कुण्डली/छंद

बीजू के छक्के – पिज़्ज़ा

डिब्बा है चौकोर पर, खुद है गोल-मटोल काट तिकोने प्यार से, उसको पिज़्ज़ा बोल उसको पिज़्ज़ा बोल, बेस है मोटा सूखा उस पर गीली पर्त, देख ललचाये भूखा “बीजू” यह है राजकुमार इटली का भाई गोरी चमड़ी अपने संग भारत में लाई पिज़्ज़ा में मिल जायेंगे, तरह-तरह के स्वाद एक बार जो खाओगे, तो रोज […]

हास्य व्यंग्य

खट्ठा-मीठा : नये धर्म की तलाश

“मैं अब हिन्दू धर्म छोड़ दूँगी!” अचानक बैठे-बैठे सोच में डूबे हुए उनके दिमाग़ का कोई कीड़ा कुलबुलाया और उन्होंने उठकर ऊँचे स्वर में यह घोषणा कर डाली। बग़ल के कमरे में बैठे हुए चन्द चमचे यह घोषणा सुनकर डर गये और उनके कमरे में घुस आये। “क्या हुआ भैन जी?” सबसे मुँह लगे चमचे […]

हास्य व्यंग्य

खट्ठा-मीठा: आवश्यकता है एक संस्कारी बहू की

अपने उच्च संस्कारों के लिए सारे संसार में कुख्यात परिवार के लिए एक संस्कारी बहू की तत्काल आवश्यकता है। लड़का हाईस्कूल फेल है, परन्तु राज्य सरकार में उच्च संवैधानिक पद पर लगा हुआ है। आय 7-8-9 कितने भी अंकों में मान सकते हैं। लड़का चोरी की मिट्टी से भी सोना बनाने में माहिर है। बाप अरबों के घोटाले […]

कुण्डली/छंद

बीजू के छक्के

दिल्ली वालों ने किया है कुछ पश्चात्ताप। कजरी को दे वोट जो किया गया था पाप॥ किया गया था पाप, विकास सब पीछे छूटा। नौटंकी नित नई देख दिल उनका टूटा॥ ‘बीजू’ कोई नहीं उड़ायेगा अब खिल्ली। फिर विकास के रास्ते पर निकलेगी दिल्ली॥ कजरी जी फिर रो रहे ईवीएम को हाय। बटन दबाओ कोई […]

हास्य व्यंग्य

खट्ठा-मीठा: बाप नम्बरी, बेटा दस नम्बरी

‘चोर का भाई गिरहकट’ यह कहावत अब पुरानी हो गयी है। अभी-अभी बिहार से एक नई कहावत चली है- ‘चारा चोर का बेटा मिट्टी चोर’। जी हाँ, आप सही समझे! मैं लालू प्रसाद के सपूत की ही बात कर रहा हूँ। अँगूठा छाप माँ और बड़बोले बाप की नौवीं फेल तेजस्वी औलाद को उपमुख्यमंत्री बनाने […]

हास्य व्यंग्य

खट्ठा-मीठा : भाभी से होलियाना छेड़छाड़

फागुन का महीना, देवरों पर होली के साथ-साथ चुनावों का भी खुमार, और सामने प्यारी सी सलोनी सी भाभी- ऐसे माहौल में अगर छेड़छाड़ न होगी, तो क्या भजन-कीर्तन होगा? भाभी आयी थी कुछ वोट कमाने। सोचा होगा कि देवरों की ओर मीठी-सी मुस्कान फेंककर कुछ वोटों-सीटों का जुगाड़ हो जाएगा, जिससे अगले पाँच साल […]

हास्य व्यंग्य

खट्ठा-मीठा : मैं तो अपना वोट भैया को दूँगा

मैं यों ही बाजार की तरफ चला जा रहा था कि सामने से हमारे मौहल्ले का कलुआ आता दिखाई पड़ा। यों उसका नाम कालूराम है पर सब उसे कलुआ कहते हैं। उसका रंग-रूप भी कुछ ऐसा ही है। पहले जब भी वह दिखायी देता था तो उसकी सूरत ऐसी लगती थी जैसे कहीं से पिटकर […]

हास्य व्यंग्य

खट्ठा-मीठा : ‘यादव’ सिंह ‘जाटव’

वे यादव भी हैं और जाटव भी। एक ही व्यक्ति में ये दो महान् योग्यतायें होना एक दुर्लभ बात है। इसलिए उनको मुलायम सिंह का भी प्यार मिला है और मायावती का भी। दो परस्पर विरोधियों का समान स्नेह पाना भी एक दुर्लभ गुण है और महापुरुष होने का लक्षण है। वे महानता के नायाब […]

हास्य व्यंग्य

खट्ठा-मीठा : नमस्कार दांव

अपने धरतीपुत्र नेताजी मुलायम सिंह पहलवान रहे हैं। नेतागीरी से पहले वे मास्टरी और उससे भी पहले पहलवानी करते रहे हैं। उनको अनेक दांव आते ही होंगे। ढाक, धोबीपाट, घोड़ापछाड़ जैसे दांव उन्होंने खूब आजमाये होंगे। लेकिन अभी संसद में उन्होंने मोदी जी पर एक नया दांव आजमाया। वह दांव है ‘नमस्कार दांव’। उन्होंने बिना […]

हास्य व्यंग्य

खट्ठा-मीठा : चालू मेरा नाम

नेताजी के बेटाजी बहुत दुखी हैं। जिस चालूपन पर उनके पिताश्री और उनका कापीराइट था उनको विरोधियों ने हथिया लिया है। बेचारे को बहुत क्षोभ है कि भाजपाई बहुत चालू हैं। अब तक चालूपन पर नेताजी का एकाधिकार हुआ करता था। इस एकाधिकार को बनाये रखने के लिए उन्होंने क्या-क्या चालें नहीं चलीं। खुद को […]