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  • समाज ने छला राम को

    समाज ने छला राम को

    मर्यादा के खातिर जिसने अपना घर कुर्बान किया राज्य हित के खातिर जिसने पति धर्म को त्याग दिया जो सीता माता प्राणों से ज्यादा प्यारी थी श्री राम को जिनके खातिर तोड़ दिया था त्रिपुरारी के...






  • लोकतन्त्र आजाद नहीं

    लोकतन्त्र आजाद नहीं

    अन्ना जी का अब राज नहींगांधी जी का समाज नहींलोगों की किस्मत फूट गयीये लोकतन्त्र आजाद नहीं दुनिया सायद तुमको अन्ना अबखेल तमाशा केहती हैबापू कि फोटो के नीचेरिश्वत कि गंगा बहती है कि नेताओं ने...