गीत/नवगीत

स्वातन्त्र्य वीर सावरकर

नमन तुम्हें हे राष्ट्रपुरुष,शत कोटि निवेदित प्रणाम तुम्हें भारत के हे मानबिंदु, जीवन से ऊंचा सम्मान तुम्हें। आजादी के अग्रदूत स्वातंत्रय वीर सावरकर हैं मातृभूमि के अमर सपूत स्वातंत्रय वीर सावरकर हैं कोटि कोटि हृदयों में बसते स्वातंत्रय वीर सावरकर हैं राष्ट्रभक्त की हर ज्वाला में स्वातंत्रय वीर सावरकर हैं। मातृभूमि की स्वतंत्रता हेतु, होम […]

गीत/नवगीत

हिंदी की बिंदी

हिंदी की बिंदी लगे बिना, पूरा श्रृंगार नही होगा। बिन हिंदी के भारत कभी वैभवसम्पन्न नही होगा। अंग्रेजियत को दूर करो, निज भाषा को अपनाओ, स्वाभिमान से उठो भरत पुत्र, हिंदी को अपनाओ। परतन्त्रता को दूर भगाओ, हिंदुस्थान की माटी से, हिंदी की वैज्ञानिकता लाओ भारत की परिपाटी से। तंत्र स्वदेशी, मन्त्र स्वदेशी, भाषा, भजन […]

गीत/नवगीत

चांद के पार चलो

चांद के पार चलो, चांद के पार चलो, चलो – चलो अब चांद के पार चलो। चांदनी मचल रही, चांद को निहार कर, यामिनी लहर रही, राग तान-तान कर। कीर्ति है बुला रही, इसरो को ताक कर, फिर उठो झूम झूम, चन्द्रयान टू चलो चांद के पार चलो, चांद के पार चलो, चलो – चलो […]

भजन/भावगीत

हे केशव

हे केशव, हे मधुकर, हे कृपासिंधु देवकीनंदन, हे मुरलीधर, हे श्रीकृष्ण है तुमको शत बार नमन। भारत भू के नायक हो तुम, अखिल विश्व के पालक हो, मानवता के प्रतिपालक हो तुम, दुष्ट दलों के संहारक हो प्रेम पन्थ के उन्नायक हो तुम, करुणा, दया के सागर हो वीरों में वीर शिरोमणि हो तुम, तीनों […]

गीत/नवगीत

मां

मां बस एक शब्द नही, यह जीवन की संजीवनी है मां जग में सुंदर सपनों की, नई कीर्ति अभिलाषा है। मां केवल जननी नही मात्र, वह तो दुर्गा, शक्ती, देवी है, मां प्रेम, वात्सल्य की मूर्ति नही, साक्षात ब्रम्ह स्वरूपा है मां जीवन की बागडोर है, मां बच्चों के मन की भाषा है। मां जग […]

गीत/नवगीत

उठो आर्य

उठो आर्य के श्रेष्ठ मनुज, अपना अंतर्मन खोलो भारत के भवितव्य आज, अपने मुख से तो बोलो। तुम राम कृष्ण के वंशज , राणा प्रताप की शान हो, मां दुर्गा के शक्ति उपासक, सीता सावित्री के लाल हो। भारत मां के अमर सपूत , क्यों भूल गए हो अपने को? नैतिकता का क्षरण हो रहा, […]

कविता

व्यथा

एक दिन दोपहर मैं चला जा रहा था, सूनसान पतला सा पगडंडी रास्ता था। अचानक मेरे कानों में आवाज आई, पलट कर देखा तो दिखी एक बूढ़ी माई। मैं बोला कहो क्या बात है मैय्या, वो बोली मैं क्या पीड़ा बताऊं भैय्या। मैने पूंछा कौन हो? कहाँ घर है तुम्हारा?, इस चिलचिलाती धूप में क्या […]

गीत/नवगीत

लोकतंत्र

लूट न जाये देश कहीं, दुश्मन के रँगे हांथों में। लोकतंत्र के सजग प्रहरियों इतना रखो ध्यान में।। पांच वर्ष की बात नही है, बात है देश के अभिमान की भूँखा, नंगा कोई नही हो, इज्जत हो सेना और किसान की। गांव, नगर में खुशहाली हो, ध्यान करो मतदान में। लोकतंत्र के………… शिक्षा, स्वास्थ्य रोजगार […]

गीत/नवगीत

होली आई रे

होली आई , होली आई , होली आई रे, रंग गुलाल सभी मिल खेलो, होली आई रे। अपनों को गले लगाओ, औरों उसे भी प्रीति करो। कपट द्वेष सब दूर भगाओ, समरसता निर्माण करो। सरल शुलभ बन जाओ भाई, स्नेह सुधा रस घोलो रे। होली आई, होली आई, होली आई रे…… मंगल गीत मनोहर गाओ, […]

गीत/नवगीत

वसन्त गीत

आया वसन्त, आया वसन्त, वसन्त ऋतु आई। धरती धानी, अम्बर नीला, रंग विरंगी ऋतु आई।। मोर पपीहा नाच रहे हैं, चिड़ियाँ चहक रही हैं। घर-घर मे मधु गीत बज रहे, गूंज रही है शहनाई। आया वसन्त आया…………. हरे भरे हैं वृझ झूमते, सबको सुगन्ध हैं देते। खेत खलिहान में धूम मचा रही, हो रही होली […]