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  • प्रेम….

    प्रेम….

    सुनो ! समझो ना होने लगा है प्यार तुमसे गहराता जा रहा दिनों दिन हर एक लम्हा प्यार का रिश्ता नहीं रिश्ता नहीं एक रूहानी एहसास पास नहीं तुम मेरे फिरभी जी रही हूँ तुम्हारी यादों...

  • प्यार….

    प्यार….

    कुछ तो हो रहा दिल में एहसास ऐसा जैसे हुआ था पहली मुहब्बत का पर तुम मेरा प्यार नहीं फिर भी दिल तुम्हारी ओर खिंचता जा रहा अजीब राहों पर चक पड़ा है दिल प्यार मुकम्मल...

  • रिश्ते…..

    रिश्ते…..

    माँ बाप मरते हैं.. तो, सिर्फ वे ही नहीं मरते; उनके साथ-साथ , कई रिश्तों की भी मौत हो जाती है। धूमिल हो जाते हैं, धीरे-धीरे; अपनेपन के मधुर रिश्ते, मोतियों से झरझराते लफ्ज, बेरुखी के...

  • मुहब्बत…..

    मुहब्बत…..

    कोशिशें तो बहुत की हमने तुमसे दूर चले जाने की पर इसकदर तुम्हारी चाहत में मजबूर हुए चाहकर भी दुरी बना न सके सहते रहे सारे सितम तुम्हारे फिर भी, चाहत का चराग़ दिल से बुझ...

  • ताला….

    ताला….

    क्या मैं ज़िंदा हूँ ! मन में आता है यही ख्याल बार-बार क्या सांसों का चलना दिल का धड़कना ही जिन्दा होना है ! पर उन इच्छाओं, ख्वाइशों तमन्नाओं का क्या ? जो उम्र के साथ...

  • हादसे…..

    हादसे…..

    जिंदगी के कुछ हादसे,,, जिंदगी से ! जिंदगी छीन लेते हैं बस ! रोता रह जाता इंसान,,, सर झुकाए बदहवास हालत के आगे घटनाएं इसकदर ! चोट करती है जीवन पर,,, दुबारा ! उठकर चलने की...

  • दर्द….

    दर्द….

    अंतर्मन के कोने में न जाने कितनी ही दर्द भरी सिसकियाँ सुबकती है खामोशी से बचपन से लेकर ढ़लती उम्र तक जख्मों के घाव इतने हरे कि आज भी टीस बनकर चुभती है कुछ घटनाएं जिंदगी...

  • मुहब्बत….

    मुहब्बत….

    जितना समेटता है दिल मुहब्बत के एहसासों को; उतना ही बिखरता जाता ! तोड़के सारे हदों का किला तेरी ओर खीचा चला जाता; ये कैसा ! प्रेम गुरुत्वाकर्षण जिस्म तो स्थिर है पर रूह ! बेगाना...

  • सावन…

    सावन…

    ये मौसम ! न जाने कौन सा रंग लाई बहारों में…. सावन की रिमझिम फुहार पर यूँ लगता है जैसे ! आसमान में छाई….. मनहूसियत उदासी की काली घटाएं….. शायद, वजह हो तुम ! वीरान उजड़ा...

  • माता-पिता

    माता-पिता

    मेरे लिए तो… हर दिन ही मातृ- पितृ दिवस! पलभर के लिए भी ये दोनों ओझल नहीं होते मेरी यादों से…. लेकिन, फिरभी.. जब भी ! किसी खास दिन कानों में गूंजता है मातृ, पितृ दिवस...