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  • हिंदी की बिंदी

    हिंदी की बिंदी

    हिंदी की बिंदी लगे बिना, पूरा श्रृंगार नही होगा। बिन हिंदी के भारत कभी वैभवसम्पन्न नही होगा। अंग्रेजियत को दूर करो, निज भाषा को अपनाओ, स्वाभिमान से उठो भरत पुत्र, हिंदी को अपनाओ। परतन्त्रता को दूर...

  • चांद के पार चलो

    चांद के पार चलो

    चांद के पार चलो, चांद के पार चलो, चलो – चलो अब चांद के पार चलो। चांदनी मचल रही, चांद को निहार कर, यामिनी लहर रही, राग तान-तान कर। कीर्ति है बुला रही, इसरो को ताक...

  • हे केशव

    हे केशव

    हे केशव, हे मधुकर, हे कृपासिंधु देवकीनंदन, हे मुरलीधर, हे श्रीकृष्ण है तुमको शत बार नमन। भारत भू के नायक हो तुम, अखिल विश्व के पालक हो, मानवता के प्रतिपालक हो तुम, दुष्ट दलों के संहारक...

  • मां

    मां

    मां बस एक शब्द नही, यह जीवन की संजीवनी है मां जग में सुंदर सपनों की, नई कीर्ति अभिलाषा है। मां केवल जननी नही मात्र, वह तो दुर्गा, शक्ती, देवी है, मां प्रेम, वात्सल्य की मूर्ति...

  • उठो आर्य

    उठो आर्य

    उठो आर्य के श्रेष्ठ मनुज, अपना अंतर्मन खोलो भारत के भवितव्य आज, अपने मुख से तो बोलो। तुम राम कृष्ण के वंशज , राणा प्रताप की शान हो, मां दुर्गा के शक्ति उपासक, सीता सावित्री के...

  • व्यथा

    व्यथा

    एक दिन दोपहर मैं चला जा रहा था, सूनसान पतला सा पगडंडी रास्ता था। अचानक मेरे कानों में आवाज आई, पलट कर देखा तो दिखी एक बूढ़ी माई। मैं बोला कहो क्या बात है मैय्या, वो...

  • लोकतंत्र

    लोकतंत्र

    लूट न जाये देश कहीं, दुश्मन के रँगे हांथों में। लोकतंत्र के सजग प्रहरियों इतना रखो ध्यान में।। पांच वर्ष की बात नही है, बात है देश के अभिमान की भूँखा, नंगा कोई नही हो, इज्जत...

  • होली आई रे

    होली आई रे

    होली आई , होली आई , होली आई रे, रंग गुलाल सभी मिल खेलो, होली आई रे। अपनों को गले लगाओ, औरों उसे भी प्रीति करो। कपट द्वेष सब दूर भगाओ, समरसता निर्माण करो। सरल शुलभ...

  • वसन्त गीत

    वसन्त गीत

    आया वसन्त, आया वसन्त, वसन्त ऋतु आई। धरती धानी, अम्बर नीला, रंग विरंगी ऋतु आई।। मोर पपीहा नाच रहे हैं, चिड़ियाँ चहक रही हैं। घर-घर मे मधु गीत बज रहे, गूंज रही है शहनाई। आया वसन्त...

  • हमको शंकर बनना होगा

    हमको शंकर बनना होगा

    आखिर कब तक मौन रहें , हमको शंकर बनना होगा। चन्द पटाखे जो छोड़ रहे, उनपर तांडव करना होगा। चुन चुन कर मार गिराना है, हर शातिर शैतान को नक्सा नया बनाना होगा, फिर से हिंदुस्तान...