Author :

  • तुम्हारा चले जाना…..

    तुम्हारा चले जाना…..

    सोच रहा मन अकेलेपन की तन्हाईयों में कल और आज में कितना फर्क है कल तक जो मुहब्बत का दम भरता था आज मुंह फेर चला गया…. एकपल को मुड़कर भी नहीं देखा बस जाते-जाते दे...

  • ख्वाइश

    ख्वाइश

    मेरी ख्वाइश तेरी चाहत की हद से गुजर एक इबादत सी हो गई है !! तू जितना दूर है मुझसे मेरे दिल को उतना ही तेरे करीबी का सुकून है !! जिस्म तो राख का ढेर...

  • ख्वाइश…

    ख्वाइश…

    मेरी ख्वाइश तेरी चाहत की हद से गुजर एक इबादत सी हो गई है !! तू जितना दूर है मुझसे मेरे दिल को उतना ही तेरे करीबी का सुकून है !! जिस्म तो राख का ढेर...

  • अहसास तुम्हारा

    अहसास तुम्हारा

    न जाने क्यों?? आजकल अकेलापन भाने लगा है शायद ! इसकी वजह हो तुम वक्त के गुमसुम चेहरे पर अधखुली मुस्कान की छठा बिखेरती हुई तुम्हारी यादें….. और बीते लम्हों के गुदगुदाते एहसास तन्हाईयों के आवरण...

  • तुम्हारी मुहब्बत में….

    तुम्हारी मुहब्बत में….

    तुम्हारी मुहब्बत में…… एक किताब सी हो गई हूं मैं हर कोई देखकर चेहरा मेरा पढ़ लेता है हाले-दिल व्या….. बदले -बदले से अंदाज मेरे बेवजह हंसती मुस्कुराती हूं खोई-खोई सी रहती अपनेआप में होश हवास...

  • किताब….

    किताब….

    ऐ जिंदगी…. लिखूंगी तुमपर एक किताब हर एक कोरे पन्नें पर उकेरुंगी तेरे साथ बीते हर लम्हें का हिसाब ऐ जिंदगी… लिखूंगी तुमपर एक किताब कभी प्यार भरे मीठे प्रेमसिक्त एहसास तो कभी टकरार में आँसुओं...

  • जिंदगी….

    जिंदगी….

    जिंदगी पढ़ रही हूं तुम्हें किताबों की तरह…. हर दिन एक नया पन्ना कभी चुनौतियों से भरा तो कभी सरलता से जीवन पथ पर आगे बढ़ जाना कभी देती है तू उम्मीदों से भरा आसरा एक...

  • असहजता….

    असहजता….

    सहज नहीं प्रेम की व्याख्या ! जब भी चाहा मन अपने भीतर होती क्रियाओं प्रेम की दिव्य अनुभूतियों को शब्दों की लड़ियों में पिरो दूँ तब-तब असहजता के उद्दीपन जागृत हो उठे मन अशांत और अस्थिर...

  • भय….

    भय….

    सोचती हूं किसीदिन उन तमाम बातों को कविता में पिरोकर दूर कहीं फ़ेंक आऊं जो बार- बार स्मरण में आकर हलचल करती है और जिन्हें लिखने से डरता है मन क्योंकि कहीं न कहीं मूर्त या...

  • यादें…..

    यादें…..

    कभी कभी मन बीते दिनों की यादों में यूँ खोता चला जाता है जैसे मानो…. जेठ की तपती दोपहरी में बारिश की ठंडी बूंदों का अनुभव होना ओढ़ लेता है मन सिमटकर एहसास भरी यादों की...