लघुकथा

लघुकथा – अर्धांगिनी

” सुनंदा!ओ सुनंदा !पानी ही डालती रहोगी या भोजन भी परोसोगी।” आंगन में तुलसी के पौधों को पानी डाल जब सुनंदा पीछे की ओर मुड़ी तो उसे अपने पति की वही झल्लाहट भरी आवाज सुनाई पड़ी। सुनंदा एक निम्न मध्यमवर्गीय परिवार की अकेली लड़की थी । वह कम पढ़ी- लिखी सांवली सूरत वाली थी । सुनंदा […]

कविता

नमन ए वीर सपूत

हे मातृभूमि के वीर सपूत तुमको नमन है बार-बार , ए मेरे वतन के रखवालों हम सिर झुकाते बार बार…… त्याग अपना घर परिवार, छोड़ सारा पर्व त्यौहार, बांध कफन अपने सिर पर, रहते मातृभूमि रक्षा को तैयार, हे देश के सीमा प्रहरी, तुमको नमन है बार-बार। तुम भारत के वीर सपूत, तुम हो भारत […]