हास्य व्यंग्य

खट्ठा-मीठा : ‘यादव’ सिंह ‘जाटव’

वे यादव भी हैं और जाटव भी। एक ही व्यक्ति में ये दो महान् योग्यतायें होना एक दुर्लभ बात है। इसलिए उनको मुलायम सिंह का भी प्यार मिला है और मायावती का भी। दो परस्पर विरोधियों का समान स्नेह पाना भी एक दुर्लभ गुण है और महापुरुष होने का लक्षण है। वे महानता के नायाब […]

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खट्ठा-मीठा : नमस्कार दांव

अपने धरतीपुत्र नेताजी मुलायम सिंह पहलवान रहे हैं। नेतागीरी से पहले वे मास्टरी और उससे भी पहले पहलवानी करते रहे हैं। उनको अनेक दांव आते ही होंगे। ढाक, धोबीपाट, घोड़ापछाड़ जैसे दांव उन्होंने खूब आजमाये होंगे। लेकिन अभी संसद में उन्होंने मोदी जी पर एक नया दांव आजमाया। वह दांव है ‘नमस्कार दांव’। उन्होंने बिना […]

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खट्ठा-मीठा : चालू मेरा नाम

नेताजी के बेटाजी बहुत दुखी हैं। जिस चालूपन पर उनके पिताश्री और उनका कापीराइट था उनको विरोधियों ने हथिया लिया है। बेचारे को बहुत क्षोभ है कि भाजपाई बहुत चालू हैं। अब तक चालूपन पर नेताजी का एकाधिकार हुआ करता था। इस एकाधिकार को बनाये रखने के लिए उन्होंने क्या-क्या चालें नहीं चलीं। खुद को […]