हास्य व्यंग्य

खट्ठा-मीठा : बड़े लेखक

वे हिन्दी के बड़े लेखक हैं। कम से कम स्वयं को ऐसा ही मानते हैं। उन्होंने हिन्दी साहित्य की बड़ी सेवा की है। अनेक रचनायें दी हैं, जो इधर-उधर कई पत्र-पत्रिकाओं की शोभा बढ़ा चुकी हैं। वैसे जब भी उनकी कोई रचना किसी सम्पादक के पास पहुँचती है, वह पत्रिका की शोभा बढ़ाये या न […]

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खट्ठा-मीठा : अचार संहिता

(डिस्क्लेमर – इस अचार संहिता का लोकसभा चुनाव से कुछ लेना-देना नहीं है। कृपया गलतफहमी न पालें।) किचन आयोग ने तत्काल प्रभाव से निम्नलिखित अचार संहिता लागू की है, जिसका पालन सभी किचन वालों को करना अनिवार्य है, नहीं तो उन्हें किचन में घुसने से रोक दिया जाएगा। 1. किसी अचार का प्रचार करने से […]

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खट्ठा-मीठा : रबड़ी और इमरती

अभी तक अँगूठाछाप निरक्षर भट्टाचार्य मंत्री/मुख्यमंत्री के उदाहरणस्वरूप रबड़ी देवी का ही नाम लिया जाता था, जिनको चाराचोर लालू प्रसाद ने जेल जाते समय अपनी जगह बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाया था। अब इस गौरवशाली परम्परा में एक नया नाम जुड़ा है- इमरती देवी का, जो मध्य प्रदेश की मंत्री हैं और कहा […]

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खट्ठा-मीठा : रबड़ी और इमरती

अभी तक अँगूठाछाप निरक्षर भट्टाचार्य मंत्री/मुख्यमंत्री के उदाहरणस्वरूप रबड़ी देवी का ही नाम लिया जाता था, जिनको चाराचोर लालू प्रसाद ने जेल जाते समय अपनी जगह बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठाया था। अब इस गौरवशाली परम्परा में एक नया नाम जुड़ा है- इमरती देवी का, जो मध्य प्रदेश की मंत्री हैं और कहा […]

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खट्ठा-मीठा : हमारी बिल्ली, हमीं से म्याऊँ

उनको बिल्ली पालने का बड़ा शौक था। एक से एक खूबसूरत मुलायम बिल्लियों को पालना और उनके ऊपर हाथ फिराते हुए उनका मुँह चूमना उनकी मुख्य आदत थी। कभी कभी वे उनके बदन को भी प्यार से सहला देते थे। बिल्लियों को इन सब हरकतों पर कोई आपत्ति नहीं थी, क्योंकि वे उनको न केवल […]

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खट्ठा-मीठा : नमाजवादी वैकुण्ठ वास

आज चलते-चलते मैं एक नमाजवादी से टकरा गया। वे बड़े प्रसन्न लग रहे थे। मैं चकराया कि टोंटीचोर का यह चमचा आज इतना खुश क्यों है? मैंने पूछ लिया- “कहिए नमाजवादी जी, आज इतने खुश क्यों हो?” वे बोले- “आपको नहीं पता? भैया ने दिल खुश करने वाली घोषणा की है!” “क्या?” “वे विशाल विष्णु […]

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खट्ठा-मीठा : चोरी मेरा काम

पहले चारा चोर, बैसाखी चोर और मिट्टी चोर ही प्रसिद्ध थे। अब इस गौरवशाली परम्परा में एक नया नाम जुड़ा है “टोंटी चोर” का। ये जनाब मुल्ला यम सिंह के नूरे-नजर हैं और कुछ समय पहले तक नमाजवादी पार्टी से उल्टे प्रदेश के मुख्यमंत्री हुआ करते थे। मुख्यमंत्री बनते ही अपनी पहली बड़ी समाजसेवा उन्होंने […]

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खट्ठा-मीठा : नौकर वही जो लालू मन भाये

आज के ज़माने में ऐसे स्वामिभक्त नौकर बहुत दुर्लभ होते हैं जो अपने मालिक की सेवा करने के लिए खुशी-खुशी जेल जाने को भी तैयार रहते हैं। चारा चोर लालू प्रसाद इस मामले में बहुत भाग्यशाली हैं। वे स्वयं चारा घोटाले में सजा काटने जेल में हैं, तो उनके दो-दो नौकर भी तत्काल चोरी के […]

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खट्ठा-मीठा : आत्मचिन्तन शिविर

हम अभी तक इतना ही जानते थे कि बंदीगृहों (जेलों) का उपयोग अपराधियों को दंड भुगतने, अपने पापों का प्रायश्चित करने और उनको सुधार करने का अवसर देने के लिए किया जाता है। लेकिन एक नया दिव्य ज्ञान कल प्राप्त हुआ कि जेल का उपयोग आत्मचिंतन शिविर के रूप में भी किया जा सकता है। […]

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खट्ठा-मीठा : धर्म अफीम है!

बाबा कार्ल मार्क्स बहुत पहले लिखकर रख गये हैं कि धर्म अफीम है। हमारे कामरेड भाई इस मंत्र को दिन में दस बार दोहराते रहते हैं। यह बात अलग है कि दोहराने के साथ ही इसका अर्थ भूल जाते हैं और फिर जालीदार टोपी पहनकर रोजा अफ्तार करने चल देते हैं। कई कामरेड तो इस […]