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  • लघुकथा – पुस्तकें

    लघुकथा – पुस्तकें

    “हिन्दी साहित्य का सम्मान उत्तम सृजन के लिये आपको मिला है! कैसा लग रहा हैं इस सम्मान को पाकर ? “मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा हैं इस  सम्मान को पाकर”! “मेरी माँ का बहुत बड़ा...

  • कहानी – बदलती पतवार 

    कहानी – बदलती पतवार 

    अजीब सी कसमसाहट सी थी। आज ! कितने बरस बाद फिर मैं आयी थी उस गाँव में। बरस बाद! हाँ लगभग बीस बरस बाद ! यादें फिर भी अभी तक  धुधँली न हुई । वही खपरैल से बना...

  • लघुकथा – आदत

    लघुकथा – आदत

    “सिस्टर क्या वो बयान देने की हालत में है”? सिपाही ने अस्पताल मे सिस्टर से पूछा । “सर चोट तो बहुत आयी है हालत बहुत खराब है, पर अभी -अभी होश आया है “। “तुमको  ज़रा...

  • लघुकथा – तुलसी का बिरवा

    लघुकथा – तुलसी का बिरवा

    “सुनीता कुछ पौधें मेरे  कार्यालय में भी लगाने है। जब मैनेजर को पता चला कि सुनीता  तुम्हारी नर्सरी  है, तो बहुत खुश हुए और बोले कि कुछ पौधें यहाँ कार्यालय मे भी लगवा दो और जल्दी ही...

  • जय माता दी

    जय माता दी

    जगत जननी आदिशक्ति तुम अम्बे मैया  भवानी जय जयकार सदा  रहे घर मेंं बसेरा तुम्हारा रखना सदा सलामत घर परिवार रखना रोशनी, मिटाना अन्धेरे मनोकामनाएं पूर्ण करती  सदा खुशी का सवेरा रहेगा हो रही  तेरी  मां...

  • संयुक्त परिवार

    संयुक्त परिवार

    जरा सोचो मेघना अपनी नाजो से पली चिरैया जिसे हमने सब सुख सुविधाओं के साथ पाला ,और अभी आगे भी तो पढना चाहति है । इतने बढे संयुक्त परिवार मे रह पाएगी ।वो भी बड़ी बहू...

  • ट्रैफिक  (लघुकथा )

    ट्रैफिक (लघुकथा )

    “अरे देखकर नही चलता !अन्धा है कया ?” क्या कहाँ तूने?”अरे अन्धा होगा तेरा बाप ! “चल गाड़ी से निकल !अभी देखता हूँ तुझे सा..! गाली किसे देता है! सड़क के बीच में कार ,मोटर साईकिल...

  • जय किसान

    जय किसान

    क्षितिज पर जब हो रही होती पैदाइश नए आदित्य की .. तड़के ही, कॉधे पर रख हल खेत की ओर चल पड़ता…. मन मेअसीम संभावनाओ को भर  ..हल चलाता  महनत  से … पसीना बहाता ,संग होता...