गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

सत श्री अकाल ओ चाचा । क्या है तेरा हाल ओ चाचा । किधर चला है किधर से आया, मस्त बड़ी है चाल ओ चाचा । ठाठ जवानी तीरों जैसी, मगर बुढ़ापा ढ़ाल ओ चाचा । बारिश भांति आंसू गिरते, किस का पास रूमाल ओ चाचा । इतने मीठे सुर में गाते, वाह बहुत कमाल […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

भारत की पहचान बनाती है साडी। नारी को धनवान बनाती है साडी। राधा कृष्ण स्वरूप सुशोभित मन्दिर में, प्रिय दर्शन भगवान बनाती है साडी। कृष्ण करें सुरक्षा जब भी द्रौपदी की, जीवन को कुर्बान बनाती है साडी। अहल्या का जीवन भी अज़ब कहानी है, चरित्र का निर्माण बनाती है साडी। दैहिकता का रूप बिके जब […]

इतिहास

गुरूद्वारा घल्लुघारा साहिब, जहां ख़ालसा ने विजय प्राप्त की थी

गुरदासपुर से लगभग सात किलोमीटर की दूरी पर स्थित है यह प्रसि( ऐतिहासिक गुरूद्वारा घल्लुघारा साहिब। इस गुरूद्वारे को जाने के लिए कई रास्ते सम्पर्क बनाते हैं। गुरदासपुर से सिध्वां, मान चोपड़े से गांव कोटली सैनियां होते हुए सीध घल्लुघारा गुरूद्वारे को रास्ता पहुंचता है, जो लगभग आठ किलोमीटर पड़ता है। तिबड़ी कैंट से पुराना […]

इतिहास

प्रसिद्ध-प्राचीन ऐतिहासिक शंकराचार्य मन्दिर श्रीनगर, कश्मीर

शंकराचार्य मन्दिर श्रीनगर से 4 किलोमीटर दूर एक पहाड़ी की चोटी पर दर्शनीय स्थान है। यह मन्दिर श्रीनगर के प्रत्येक भाग से देखा जा सकता है और इसकी ऊंचाई 1000 फुट है। इस मन्दिर की चोटी से सारा श्रीनगर (कश्मीरद्) नज़र आता है। दूर-दूर पहाड़ियों के बीच तथा डल झील की भव्यता तथा विशालता को […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

एक से अगर अनेक बंदा हो जाए। पानियो का वेग बंदा हो जाए। मालियों की मेहरबानी चाहिए फूलो वाली वेल बंदा हो जाए। गर मदारी के चुगल में आ जाए डुगडुगी का खेल बंदा हो जाए। फिर कोई दुषमन ना कोई मित्र है सूरजो का सेक बंदा हो जाए। बंद पडी म्यान से फिर निकल […]

गीत/नवगीत

गीत – वर्तमान

नएं रंग हैं नएं ढंग हैं नएं नियमों की बस्ती है। नएं प्रयोग परिवर्तन में यह कस्मों की बस्ती है। नएं हैं भाव दृष्टिकोण का आगाज बढिय़ा है। कि उड़ते बाज के पँखों में तो परवाज बढिय़ा है। यह शिष्टाचार श्रद्धा प्यार एंव कदरों की बस्ती है। नएं रंग हैं नएं ढंग हैं नएं नियमों […]

कहानी

दीया जलता रहने दे

पारो तीन बहने थीं। पारो सब से छोटी। भोली भाली सी खूबसूरत। जैसे कुदरत ने काएनात का सारा हुसन उसमें ही उढेल दिया हो। वर्षा के पानी की तरह स्वच्छ-पवित्र पारो की साधारण शख्सियत को देखकर सच भूख उतरती। सुन्दर लड़की थी पारो। गरीबी में रोटियां खाकर बड़ी हुई पारो को भगवान ने झोलियां भर […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

रूठे-रूठे यार मना कर आया हूँ। दरिया ऊपर पुलबना कर आया हूँ। गुलशन को है मेरे पर इतराज़ बहुत, काँटों को क्यों फूल बना कर आया हूँ। आओ बताऊं जीवन किस को कहते हैं? भँवर भीतर दीप जला कर आया हूँ। लाखों सांप उनके चार चुफेरे थे, घोंसले से चूजों को बचा कर आया हूँ। […]

बाल कहानी

बाल कहानी – चिड़िया

एक दरिया के किनारे, वृक्ष पर एक चिड़िया बैठी रो रही थी, अचानक ही ऊपर से उड़ता हुआ एक तोता आकर उसके पास बैठ गया। तोते ने बड़ी निम्रता से चिड़िया को रोने का कारण पूछा। तो चिड़िया ने रूआंसी आवाज़ में कहा, ‘‘कि इस दरिया में मेरी एक कीमती बाल (गेंद) गिर गई है। […]

बाल कविता

जीबन का आधार है बस्ता

जीबन का आधार है बस्ता उच्च शिक्षा का रस्ता है यह। देखो तो लगता सस्ता है यह। बच्चों का किरदार है बस्ता। जीवन का आधार है बस्ता। इस में मानवता के गुण हैं। शक्ति, भक्ति में अर्पण है। देता सबको प्यार है बस्ता। जीबन का आधार है बस्ता। इम्तिहान, दया एंव बुद्धि। तन मन में […]