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  • गज़ल

    गज़ल

    आगाज़ तो हो जाए अंजाम तक ना पहुंचे जब तक मेरी कहानी तेरे नाम तक ना पहुंचे तेरे आने से उजाला फैला है हरसू लेकिन ये सुबह धीरे-धीरे कहीं शाम तक ना पहुंचे कभी उनसे सिलसिले...

  • गीत गज़ल

    गीत गज़ल

    निगाहें मिलाना, मिलाकर झुकाना मुहब्बत नहीं है तो फिर और क्या है अकेले बिना बात के मुस्कुराना मुहब्बत नहीं है तो फिर और क्या है बेचैन हैं दिन, हैं बेताब रातें करने को बाकी हैं कितनी...

  • लेख

    लेख

    चिंता मानव स्वभाव का अभिन्न अंग है। अधिकतर लोग अधिकांश समय चिंता से घिरे रहते हैं। भविष्य में उत्पन्न हो सकने वाली कठिनाइयों की चिंता। हमारी उर्जा का एक बड़ा भाग इसी चिंता में व्यय होता...

  • गज़ल

    गज़ल

    सच की राह पर हम चल रहे हैं जलने वाले तो बस जल रहे हैं रहे गाफिल तो डस लेंगे ये झट से सांप आस्तीनों में जो पल रहे हैं सिखाएँगे वो अब हमको अकीदत रूसवा...

  • गज़ल

    गज़ल

    क्या कहा ना जाने गुल को बाद-ए-सबा ने कि गूँज उठे हैं सूनी वादियों में तराने आज की दुनिया की हैं रस्में ही निराली नज़रें हैं कहीं पे तो कहीं पे हैं निशाने किसी भी चीज़...


  • गज़ल

    गज़ल

    नहीं होता जो किस्मत में उसी से प्यार करता है, ना जाने क्यों खता इंसान ये हर बार करता है मर्ज़-ए-इश्क की दुनिया में है कैसी रिवायत ये, दवाएँ भी वही देता है जो बीमार करता...

  • लेख

    लेख

    जीवन जीने के दो ही मार्ग हैं, प्रथम लोगों की बातों पर ध्यान न देकर अपने लक्ष्य पर केंद्रित रहो एवं द्वितीय लोगों की बातें सुनने और उन्हें उत्तर देने में अपना अमूल्य समय नष्ट कर...

  • गज़ल

    गज़ल

    खुशियों में मिला के थोड़ा रंज-ओ-गम भी पीते हैं हँसी की महफिलों में करके आँखें नम भी पीते हैं रहना है बहुत मुश्किल यहां अब होशमंदी से होकर बेखबर दुनिया से आओ हम भी पीते हैं...

  • गज़ल

    गज़ल

    इतना ना इतराया करो कुछ बातें मान भी जाया करो =================== मुलाज़िम नहीं हम आशिक हैं थोड़ी इज्ज़त से पेश आया करो =================== काँटों की चिंता छोड़ के तुम आँगन में फूल उगाया करो =================== दिल...