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  • ख्वाब

    ख्वाब

    झूठे ख्वाबो को कोस रहा अपने मंसूबो को रोक रहा। देखता रोज ही ख्वाब वो अकेला कर रहा राज वो। अंधेरे का है मालिक वो ऊजाले का देखता ख्वाब वो। बचपन से करता आया संघर्ष वो...

  • एक सूरत

    एक सूरत

    आँखो में बसी एक सूरत हर पल देखने की तमन्ना करे थरथराटे होठों पर बस तेरा ही नाम धरे। वो महकती खूश्बू वो चहकती मुस्कुराहट आज भी नजरो के सामने खड़े जब कभी यादो के पन्ने...

  • नेताजी के गुण

    नेताजी के गुण

    शपथ संविधान का लेकर निभाना जरूर लोगो के लिए चकाचौंध दुनिया और रूतवा पाकर भूल न जाना अगले चुनाव के लिए। जन भावना है इससे जुडा हुआ आशाओं का घर घर वसेरा है बंद ऑखो में...

  • स्वार्थी मानसिकता

    स्वार्थी मानसिकता

    जैसा कि हम सभी जानते है पढ़ने से व्यक्ति की आलोचनात्मक चेतना  विकसित होती है, जिससे वह निजी और सामाजिक स्तर पर परिवर्तनकारी काम कर सकता है।अफसोस तब होता है जब लोग पढ़ने की प्रक्रिया को...

  • इसरो का शोर

    इसरो का शोर

    चाँद की नगरी में इसरो-इसरो का शोर पुरे ब्रह्माण्ड में इसरो का नहीं जोड़। चाँद की तस्वीर का अब तो नित दीदार करेंगे रोज नये चमत्कारो के लिए सब मिलकर प्रयास करेंगे। चाँद के रहस्मयी लोको...

  • ऐ चाँद तुम्हे पाएँगे

    ऐ चाँद तुम्हे पाएँगे

    कुछ दिनों का है अंधेरा पुनः उजाला लेकर आएगा इसरो का यान अवश्य चाँद पर तिरंगा लहरायेगा। तनिक भी न निराश डटे रहे है अपने प्रयोगो पर सफलता बहुत मिली और कुछ मिलना शेष हौसला है...

  • अटल सत्य

    अटल सत्य

    पता नही क्यो? कोई भा जाता आँखो के रास्ते दिल में समा जाता। पता नही क्यों? उसे दखते ही प्यार उमर जाता आँखे चमक जाती और होठ मुस्कुराता। पता नही क्यों? दिल की धड़कने बढ़ जाती...

  • कसम  तिरंगे की

    कसम तिरंगे की

    कसम  तिरंगे की वंचितो को अधिकार दिलाएँगे संविधान के सागर से सबको इंसाफ दिलाएँगे। कसम तिरंगे की वीरो की सपनों की खातिर अपनी जान की बाजी लगाएँगे आतंकबाद की छाती पर अब तिरंगा फहरायेंगे। कसम तिरंगे...

  • घाटी की रौनक लौटी

    घाटी की रौनक लौटी

    हमने जाना हमने पहचाना दिल को रखा आपके पास खुश रहो तुम सब और मनाओ हर्षोल्लास। घाटी की वादियाँ गुलजार होने लगी अमन चैन और मानवता बहाल होने लगी। केसर की कलियाँ गुलमोहर गुलजार है बच्चों...

  • मुस्कुराना सीखो

    मुस्कुराना सीखो

    ना होगी चिंगारी ना उठेगा धुआँ मुहब्बत की फिजाँ होगी और गूँजेगी वादियाँ। जन्नत ही जन्नत है जहाँ उसे पीछे रहना है कहाँ तरक्की की रोशनी फैलेगी खुशहाली आयेगी वहाँ। जंजीर से जकड़ी थी जहाँ लंबी...