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  • जीवनसाथी….

    जीवनसाथी….

    मेरे जीवन के हसीन पन्नों पे रंग बिरंगे स्याहियों की सौगात हो तुम….. जो मिट न सके कभी दिल की दीवारों से ऐसी अमिट चाहत की छाप हो तुम….. वक्त का कोई लम्हा…. गुजरता नहीं तुम्हारे...

  • यादें….

    यादें….

    कचोटता है मन मेरा अंदर से खासकर पर्व त्यौहार के मौके पर अकस्मात ही ! याद आ जाती है माँ पापा की उनके ममत्व का सान्निध्य। मन में उल्लास भर देता था हर छोटी -बड़ी खुशियों...

  • प्रेम…

    प्रेम…

    तुम्हारे मेरे बीच उठती अहसासों की सुगन्ध आहिस्ता-आहिस्ता देर रात की जलती…. मद्धिम रौशनी की भाँति दिल के मध्य, धुरी के इर्द-गिर्द सूक्ष्मता से सदृश्यता की ओर बढ़ती जा रही…. और, ले रही, एक अदृश्य-सा “प्रेम”...

  • संवाद…

    संवाद…

    जरूरी नहीं तन्हाईयों का होना भीड़ में भी संवाद करता है मन अपनेआप से हर पल एक मौन स्वर शब्द बनकर देता है आवाज पसरे मन के विलुप्त घेरे में अनगिनत हजारों अच्छे बुरे ख्याल लेते...

  • इंतजार….

    इंतजार….

    कितना इंतजार है मेरे प्यार में….. ये तुम क्या जानो पल-पल जी रही हूँ तुम्हारी यादों में….. पर अब अच्छा नहीं लगता यूँ तुम्हारे ख्वाबों में जीना हकीकत हो तुम मेरी जिंदगी के…. लौट आओ न...

  • प्रेम…

    प्रेम…

    मेरे जीवन के हसीन पन्नों पे रंग भरी स्याहियों की सौगात हो तुम…… जो मिट न सके कभी दिल की दीवारों से ऐसी अमिट चाहत की छाप हो तुम….. वक्त का हर लम्हा मेरा मुस्कुराता है...

  • बचपन….

    बचपन….

    यादें कहाँ थमने का नाम लेती है समुंद्री लहरो की भाँति उफनती ही रहती है तभी तो वर्षो पीछे छूटकर रूठ गया बचपन पर आज भी वो नटखट शरारत भरी यादें याद आते ही दिल को...

  • किताब…

    किताब…

    सुनो ! सहेजकर रखना मेरी इन किताबों को मैं रहूं न रहूं इस दुनिया में मेरी यादे सदा रहेगी जिन्दा इनमे जब कभी तुम खोलोगे इन्हे मेरी खुशबु अहसास बनकर बिखर जाएगी तुममे मैं मरकर भी...

  • स्वप्न

    स्वप्न

    एक स्वप्न अंतहीन मृगतृष्णा की जीवन से परे की दुनिया रौशनी का नामोनिशां नहीं चहुंओर, वर्चस्व है अँधेरे का…. भागना चाहता है मन तत्पर कदम मुड़े पीछे की ओर पर निकलूं किधर से? कोई रास्ता नजर...

  • छलावा…..

    छलावा…..

    जीवन ! एक छलावे से ज्यादा और कुछ नहीं सच्चाई तो मौत में है जो सबको एक न एक दिन आनी है मृगतृष्णा सी ये जिंदगी इतना लुभाती है हर किसी को प्रत्येक जीव आकर्षित है...