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  • गज़ल

    गज़ल

    किसी तूफान के पहले की चुप्पी हो जैसे इस राख में अभी भी आग छुपी हो जैसे तेरा चेहरा कुछ इस तरह धुआँ-धुआँ है कि लबों पे आ के कोई बात रूकी हो जैसे बात –...

  • गज़ल

    गज़ल

    जिसे हालात ने मारा हो मुहब्बत कैसे वो कर ले, जो खुद टूटा सितारा हो मुहब्बत कैसे वो कर ले, ============================== सहारा देना पड़ता है इक दूजे को मुश्किल में, जो खुद ही बेसहारा हो मुहब्बत...

  • गज़ल

    गज़ल

    बुरा औरों का जो करता नहीं है शर्म से उसका सर झुकता नहीं है ====================== कभी भी आज़मा लो जब जी चाहे सच्चा आदमी डरता नहीं है ====================== दुनिया भर की दौलत मिल भी जाए पेट...

  • गज़ल

    गज़ल

    इस दुनिया के लोगों को ये क्या हुआ यहां हर कोई है गम का मारा हुआ ======================= हर आँख अश्कों से है तरबतर हर दामन लहू में है भीगा हुआ ======================= कौन देखे-सुने हाल मुफलिस का...

  • सीख

    सीख

    *मैं धीरे-धीरे सीख रहा हूँ कि…* मुझे हर उस बात पर प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए जो मुझे चिंतित करती है। *मैं धीरे-धीरे सीख रहा हूँ कि…* जिन्होंने मुझे चोट दी है मुझे उन्हें चोट नहीं देनी...

  • गज़ल

    गज़ल

    रोटियां कोई मुफ्त की खाकर बिगड़ गया कोई हाकिमों की बातों में आकर बिगड़ गया मेहनत में यहां जिसने भी लगाया नहीं दिल उस आलसी इंसां का मुकद्दर बिगड़ गया अच्छा-खासा आदमी था काम का मैं...

  • गज़ल

    गज़ल

    लोग कुछ प्यार जताने आए लो जी फिर दिल को दुखाने आए ===================== जब तुम हो नहीं सकते मेरे क्यों तब आस जगाने आए ===================== रोज़ सपनों में तुम आ जाते हो कैसे फिर होश ठिकाने...

  • गज़ल

    गज़ल

    चाँदनी खुद में सिमटती जाएगी, रात रफ्ता-रफ्ता ढलती जाएगी गर्मी-ए-एहसास की लौ तो दिखा, रिश्तों पे जमी बर्फ गलती जाएगी मोम के मानिंद है हस्ती तेरी, कतरा-कतरा बस पिघलती जाएगी वक्त रोके से रूका है कब...

  • गज़ल

    गज़ल

    दोस्तों में हूँ मैं, अपने दुश्मनों में हूँ दिमागों में हूँ थोड़े और थोड़े दिलों में हूँ तारीफ कर रहा कोई इल्ज़ाम दे रहा न हो के भी हाज़िर मैं तेरी महफिलों में हूँ ईमान खुद...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    कातिल  हैं  जो  भेस  बदल  के  चारागर हो जाते हैं राह  जिन्हें  मालूम  नहीं  खुद  वो रहबर हो जाते हैं इश्क है जब पैगाम-ए-रब तो फिर सारे दुनिया वाले धर्म की आड़ में क्यों नफरत के...