कविता

सुनो साथियो

सुनो साथियो रखना होगा संयम करना होगा भरोषा परिस्थितियां जो आज है कल नहीं होंगी मिटेगा दर्द जागेगीं खुशियां छटेगा दुख होगा सुख का सवेरा धीरज, धैर्य, मबोबल मत खोना तुम माना वक्त है कठिन परीक्षा का पर मिलकर जीत जाएंगे हम ये समय है दूरियों में नजदीकियां बढाने की दिल से गीले-शिक़वे मिटाने की […]

कविता

तपस्या

तपस्या एक साधना है जिसके माध्यम से जीवन को नियंत्रित निर्देशित व संयमित करते हैं बहुत आवश्यक है जीवन पथ पर तपस्या का महत्व अनावश्यक इच्छाओं जरूरतों से दूरी बनाए रखने के लिए जो मोह पाश के जाल में बांधती है तपस्या हमें सुदृढ और सोने सा निखारती है जिसके उपरांत हम अपने कर्मो, आदर्शों […]

कविता

तेरी यादें

तेरी यादें क्यों राख नहीं होती सुलगती चिंगारी बनकर दिल को तपाए रखती है ये यादें समझती क्यों नहीं वक्त बीत चुका है और हमदोनों के बीच अब फासले हैं जो शायद कभी भी नजदीकियों का रूप नहीं लेंगे एक निश्चिंतता मन में फैल चुकी है कि तुमसे नहीं कोई वास्ता दूर तलक दिल की […]

लघुकथा

हाफ डे लीव

राहुल सरकारी दफ्तर में नौकरी करते हैं. दिसम्बर का अंतिम महीना चल रहा था. राहुल की कुछ छुट्टियां बची हुई थी तो सोचा कि चलो ले लेते हैं वर्ना छुटियाँ बर्बाद ही हो जाएंगी…. …और इसी बहाने परिवार के साथ पूरा दिन साथ रहने का मौका भी मिलेगा खाना पीना और मस्ती होगी.. राहुल ने […]

कविता

वादा

सोचती हूं कितना छोटा सा शब्द है ये “वादा” पर इसका वजूद साँसों की अंतिम छोर तक…… कितने तरह के वादे होते हैं प्रेम का वादा दोस्ती का वादा रिश्तों का वादा प्रकृति का वादा और न जाने कितने तरह- तरह के वादे हर दिन हजारों की तादात में वादे लेते हैं जन्म और फिर […]

कविता

कविता

जब से मन के कोमल परतों को प्रेम की गुलाबी पंखुरियों ने स्पर्श किया है एहसासों की मनमोहक हवाएं हृदय को छूकर रोम -रोम में बहने लगी है शिराएं खुलने लगी है एक -एक कर मन की इच्छाओं की एक उजास प्रेम का प्रस्फुटित होने लगा है मन के संसार में भाव पलने लगे दिल […]

कविता

कविता

छूट जाते हैं समय की आंधी में कुछ सम्बन्धों से साथ पर जो नहीं छूट पाता वो है उसमें निहित मोह मन अकारण ही उसे याद करता और मौजूदा वक्त पराया सा लगने लगता मन अशान्त खोया-खोया सा रहता उसकी कमी वक्त के हर लम्हें में खालीपन भर देता कोई अर्थ नहीं उन सम्बन्धों के […]

कविता

कविता

वो वादे याद है न तुम्हें जिसके पूरे होने के इंतजार में समय का एक-एक लम्हा कितनी बेताबी से जिया है मैनें तुमसे मिलन की उम्मीदों को दिल के आईने में सजाकर किया श्रृंगार प्रेम के चटक रंगों से तन के पोर-पोर में समाई तेरे एहसासों की छोटी सी छोटी आहट नहीं था कोई बस […]

सामाजिक

महिला सशक्तिकरण

महिला सशक्तिकरण! आज इसी परिवेश के हिस्सा हैं हमसब.. आज से कई सालों पहले तक महिलाओं पर अनेक जुल्म किए जाते रहे थे… उन्हें उनके आजादी से वंचित रखा जाता था ताकि, महिलाएं अपनी मनमर्जी न कर सकें और सदैव पुरुषों के अधीन होकर रहने को विवश रहे. जिससे कि समाज में पुरुषों का वर्चस्व […]

कविता

यादें…..

सुनो ! तुम्हारी यादें कहाँ सहज होती है जो याद आएं और भूल जाएं ये तो तूफान और सुनामी लाती है और क्या ! असहज कर देती है मुझे टूटने लग जाता है फिर मेरा वास्तविकता से नाता…. भूल जाती हूँ पलभर के लिए सबकुछ बस तुम ही तुम होते नजर में भावनाएं जुड़ने लग […]