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  • हमको शंकर बनना होगा

    हमको शंकर बनना होगा

    आखिर कब तक मौन रहें , हमको शंकर बनना होगा। चन्द पटाखे जो छोड़ रहे, उनपर तांडव करना होगा। चुन चुन कर मार गिराना है, हर शातिर शैतान को नक्सा नया बनाना होगा, फिर से हिंदुस्तान...

  • एक स्थान यह भी-

    एक स्थान यह भी-

    श्री रामजानकी मन्दिर (धनुष यज्ञ) हरदोई जनपद के सण्डीला तहसील के अंतर्गत कल्याणमणि ग्राम में स्थित यह स्थान नैमिषारण्य के ८४ कोसीय परिक्रमा मार्ग में आता है। इसी स्थान से दक्षिण दिशा में २ किलोमीटर की...


  • मंदिर भव्य बनाएंगे

    मंदिर भव्य बनाएंगे

    श्री राम अवध पुर आएंगे हम मंदिर भव्य बनाएंगे।। चलो अयोध्या सब मिल आएं, राम नाम का मंत्र जगाएं। बहुत हो चुकी राजनीति , बहुत हो चुकी मनमानी ।। नहीं सहेंगे और अधिक हम मंदिर भव्य...

  • आओ मनाएं दिवाली

    आओ मनाएं दिवाली

    अंधकार को दूर भगाकर जग रोशन करना होगा। द्वेष, भावना, तमस हटाकर सब को गले लगाना होगा।। रामराज्य के स्वागत का अबतो शंख बजाना होगा। राष्ट्र भक्ति का भाव जगाकर मधुमय दीप जलाना होगा।। ड्रैगन की...

  • हिंदी की व्यथा

    हिंदी की व्यथा

    विश्व में प्रचलित भाषाओं में संस्कृत को छोड़कर सबसे प्राचीन हिंदी भाषा है। हिंदी भाषा वैज्ञानिक भाषा है। हिंदी साहित्य दुनिया का सबसे श्रेष्ठ साहित्य है।भारतवर्ष की मातृभाषा है। १४ सितंबर १९४९ को हिंदी को भारत...

  • आरक्षण का दंश

    आरक्षण का दंश

    प्रेम शब्द की परिभषा बदली नयनों की भी भाषा बदली अधरों पर कुछ और राग है जीभ कहे कुछ और आग है संसद में तुम करो कोलाहल व्यथित हृदय सहराऊं मै आरक्षण की तुम करो प्रसंसा...

  • हे शिव शंकर

    हे शिव शंकर

    हे ! शम्भू हे! शिव शंकर, हे! कैलाशी हे! महादेव। हे!श्रवण मास के शुभदेवता, है तुमको आज प्रणाम निवेदित। आओ हृदय में निवास करो, भारत का कुछ कल्याण करो। दूर हतासा अंधकार हो, सुंदर सुखमय जन...

  • स्वाभिमान

    स्वाभिमान

    मैं चारण और भाट नहीं हूं, जो दरबारों में शीश झुकाऊं। मैं सच को कहता लिखता हूँ, चाटुकारिता को न मैं अपनाऊँ। कभी नही मैं लिख सकता हूँ, झूंठी प्रसंसा को गीतों में। कभी नही मैं...