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  • तुम्हारा नाम लिखता हूं

    तुम्हारा नाम लिखता हूं

    तुम्हारा नाम लिखता हूं मैं सुबहो शाम लिखता हूं। तुम्हारे इन लवों को मैं गाफ़िल-ए-जाम लिखता हूं। धरा पर तुमको तो अपना मैं चारों धाम लिखता हूं। रुप की राशि तुम प्रिये मैं तुमको काम लिखता...

  • प्यार

    प्यार

    प्यार हो पास या दूर मजा देता है दुख होता है तब जब दगा देता है तुम्हारे ख़त को मैंने कई बार पढ़ा हर बार वह दिल के तार बजा देता है बिछड़ने का दर्द किसी...

  • तुझे चाहने के बाद

    तुझे चाहने के बाद

    चाहा न कुछ खुदा से, तुझे चाहने के बाद मांगा न कुछ खुदा से, तुझे मांगने के बाद किसी और चीज की, जरूरत नहीं रही पाकर के तुझको यार, तुझे मांगने के बाद तस्द्दुक है तुझ...

  • दो मुक्तक

    दो मुक्तक

    सजल नयन आज जलधार उर प्रिय तुमको रहा पुकार रात कांटों की सेज समान खोजता तुमको मेरा प्यार विरह की सुलग रही है दीप्ति मिलें कभी मन अपना हो तृप्त मिलन की चाह अभी तक शेष...

  • अच्छा होगा

    अच्छा होगा

    मुझको तुम भूल ही जाओ, अच्छा होगा मुझको अब याद न आओ, अच्छा होगा मानता था मानता हूं और मानूंगा तुझे अब मुझे और सताओ न, अच्छा होगा कहूं मैं बेवफा कैसे मैं कह नहीं सकता...

  • लघुकथा – भूल

    लघुकथा – भूल

    सुबह होते ही रीतू का झुंझुलाना शुरु हो जाता है.और जब तक सो न जाये तब तक उसका यह नित्य कर्म चलता रहता है.बोली पता नहीं कहा से आ मरना था उन्हें भी खुद तो मौज...

  • कुछ मुक्तक

    कुछ मुक्तक

    आज फिर याद है तेरी आईकैसे कह दूं कि तू नहीं आईहमसफर हो जा मेरे हमदमतू न कर यार मेरी रुसवाई रह रह कर तेरी आती क्यों हैआके सारी रात जगाती क्यों हैसच में न सही...


  • मुक्तक

    मुक्तक

    कहता है मुझे भूल जाओ तंग न करो मुझको तुम छोड़ दो .मेरा संग न करो जिसके लिए छोड़ दिया सारे जहां को सरेआम वो कहता है मुझको तंग न करो ©अरुण निषाद परिचय - अरुण...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    बिन तेरे दिल कहीं नहीं लगता छोड़के तुझको कुछ नहीं जंचता जब तलक तू नजर नहीं आता सकूनों-करार तेरे बिन नहीं रहता बस गयी है रग-रग में तेरी खुशबू मेरा दिल बस में मेरे नहीं रहता...