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  • अहसास

    अहसास

    तेरे अहसास से है, हम मुहब्बत कर बैठे मचलते जज्बात से है, हम मुहब्बत कर बैठे ! तेरा मिलना इक सपना सुहाना लगता है तेरे इंतज़ार से है, हम मुहब्बत कर बैठे !! ख्वाहिशें सिसकेंगी, बन्द...

  • नजरिया

    नजरिया

    भाई से ऐसी कतई उम्मीद न थी। हम सबकी मर्जी के खिलाफ उस गैर जाति की लड़की से शादी कर ली। कमाऊ लड़का देख कर फँसा लिया और ऊपर से न कोई दहेज। मम्मी-पापा उसे कभी...

  • प्राणी रक्षक

    प्राणी रक्षक

    बड़ी मुश्किल से जान बचा कर फटेहाल कपड़ों में मदारी माधो जैसे-तैसे घर पहुँचा था। उसकी हालत देख कर उसका बेटा बसंत घबरा कर बोला – “बाबा क्या हुआ ?” माधो काफी देर तक चुप रहा,...

  • शिक्षा

    शिक्षा

    लक्ष्मण बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि का था और बारहवीं कक्षा में पूरे जिले में प्रथम आया था । गाँव के मास्टर जी ने उसके माँ बाप से कहा -“बच्चा बहुत ही होनहार है । इसे...

  • वयस्क होता बचपन

    वयस्क होता बचपन

    अक्सर … ट्रैफिक सिग्नल पर ख्वाब बेचते, ठण्ड में जमे से… अलाव सेंकते! जूठन से कहीं हैं भूख मिटाते, फुटपाथ पर जीवन के… सपने सजाते! कूड़े के ढेर से उम्मीद को चुनते, अपशब्द – गालियाँ रोज...

  • विंडो सीट

    विंडो सीट

    गर्मियों की छुट्टियों के समय कन्फर्म सीट मिलना कोई आसान बात न थी । भतीजी की सगाई एकदम से तय हो गयी थी, सो जाना भी जरूरी था । विनय को ऑफिस से छुट्टी न मिल...

  • वो भी कलयुग था !

    वो भी कलयुग था !

    सतयुग नहीं,,, वो भी कलयुग था ! जब इन्द्र सम पुरुष धर छद्मवेश करते थे शीलहरण और शाप की भागी बनती थी नारी ! और ये तो कलयुग ही है !! अंजु गुप्ता परिचय - अंजु...

  • जाने कौन ?

    जाने कौन ?

    कितने पाखण्डी बन धर्मगुरु करें ढोंग, अधर्म, पाखण्ड और मनमानी फैलाए तिलिस्म, असत्य की जमीं पर ! कहें… खुद ही को, रब के बंदे ! नित रोज रचें, फरेब के फंदे ! और… इस माया जाल...

  • क्षणिका : दुशासन

    क्षणिका : दुशासन

    देवी चरणों में, शीश झुकाएँ, करें माँ का श्रंगार, न जाने ऐसे कितने सफेदपोश, मन से अब भी हैं दुशासन, लिए अंतस् में कुत्सित विचार !! अंजु गुप्ता परिचय - अंजु गुप्ता Am Self Employed soft...

  • त्रासदी है….

    त्रासदी है….

    त्रासदी है…. क्या छोटा शहर, क्या महानगर… विकृत मानसिकता के व्यक्ति हर जगह पाए जाते हैं । समझ नहीं आता कि स्कूल जाने वाले अबोध बच्चों को पढ़ाई के बारे में समझाएँ या जीवन में आने...