इतिहास

जंगे-आज़ादी के नायक अशफाक उल्ला खान

इंसान को अपनी बेहतरी के लिये खुद ही संघर्ष करना पड़ता है. हरेक इंसान को जानना चाहिये कि उसके लिये क्या बेहतर है ? आज़ादी की सालगिरह मुबारक. जंगे-आज़ादी के नायक अशफाक उल्ला खान देश की गुलामी की जंजीरों को तोड़ने के लिए हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूमने वाले अशफाक उल्ला खान जंग-ए-आजादी के महानायक […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म ब्लॉग/परिचर्चा सामाजिक

“सफलता के सात आध्यात्मिक नियम” -डा.दीपक चोपड़ा

जीवन में सफलता हासिल करने का वैसे तो कोई निश्चित फार्मूला नहीं है लेकिन मनुष्य सात आध्यात्मिक नियमों को अपनाकर कामयाबी के शिखर को छू सकता है। ला जोला कैलीफोर्निया में “द चोपड़ा सेंटर फार वेल बीइंग” के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी डा.दीपक चोपड़ा ने अपनी पुस्तक “सफलता के सात आध्यात्मिक नियम” में सफलता के […]

अन्य लेख ब्लॉग/परिचर्चा

रमज़ान मुबारक हो

रोज़े को उसकी भावना के साथ बुरे कामों से बचते हुए और नेकियों में तरक़्क़ी करते हुए रखें ताकि रोज़ेदार का कैरेक्टर पहले से ज़्यादा बुलंद हो जाये. आप अपना कैरेक्टर बुलंद करके अपनी तक़दीर को संवार सकते हैं. अच्छाई को हर जगह इज़्ज़त दी जाती है.

स्वास्थ्य

हंसी, हर मर्ज़ की एक दवा है

 ( पहले देखिए  1-शाँति, सबके लिए   और 2- सेहत, सबके लिए  और 3- अमीरी सबके लिए और 4-अपने जीवन को बदलिए, सिर्फ़ एक दिन में) 1. आपका ऑक्सीजन लेवल बढ़ेगा। 2. आपका तनाव घटेगा। 3. आपको शान्ति मिलेगी। 4. आपका इम्यून सिस्टम मज़बूत होगा। 5. आपके रोग मिट जाएंगे। 6. आपके शोक मिट जाएंगे। 7. आपकी आमदनी और दौलत बढ़ेगी। […]

ब्लॉग/परिचर्चा सामाजिक

अपने जीवन को बदलिए, सिर्फ़ एक दिन में

इन्सान खु़शी, कामयाबी और सेहत चाहता है। वह अपने सम्बंधों में प्रेम और अपने जीवन में विकास चाहता है और यह सब शान्ति के समानुपाती है। इन्सान जितना ज़्यादा शान्ति से भरपूर होगा, उतना ही ज़्यादा वह ख़ुशी, कामयाबी, सेहत, प्रेम और विकास से भरा हुआ होगा। शान्ति हर इन्सान की सबसे बड़ी बुनियादी ज़रूरत […]

ब्लॉग/परिचर्चा सामाजिक

अमीरी सबके लिए

( पहले देखिए  1-शाँति, सबके लिए   और 2- सेहत, सबके लिए) शान्ति का समृद्धि से, अमीरी से सीधा सम्बंध है। आपने देखा होगा कि जिस परिवार में लड़ाई-झगड़े रहते हैं। वे नौकरी, बिज़नेस या खेती, कुछ भी ठीक ढंग से नहीं कर पाते। पति घर से लड़ाई करके निकलेगा तो वह किसी न किसी छोटे-बड़े हादसे […]

स्वास्थ्य

सेहत, सबके लिए

( पहले देखिए  शाँति, सबके लिए ) मज़दूरी, खेती, व्यापार और फ़ैक्ट्रियों में प्रोडक्शन, हम इनमें से कुछ भी नहीं कर सकते, अगर समाज में शाँति नहीं है। अगर लोग शाँति के साथ सड़कों पर आ-जा नहीं सकते, तो वे कोई रचनात्मक काम भी नहीं कर सकते। ऐसे में हमारे बच्चे स्कूल भी नहीं जा सकते […]

ब्लॉग/परिचर्चा सामाजिक

शाँति, सबके लिए

आज इन्सान अपने सबसे कठिन दौर से गुज़र रहा है। विज्ञान की उन्नति ने जहां उसके पास सुविधा के साधनों का ढेर लगा दिया है वहीं उसके सामने एक मुश्किल भूल भुलैया भी बना दी है। आज इन्सान के सामने उसकी मंज़िल की साफ़ तस्वीर नहीं है। जिसके सहारे वह आगे बढ़ सके। ऐसे में […]