गीत/नवगीत

” आज गगन में , मैं इतराउं ” !!

गीत नीर भरी कारी बदरी हूँ , आज गगन में , मैं इतराउं । डोल रहे हैं रीते बदरा , उनसे जाकर होड़ लगाऊं ।। देख रही हूं हलचल नभ में , कैसी भागमभाग मची है । धरती प्यासी जग है प्यासा , पानी की जो मांग उठी है । इंद्र देव फरमान सुनाते , […]

गीत/नवगीत

” उम्मीदें बल खाती हैं ” ।।

गीत देश भले ही तरक्की कर ले , जनता धक्के खाती है । उनके हित की बने योजना , भला कहाँ कर पाती है ।। खूब बदलते सेवक देखे , खुशियां थोड़े दिन की है । कुर्सी पर बैठे जैसे ही , नीयत भी बदली सी है । आशाएं सब दम तोड़े है , रेहन […]

गीत/नवगीत

” बनता हर कोई भोला है ” .

गीत मन से मन के तार जुड़े हैं , मन से मन को तोला है . जगमग करती इस दुनिया में , बनता हर कोई भोला है . सागर खारा , आँसू खारे , खार बहे अपने तन से . मीठी मीठी मिश्री घोलें , खार बहे अपने मन से . अंदर से क्या , […]

गीत/नवगीत

“अपने बेगाने हो जाते ” ।।

गीत बेटी के संग ब्याहे सपने , सब टूट गये , बिखरे जाते । दौलत से जब रिश्ते तुळते , आहत दिल को करते जाते ।। क्वांरी साधें मांग भरे जब , आँचल में तारे पलते हैं । उम्मीदों की सेज सजे तब , ख्याल सदा पंखे झलते हैं । पल में सपने टूट चले […]

गीत/नवगीत

” सुबह उठ चले तो राम , शयन पर भी राम हैं “

गीत ” सुबह उठ चले तो राम , शयन पर भी राम हैं ” . जाने कितने ग्रन्थ हैं , राम पर लिखे गये . जाने कितने काव्य हैं , राम पर रचे गये . मनभावन है सलिल , राम का ही नाम है , सबके अधरों पर बसा , राम सिर्फ राम है . […]

गीत/नवगीत

” चाह में पागल हुई है” !!

याद करवट ले चुकी जो , चाह में पागल हुई है !! रात काटे से कटे ना , पल पल ठगी करने लगे ! सपन जागे हुए अपने , अपने हँसी करने लगे ! इक कहानी फिर लिखी जो , आवारा बादल हुई है !! जो बुना हमने रचा है , समय की अठखेलियाँ हैं […]

गीत/नवगीत

” सपनीली सी राह है ” !!

हाथों में जब हाथ लिया तो , मन में जगा उछाह है ! पल पल हुए मधुरतम ऐसे , सपनीली सी राह है !! ठहरे ठहरे दिन लगते हैं , रतियाँ लगे हैं ठहरी ! तुम जब आये अंक में अपने , दुनिया लगे रूपहरी ! अधर सुधारस डूबे लगते , दिल से निकले आह […]

गीत/नवगीत

आँखों से मोती ढलते हैं!!

पीड़ा से अनबन हो जाये ,आँखों से मोती ढलते हैं ! आशाओं के दर्पण चटके ,छन से तो आवाज हुई ना !यायावर सा जीवन भटके ,कभी कोइ मनुहार छुई ना !जहाँ उठे हैं तेज बवंडर ,तृष्णा को अकसर छलते हैं !! बंशी की मीठी तानों ने ,झकझोरा है मन को जब तब !अनजानी सी हूक […]

गीत/नवगीत

” अधरों पर मधु बोल ” !!

गीत पुलक गात पर अरुणिम लाली , अधरों पर मधु बोल ! हँसी बिखेरे , आँगन में तू , हिंरणी सी मत डोल !! नज़रें टिकी हुई हैं हम पर , दुनिया भर की ऐसी ! आँखों का काजल कह देगा , तेरी सब मदहोशी ! खुद को ज़रा बांध कर रख ले , बंध […]

गीत/नवगीत

” आंखों बसा खुमार है ” !!.

आंखों में सूनापन छाया , दिखता नहीं करार है ! नशा प्यार का उत्तर गया जी , आंखों बसा खुमार है !! गहराई क्या नापेगें जी , ऐसे गहरे उतर गये ! हाथ पैर भी मार सके ना , सपने सारे बिखर गये ! सन्नाटे को चीर रहा बस , केवल हाहाकार है !! झेल […]