गीतिका/ग़ज़ल

विधाता की निगाह में

ये जिंदगी गुजर रही है आह में जाएगी एक दिन मौत की पनाह में। कर लो चाहे जितने पाप यहां हो हर पल विधाता की निगाह में। मेरी कमी मुझे गिनाने वाले सुन शामिल तो तू भी है हर गुनाह में। छल प्रपंच से भरे मिले हैं लोग दगाबाजी मुस्काती मिली गवाह में। खोने के […]

गीतिका/ग़ज़ल

पछतावा

किसी को सता कर जिये तो क्या जिये, किसी को रुला कर जिये तो क्या जिये। करता रहा तुम पर भरोसा अटूट हर पल, उसी को आजमां कर जिये तो क्या जिये। किया जिंदगी की जमा-पूंजी नाम तुम्हारे, उसे घटिया बता कर जिये तो क्या जिये। जिसके अश्रुधार बहे सिर्फ तुम्हारे ही लिए, उसे नजरों […]

लघुकथा

लघुकथा – बैंक एफडी

राजमोहन गांव के बड़े जमींदार थे।गांव वालों की नजर में उनकी छवि सदा ही एक सम्मानित एवं साफ सुथरी व्यक्ति की रही। राजमोहन हमेशा ही दीन, हीन, भिक्षु, विकलांग वा आमजन के प्रति उदार भावना रखते थे। खुशियां सबसे बांट लेते लेकिन दुख दर्द अकेले ही झेल जाते थे। इसके पीछे उनका निजी दृष्टिकोण था। […]

गीतिका/ग़ज़ल

हमें मोहब्बत सिखा रहे हैं

पानी में कागज का घर बना रहे हैं लोग सूरज को ही अब रोशनी दिखा रहे हैं लोग। हमीं से सीखकर मोहब्बत का ककहरा आज हमें ही मोहब्बत सिखा रहे हैं लोग। है पता जबकि की टांग की टूटेंगी हड्डियां फिर भी हर बात पर टांग अड़ा रहे हैं लोग। थी मांगी दुआएं जिनके लिए […]

सामाजिक

क्या हम क्या हमारा, सोचो साथ क्या जाएगा यारा

यह विचारणीय तथ्य है मित्रों कि जब हमारा जन्म होता है तब हम वस्त्र विहीन होते हैं और जब आखिरी समय पर लाश चिता पर लिटाई जाती है तब भी जिस कफ़न से शरीर ढका जाता है वह कफ़न आग की लपटों में पहले ही जल जाता है और इंसान का शरीर फिर बसन विहीन […]

गीतिका/ग़ज़ल

सुनो मेरे सनम

राज-ए-दिल तुम्हे बताता चला गया नजदीक मैं तुम्हारे आता चला गया। भूला ना कभी एक पल के लिए तुम्हे नित नये सपने मैं सजाता चला गया। यूँ बंदिशों में रहने की आदत नहीं रही बन्धनों में तेरे मैं यूँ समाता चला गया। मंजिल मिलेगी या नही ये पता भी नहीं कदमों को फिर भी मैं […]

गीतिका/ग़ज़ल

गीतिका

सच्चे दिल से साथ निभाए उसे पागल समझा जाता है दंगा,बात-विवाद को ही समस्या का हल समझा जाता है। कड़वी हकीकत कहने में जरा भी देर नहीं करता हूँ मैं दुख है कि मेरी बातों को आज नही कल समझा जाता है। पर पीड़ा देख आखों से बहते गंगाजल जैसे पावन आंसू निर्मम लोगो द्वारा […]

हास्य व्यंग्य

नमस्ते बाइडेन, बाय-बाय ट्रम्प

जी हाँ! एक दम सही पढ़ा आपने! दुनिया के सर्व शक्तिशाली शख्स का तमगा अपनी छाती पर लादकर बाइडेन अब व्हाइट हाउस की गद्दी में बैठने जा रहे हैं।सर्वशक्तिशाली देशों की सूची में ओहदा रखने वाले अमेरिका को नया राष्ट्रपति बाइडेन के रूप में मिल गया है।वैसे अमेरिका के नये राष्ट्रपति के समक्ष चुनौतियां भी कम नहीं […]

हास्य व्यंग्य

व्यंग्य – फेसबुक पर गोपियाँ,पहना रही हैं टोपियाँ

भारत ही नहीं अपितु वैश्विक स्तर पर गोपियों का महत्व और वर्चस्व सदा से कायम रहा है और आगे भी रहेगा! सतयुग, त्रेता, द्वापरयुग से लेकर आज तक गोपियों के महत्व में कोई परिवर्तन नहीं है! पहले गोपियाँ पनघट में पानी भरते पायी जाती थीं, सावन में झूले झूलती पायी जाती थीं! बाग बगीचों में […]

गीतिका/ग़ज़ल

मेरी ग़ज़लों को आवाज दे दो 

सुनो अपना दिल मुझको उधार दे दो , तुम पर ग़ज़ल कहूँ मैं थोड़ा प्यार दे दो! संग-संग हंसे और संग-संग रोंए दोनों मुझे भी अपने सुघर नेह की धार दे दो! सिवा तुम्हारे ना किसी का जिक्र करूँ मैं, अपनी चाहतों का अब ऐसा खुमार दे दो! है मुश्किल काम मोहब्बत को निभा पाना […]