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  • मैं पृथ्वी सी

    मैं पृथ्वी सी

    जीवन चक्र के प्रस्फुटन के प्रमाण हुए हैं चिन्हित पृथ्वीमंडल के शैलखंड पर धरा पर अस्तित्व का हस्तलेख अंकित है किसी विस्मृत भाषा में और कई पृष्ठ अंतर्ध्यान हो गए निमर्म कालचक्र के हाथों में त्यक्त...

  • स्वयंप्रभा

    स्वयंप्रभा

    निरर्थक साधनाओं में कैद होता संसार तुमको तलाशता सुदूर तीर्थों में और मैं लिखती हूं तुम्हारी विस्तृत हथेली पर वो तमाम प्रणय गीत जो मेरा ह्रदय गाता है। व्यर्थ कर्मकांडों के वशीभूत होता संसार तुम को...