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  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    जो दिल ग़म से ख़ाली है।. उसकी रोज़ दिवाली है।। दिए सुकूँ के रौशन हों, उस घर सदा दिवाली है। रोग रहित हो जिसका तन, रहती वहीं दिवाली है। मधुर बोल जिस भार्या के , रात...





  • बालगीत  – नवदुर्गा झाँकियाँ

    बालगीत – नवदुर्गा झाँकियाँ

    सजीं मंच  पर  सुंदर झाँकी। नौ   रूपों   में दुर्गा  माँ  की।। शैलसुता  माँ  वृषभ सवारी। ब्रह्मचारिणी   तपती न्यारी।। चंद्रघंटिका – महिमा बाँकी। सजी मंच पर ….. चौथी   हैं    कूष्मांडा  माता। आदिस्वरूपा...

  • गीत  

    गीत  

    सरहद पर रावण खिसियाया, तुम व्यस्त   यहाँ अगवानी में। थैली – माला   लिए  खड़े हो , मक्खन  सँग    रजधानी  में।। एक   ओर  प्लास्टिकबन्दी है, उधर   सुलगता   है    बारूद। इधर...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    इन्सां   की   मनमानी   देख। ज़बरन    खींचातानी   देख।। नहीं    वक़्त     की   पाबन्दी, झूठी    बात    बनानी    देख। पानी   को    बरबाद     करे ,...

  • ग़ज़ल 

    ग़ज़ल 

    शहर    से  अच्छे   मेरे   गाँव। बने   क़ुदरत  के हाथों  गाँव।। प्रकृति के  साँचे  का निर्माण, प्रकृति का आँचल  घेरे  गाँव। यहाँ  का  पानी   शुद्ध  बयार, धूप   माटी   के  ...