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  • प्रेम

    प्रेम

    प्रेम नहीं समझता शब्दों का चलन ये तो व्यवहारों को महसूसता है दिल से पढ़ता है एहसासों को और जज्बातों से गढ़ता, प्रेम का ताजमहल खामोश मन की गहराई में तैरती उत्तेजनाओं की लहरों को हृदय...

  • स्वार्थ

    स्वार्थ

    आगे बढ़ने की होड़ में बेकाबू हो गए हैं हम दब गई कहीं मानवता स्वार्थ की बढ़ी कतार एकदूसरे के प्रति ईष्याभाव ने बढाया है अपना तेज कदम लाँघकर आदर, सम्मान का दायरा कटु स्वर से...

  • मन

    मन

    काश ये मन न होता तो तेरा ख्याल भी न होता कितना रोकती हूँ इसे फिरभी तेरी ओर चला जाता और फिर शुरू होता तेरी यादों का सिलसिला पन्ना दर-पन्ना खुलता है तुम्हारे साथ बिताए पलों...

  • एहसास

    एहसास

    तुम्हारे इंतजार में थोड़ा नमकीन सा मिठास है.. ये कैसा एहसास है… जैसे जैसे वक्त सरकता है भीतर हराहट सा महसूस होता है.. आंखों में शरारत सी चमकती है.. इंतजार के इन पलों में खूबसूरत लम्हों...

  • प्रेम….

    प्रेम….

    ये दिल की आदतें कैसी है बार-बार चोट खाती फिरभी दिल लगाती है दर्द से गहराया है मन का कोना-कोना तब भी उसी का नाम ले चीखती है फिक्र कर मेरी….. प्रेम के घेरे में बांध...

  • श्रृंगार…

    श्रृंगार…

    श्रृंगार! श्रृंगार दर्पण है व्यक्ति का, उसके व्यक्तित्व का निखार आता है श्रृंगार से आकर्षण है श्रृंगार में वसंत ऋतु का आगमन प्रकृति रंग-बिरंगे पुष्पों और भांति-भांति के पर्णों/पत्तों, लताओं से करते हैं प्रकृति का श्रृंगार...

  • तन्हाई….

    तन्हाई….

    जब भी तन्हाई में होती हूँ वो नजर आता है निगाहें स्थिर हैं गति मंथर है धड़कनें सामान्य हैं जिंदगी रोजमर्रा की सी है जरा वक्त बैठी हूँ लॉन में अनायास ही वो नजर आता है...

  • प्रेम

    प्रेम

    बड़ी असमंजस सी हो गई है जिंदगी उनकी यादों में जैसे थम सी गई चाहत की हर आस उनसे जुड़ी वो दूर है फिरभी दिल के करीब हटता नहीं ख्याल एकपल भी मन गुम हो गया...

  • प्रेम….

    प्रेम….

    प्रेम अहसासों की बंधी एक डोर है रहो चाहे कहीं भी तुम मन खिंचा चला जाता वहीं जिसपर दिल फिदा है एक खास जज्बातों की छांव है प्रेम शीतल ठंडी हवाओं की छुअन स्पर्श करता अंतर्मन...

  • निर्भय कन्या….

    निर्भय कन्या….

    शक्ति अर्थात निर्भयता व प्रकाश शक्ति और कन्या एक दूसरे के पर्याय हैं जीवन की सार्थकता निर्भय और प्रकाश का संगम नारी शक्ति का साकार रूप हर स्त्री में आद्द्य शक्ति का भाव स्त्री प्रकृति तत्व...