कविता

अनोखा बंधन

बहन भाई का अनोखा प्रेम बंधन जिसे  कहते  है  सभी  रक्षा बंधन। धागा नहीं यह प्रेम विश्वास की डोर दोनो दो किनारे फिर भी प्रेम बडजोर। आशा निराशा का यह जीवन चक्र है फिर भी भाई बहन को कहाँ फर्क है। दोनो का स्नेह प्रगाढ़ यह संस्कृति है हम भारतवासी की यही शक्ति भी है। […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

भाई-बहन के अटूट समबन्ध को प्रगाढ़ बनाता -पवित्र धागे का पर्व रक्षाबंधन

सावन पूर्णिमा को मनाया जाने वाला रक्षाबन्धन पर्व पूरे भारतवर्ष में धूमधाम से मनाया जाता है। जो भाई बहन के पवित्र रिश्ते को और प्रगाढ़ करता है। यह पर्व एक पवित्र एहसास है ।जिसमें बहन भाई को एक धागा बाँध कर याद दिलाती है,  अपनी रक्षा की ।भाई भी वचन देकर यह सूत्र बंधवाता है, […]

कविता

बाढ़ की विभीषिका

आये जब यह बारिस का मौसम दिल बहुत घबराता रहता है मेरा मैं बिहार का अबला ग्रामीण हूँ बाढ़ की विभीषिका से नाता मेरा। यह बारिस अमीरो को शकून देती गरीबों के छप्पर को तो चूअन देती भींगते बदन और रोजी न रोजगार आशा में दिन निकला थम जा बरसात । नदियों में उबाल देख […]

राजनीति

बबूल के पेड़ में आम नही लगते – मौजूदा नीति तो यही कहते

बिहार एक ऐतिहासिक राज्य जहाँ भगवान बुद्ध, दानवीर कर्ण, चाणक्य, सम्राट अशोक और गुरूगोविंद सिंह जैसे महापुरुषों ने सींचा सँवारा था।वही बिहार आज बदहाली के दल दल में नित धँसता जा रहा इसका जिम्मेदार कौन? आकांक्षा थी कि सभी पढे,सभी का सम्मान हो, सभी एक समान विचारवान हो, सभी को रोटी, कपडा और मकान हो, […]

राजनीति

बांधों की संपोषण और बाढ़ राहत के कार्य सेना के हवाले किए जाएँ

सरकार के स्तर पर नीतियों में जब भी कमी दिखती है , आलोचना का दौर शूरू हो जाता है होना भी चाहिए।लेकिन राजनीतिक नीतियों की आज तक  आलोचना क्यों नहीं होती और न सुधार होता है ।आखिर यह कैसी व्यवस्था है?   जबकि राजनीतिक नीतियो में कई दोष मौजूद हैं । सरकार के ये दावे […]

कविता

तृष्णा

तृष्णा पाल रहा इंसान शरीफों का काम तमाम बौद्धिक  सुख  के  लिए इंसान खो रहा पहचान।। जात पात भेद भाव छल कपट द्वेष तृष्णा अंग अंग धारण कर जैसे हो इनका गहना।। वेद पुराण शास्त्र योग सबसे बड़ा बना भोग झूठ फरेव और लालच इंसान का है  बडा रोग।। —  आशुतोष

लघुकथा

लघुकथा – ज्यादा होशियार मत बनिए

मिसेज शर्मा और मिसेज वर्मा दोनों पड़ोसन के साथ साथ अच्छी मित्र भी  थी । एक दिन मिसेज शर्मा को किसी काम से बाहर  जाना था तो वह मिसेज वर्मा से अपने बेटे छोटू को देखते रहने को कहकर चली गयी। इधर छोटू खूब खेल रहा था। सामने से उड़ रही घूल उसके पूरे शरीर को गंदा […]

राजनीति

मजबूत नेतृत्व क्षमता का एक प्रमुख भाग है- कठोर निर्णय 

समावेशी नेतृत्व का अर्थ बड़ा ही व्यापक और संधर्ष करने वाला होता है,  जो संयम, धैर्य और सहनशीलता के साथ सबको समान भावना के साथ समावेश कर आगे बढ़ने को प्रेरित करे।जो खुद की नहीं  अपितु अपने संगठन अपने लोगो के आगे बढाने की सोच रखे वही नेतृत्व कहलाता है। सभी को समान अवसर मिले, […]

कविता

दुम दबा के ड्रैगन भागा

जिनको हमने दोस्त बनाया , वही पीठ पर भोके खंजर। जिनको हमने अपना माना उनके हाथ खून से लता पथ। देखो चीन पुनः सीमा पर, युद्ध करने के लिए आया है । भारत ने भी ठान लिया है , अक्साई भारत बनाना है ।। तम्बू गाड़े या बनाये बंकर , सब मिटा देंगे वीर बनकर […]

भाषा-साहित्य

लेखकों की “मन की बात” सुनिए सरकार

जबसे सोशल मीडिया का चलन बढ़ा है।हिन्दी लेखकों की बाढ़ सी आ गयी है ।यह एक अच्छी और सकारात्मक क्रेज के तौर पर उभर रहा है,  जिसमें कई अच्छे लेखक उभरे हैं।आज हर कोई सोशल साइट पर लिखने की कोशिश करता रहता  है।अखवारों ने अलग से पेज डाला है । कई रचनाकारों ने अपने जौहर […]