इतिहास

स्वामी विवेकानंद के सपनों को साकार करने की आवश्यकता:- स्वामी विवेकानंद जी की जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में हमारे देश में मनाया जाता है। वो युवाओं के लिए सच्चे आदर्श हैं। वे पीढ़ियों-पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत हैं और रहेंगे। महान व्यक्तित्व के धनी लोगों के जीवन से हरपल और हरदम […]

गीत/नवगीत

गीत

बस्ती-बस्ती में मैं घूमा, सुबह छपा अखबार में। कहीं प्रसंसा, तो मिली कहीं पर गालियां, कहीं चना तो मिली कहीं पर रोटियां, जैसे-तैसे राह गुजारी नही गया दरबार में भारत माता की पूजा ही, है मेरे आधार में बस्ती-बस्ती में मैं घूमा, सुबह छपा अखबार में।।१।। नींद बेंचकर स्वप्न खरीदा, स्वप्न बेंचकर राहें सौदा कोई […]

सामाजिक

मानसिक गुलामी

स्वतंत्रता के इतने दशक बीत जाने के बाद भी भारत की तरूणाई आज भी वैचारिक, मानसिक, भौतिक गुलामी को नही छोड़ पा रही है। जिस भारत मे केवल २ प्रतिशत से भी कम ईसाई समुदाय के लोग रहते हों और ७५ प्रतिशत लोग सनातन संस्कृति को जीने वाले लोग जब वैचारिक गुलामी को धारण किये […]

गीत/नवगीत

हम किसान के वंशज हैं…

हम किसान के वंशज हैं, देखो कितने दर्द सहे हैं।। पेट मैं भरता सभी का, छोड़ अपनी ख्वाहिशों को। रात-दिन कर एक सारा करता नमन मैं भूमि को।। न जाने कितनी पीड़ाएं झेली न जाने कितने वज्र सहे हैं अन्न उगाने की खातिर मैने न जाने कितने द्वंद सहे हैं।। हम किसान के वंशज हैं, […]

गीत/नवगीत

मंज़र हैं यहां तबाही के

मंज़र हैं यहां तबाही के। फंसी हुई दुनिया कैसे अपने ही पांसों में एक वायरस टहल रहा आदमी की सांसों में कितने खौफ़नाक मंज़र हैं यहां तबाही के। हर ओर जहां सन्नाटा है हर रोज फासले बढ़ते हैं हर रोज मौतें बढ़ रहीं हैं हर ओर दुख के काफिले है कैसी महामारी चली पांव थम […]

राजनीति

सर्वसुलभ व गुणवत्तापूर्ण हो शिक्षा

भारत की ज्यादातर आबादी आज भी गांवों में बसती है इसलिए भारत में ग्रामीण शिक्षा का विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है। ‘शिक्षा की वार्षिक स्थिति पर रिपोर्ट’ नाम के सर्वे से पता चलता है कि भले ही ग्रामीण छात्रों के स्कूल जाने की संख्या बढ़ रही हो पर इनमें से आधे से ज्यादा छात्र दूसरी कक्षा […]

कविता

श्री राम

श्री राम आदि हैं अनन्त हैं श्री राम प्रभात हैं साम हैं श्री राम ब्रह्म हैं तत्व हैं श्री राम चैतन्य हैं चिरन्तन हैं श्री राम अभिव्यक्ति हैं अभिवादन हैं श्री राम सम्बोधन हैं समष्टि हैं श्री राम ज्ञान हैं विज्ञान हैं श्री राम मर्यादा हैं मान हैं श्री राम प्रकृति हैं चेतन हैं श्री […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

भगवान श्री राम राष्ट्र के आधार सेतु हैं

५७० वर्षों के बाद आज वह पुण्य दिन आ रहा है जब भारतवर्ष के जन-जन के आराध्य भगवान श्री राम का भव्य मंदिर निर्माण का कार्य हो रहा है। यह भारत का स्वर्ण काल है। भगवान श्रीराम केवल मर्यादा पुरुषोत्तम ही नही अपितु राष्ट्र की संस्कृति, सभ्यता, सम्बोधन, समन्वय अभिव्यक्ति, अभिवादन के पर्याय हैं। भारतीय […]

राजनीति

पुनः मजदूरों का न हो पलायन

वर्तमान स्थिति को देखते हुए भारत एक नए मोड़ पर खड़ा दिखाई देता है। जहाँ उसे एक ओर इस महामारी से लड़ना है वहीं दूसरी ओर भारत की डगमगाती अर्थ व्यवस्था को सुधारने की जरूरत है। सभी प्रकार के कल कारखाने एक प्रकार से बंद की स्थिति में हैं। कारखानों को चलाने वाले मजदूर भारी […]

गीत/नवगीत

नववर्ष तुम्हारा स्वागत है

हे सृष्टि के प्रथम दिवस! नववर्ष तुम्हारा स्वागत है बीत गया है वर्ष पुराना नूतन की तैयारी है जो बीता जैसा बीता स्वर्ण समय की बारी है मातृभूमि हमारी भगवन, जग में निर्मल परिभाषित है नव वर्ष तुम्हारा……. मन को दृढ़ निश्चय कर आशाओं का संकल्प करें प्रथम दिवस की प्रथम किरण प्रगति मार्ग को […]