Author :




  • सड़क

    सड़क

    लम्बी है मैदानों से गुजरती पहाड़ों पे चलती सुरंगों से भी निकलती कभी दाएं मुडती कभी बाएँ मुडती और कई आते हैं यूटर्न कहीं कच्ची भी है कहीं पक्की भी चौड़ी है कहीं कुछ जगह संकरी...


  • स्वाभिमान है हिंदी

    स्वाभिमान है हिंदी

    मेरे गीत श्रध्दा हैं, कविता आराधना मेरी मातृभाषा मेरी हिंदी, है सम्वेदना मेरी धडकती है हृदय मे और जिव्हा से अविरल बहती है मेरा तो जीवन है हिंदी, हिंदी चेतना मेरी सर का ताज है हिंदी,...




  • जीने दो

    जीने दो

    जीने दो यही है छोटा सा घर मेरा ये चार दीवारें मेरी सीमाएं मदमस्त दौड लगाती हूं पर दीवारों से टकराती हूं स्वाद नहीं यहाँ खाने में पानी भी फीका है ना दोस्त कोई ना हमसाया...