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  • कैसे हैं तुम्हारे हाल?

    कैसे हैं तुम्हारे हाल?

    भई और सुनाओ सुन्दर लाल कैसे हैं तुम्हारे हाल? मैं क्या बताऊँ भाई मेरे बस हाल तो हैं बेहाल! हमें तोड़ रही गरीबी है, कुछ लोग हैं मालामाल मैं क्या बताऊँ भाई मेरे बस हाल तो...

  • यौन कर्मी

    यौन कर्मी

    दिल्ली का चांदनी चौक रोज की तरह आज भी कुछ सनसनीखेज करने के चाह अपने अंतस में छिपाए अनिल कुमार निकल पड़े अपने दफ्तर की राह पर… दफ्तर उनके घर से लगभग 5 किलोमीटर की दूरी...


  • इंतज़ार बाक़ी है

    इंतज़ार बाक़ी है

    इंतज़ार… इंतज़ार इंतज़ार बाक़ी है. तुझे मिलने की ललक और खुमार बाक़ी है. यूँ तो बीती हैं सदियाँ तेरी झलक पाए हुए. जो होने को था वो ही करार बाक़ी है.   खाने को दौड़ रहा...

  • गिरवी

    गिरवी

    कॉलेज ख़त्म होने का आखिरी दिन, सभी लोग एक दूसरे से विदा ले रहे हैं. गले मिल रहे हैं. अपना फ़ोन नंबर बदल रहे हैं. एक दूसरे को भविष्य में न भूल जाने का प्रण ले...


  • भारतीय सेना को सलाम…

    भारतीय सेना को सलाम…

    बचपन से हम सुनते आ रहे हैं कि धरती का स्वर्ग है, कश्मीर. अपने सौन्दर्य के लिए विश्वविख्यात है, कश्मीर. जहां जिस नज़ारे को देखकर फिर कुछ याद नहीं रहता वो मनमोहक स्थान है, कश्मीर. पहाड़ों...


  • दुराचार के बाद की सच्चाई

    दुराचार के बाद की सच्चाई

    दुनिया भर में महिलाओं कि स्थिति को देखकर आज राष्ट्रकवि मैथलीशरण गुप्त द्वारा लिखी गई कविता “अबला जीवन तेरी यही कहानी, आंचल में है दूध और आंखों में पानी” याद आ गयी, कितनी प्रासंगिक लगती है...

  • मोहब्बत इक खजाना है!

    मोहब्बत इक खजाना है!

      के अक्सर सोचते है हम, मोहब्बत इक खजाना है. खजाना जब था मोहब्बत, जमाना वो पुराना है.   बदल रही है चाहतें, बदल रही है मोहब्बत. आज हर कोई दुनिया में, खुद में ही सयाना...