कहानी

परवरिश

आज सुबह जैसे ही सोकर उठा वृद्धाश्रम से फोन आया। जो सूचना मिली उसे सुनकर  मैं रोना चाहता था लेकिन रो नहीं पाया। बिना किसी को कुछ बताए मैं घर से निकल गया चाची को अंतिम प्रणाम करने। अंतिम संस्कार के बाद उनके कमरे में अकेला बैठा रहा कुछ देर। चाची से जुड़ी यादें दिमाग […]

कहानी

अंतर्मन

चीनू घर आई तो अलका ने राहत की सांस ली। वह किचन से बाहर लॉबी में आकर खड़ी हो गई। चीनू उसकी और देखे बिना अपने कमरे में चली गई। सुरेंद्र भी अब अंदर आ गए थे। काफी थके हुए दिख रहे थे। अलका ने पानी दिया तो पूरा गिलास पीकर उन्होंने सांस लिया। फिर […]

कहानी

प्यार का सफर

पंखुरी आज ऑफिस नहीं गई थी। कुछ अस्वस्थ महसूस कर रही थी। फिर से अक्टूबर का महीना आ गया था। मिला जुला मौसम। गर्मी ख़त्म नहीं हुई और सर्दी शुरू होने वाली है। पूरे साल में उसका प्रिय महीना होता था अक्टूबर का। लेकिन इस बार अक्टूबर का महीना शुरू होने पर वह उदास थी। […]

लघुकथा

सच्ची भक्ति

एक महान संत का प्रवचन होने वाला था। देखते ही देखते पंडाल लोगों से पूरी तरह भर गया। लोगों को बैठने की जगह नहीं मिल पा रही थी लेकिन लोग आते जा रहे थे। आयोजकों ने बैठे हुए लोगों के पीछे, आने वाले लोगों को खड़ा करना शुरू कर दिया। संत को प्रवचन शुरू करने […]

कहानी

गुरु दक्षिणा

सुचित्रा बहुत विचलित हो गई थी। उसने इतना अपमान अब तक कभी नही सहा था। भलाई करने का आज के जमाने में यह परिणाम मिलता है, उसे आज महसूस हुआ था। पड़ोस के घर से संयम उसके पास संगीत सीखने आता था। जबसे वह पड़ोस में रहने आया था तभी से उसके पास आ रहा […]

कविता

एक राह बनाएं

चलो गांव से शहर तक एक दौड़ लगाएं। जो जीत जाए, उसे गांव में रहना नसीब हो जाए। भौतिक सुख की लालसा में गंवाया है बहुत कुछ। बसे शहरों में जाकर, छोड़ गांव में सब कुछ। शहर लुभाता रहा गांव उजड़ता रहा। पोते पोती से मिलने को दादा तरसता रहा। ऐसी कोई राह बनाएं। दादा […]

लेख

समर्पण से मिलती है राह

“समर्पण से मिलती है राह।” समर्पण का अर्थ है “समस्त अर्पण” उस सर्वशक्तिमान के समक्ष जिसने हमें बनाया है। किसी निर्धारित उद्देश्य से हर प्राणी को पृथ्वी पर भेजा है। जब आप समर्पण भाव से जीवन को बिताते हैं तो सभी मुसीबतों से अपना नाता तोड लेते हैं। जो जैसा है उसे वैसा ही स्वीकार […]

कहानी

सरसों के फूल

साक्षी कई दिनों से बहुत व्यस्त थी। उसकी पीएचडी की परीक्षा पास आ रही थी चार सालों की जी तोड़ मेहनत का परिणाम मिलने का समय आ गया था। वह चाहती थी कि सब कुछ ठीक से हो जाए और उसे डिग्री मिल जाए। पिछले चार सालों में जीवन में बहुत उथल पुथल रही। किन्तु साक्षी […]

सामाजिक

समस्याओं का अंत नहीं है आत्महत्या

सपने देखना अच्छी बात है। उन्हें पूरे करने के लिए कोशिश करना और भी अच्छी बात है। परन्तु सारी कोशिशों के बाद यदि सपना टूट जाता है तो जीवन से नाता तोड लेना बिल्कुल अच्छी बात नहीं है। सभी सपने सच हों ऐसा कोई नियम तो नहीं है। उसके लिए खुद को दोषी मानना सही […]

कविता

मेरे गांव का झरना

तुम अब याद क्यों नहीं आते मेरे गांव के मीठे झरने, मन क्यों नहीं छटपटाता ? तुम्हे निहारने को। तुम्हारे बहते नीर के साथ, कुछ गुनगुनाने को। कई पल, उदास पल जीवन के गुजरे हैं, तुम्हारे पास। बैठे हुए चुपचाप। बस देखते हुए, तुम्हे एकटक। खोजते हुए, जीवन की राह तुम्हारे प्रवाह में।     […]