूखमरी की...

  • अटल जी

    अटल जी

    ‘अटल’ गए छोड़ अमर लोक शोक में देश । बिछुड़ा रत्न अनंत में अटल युग का अंत । ओजस्वी कवि करिष्माई अटल थी सोम्य छवि। कलम रुकी कविताएँ खामोश अपूर्ण क्षति । अंजु गुप्ता परिचय -...

  • लघुकथा – लेखन

    लघुकथा – लेखन

    “ये क्या लिखा है तुमने? न सिर है, न पैर। वाह-वाही लूटने के लिए अश्लील शब्दों की भरमार… पता नहीं ये नवागंतुक अपने आपको क्या समझते हैं । छोड़ जाओ इसे यहीं। अभी दूसरों को पढ़ो,...

  • सुरक्षित स्थान

    सुरक्षित स्थान

    गुण्डों से बचते-बचाते, इधर से उधर भागते, सुमन अधमरी सी हो गई थी । हिम्मत जबाब देने लगी थी। उसे श्वास लेने में भी परेशानी महसूस हो रही थी। तभी सामने से पुलिस की जीप गश्त...

  • लघुकथा – देशप्रेम

    लघुकथा – देशप्रेम

    चुनाव के आसपास होने वाली रैली किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं होती । कार्यक्रम से घर लौटे नेताजी बहुत खुश थे। आज की रैली में बहुत भीड़ थी। राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के समक्ष, उनका...