आत्मकथा लघुकथा संस्मरण

पड़ोसियत

आज सुबह उठतेही, मैं मेरा रोज का काम करने मतलब पानी भरने घर के बाहर निकली| अपने दो गुंडी उठाके बड़ी माँ के घर के नल के पास पोहच गई| नल के टाके में मैंने देखा तो पानी कुछ ज्यादा ही भर गया था| इसके वजह से गुंडी भरने में मुझे दिक्कत हो रही थी […]

लघुकथा

लघुकथा – अपनी भाषा

किशोर से रामु हरिया के बारे में कहते हुए बोला, “अरे किशोर, वह हरिया पता है”? “कौन सरपंच का लड़का” हामी भरते हुए रामु बोला “शहर से पढ़-लिखकर लौट के आया”। मैंने पूछा “कैसे हो हरिया? वह मुझसे कुछ अंग्रेजी में गिटर-पीटर करने लगा। किशोर ने जवाब देते हुए कहा “देख भाई रामु, हम लोग […]