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  • तन्हाई….

    तन्हाई….

    जब भी तन्हाई में होती हूँ वो नजर आता है निगाहें स्थिर हैं गति मंथर है धड़कनें सामान्य हैं जिंदगी रोजमर्रा की सी है जरा वक्त बैठी हूँ लॉन में अनायास ही वो नजर आता है...

  • प्रेम

    प्रेम

    बड़ी असमंजस सी हो गई है जिंदगी उनकी यादों में जैसे थम सी गई चाहत की हर आस उनसे जुड़ी वो दूर है फिरभी दिल के करीब हटता नहीं ख्याल एकपल भी मन गुम हो गया...

  • प्रेम….

    प्रेम….

    प्रेम अहसासों की बंधी एक डोर है रहो चाहे कहीं भी तुम मन खिंचा चला जाता वहीं जिसपर दिल फिदा है एक खास जज्बातों की छांव है प्रेम शीतल ठंडी हवाओं की छुअन स्पर्श करता अंतर्मन...

  • निर्भय कन्या….

    निर्भय कन्या….

    शक्ति अर्थात निर्भयता व प्रकाश शक्ति और कन्या एक दूसरे के पर्याय हैं जीवन की सार्थकता निर्भय और प्रकाश का संगम नारी शक्ति का साकार रूप हर स्त्री में आद्द्य शक्ति का भाव स्त्री प्रकृति तत्व...

  • विदाई….

    विदाई….

    बाबुल ये कैसी प्रथा जमाने ने बनाई ! जिस घर में पली-बढ़ी उस घर को छोड़ चली…. कैसे रह पाऊंगी मैं आप सब के बिन अकेली रह-रह के सताएगी याद घर आंगन की….. क्या आज हो...

  • कागज और कलम

    कागज और कलम

    कागज़ और कलम ************** ये कागज़ और कलम….. यही तो है अब जीवन जिनके साथ बांटती हूँ अपने ख़ुशी और गम वक़्त की फिसलती रेत पर छूट जाता अपनों का साथ उस दर्द के अकेलेपन को...

  • कविता….

    कविता….

    कविता किसी विधालय, महाविधालय में सिखाई-पढ़ाई नहीं जाती जब एक इंसान लेता है जन्म पैदा होता है तभी एक कवि- मन जैसे-जैसे बढ़ता है इंसान कविता भी कोपलित होती है पल्लवित होती है पुष्पित होती है...

  • वास्तविक कला

    वास्तविक कला

    भोग, विलास, आराम के साधन ये सब है आलस्य, आकर्षण के संसाधन सीमित साधनों संग है कलात्मक जीवन सुखद, सौहार्द्र, संतुष्टि होता है सफल जीवन विपरीत परिस्थितियों में भी, तटस्थ, पुरुषार्थ है जीवन सहज, सरल संतोष...

  • खेल….

    खेल….

    एक समय था जब जीवन बड़ा सरल था एक खेल सा था प्रैक्टिकल था हार जीत में जीवन का संगीत था रंग-बिरंगे जीवन, उतार-चढ़ाव था आज अहं का चढ़ रहा बुखार है किसी को स्वीकार नहीं...

  • तस्वीर…..

    तस्वीर…..

    बरसों से एक तस्वीर तेरी बसा रखी है दिल में बड़ी शोख, शरारत भरी सूरत आंखों में लम्हा-लम्हा बड़े जतन से सम्भाला है मैनें कतरा-कतरा जिंदगी में समेट रखा है मैनें यादों के करवा में खुद...