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  • बेटी की मुस्कान

    बेटी की मुस्कान

    घर में इंद्रधनुष की आभा फैल जाती है बिटिया के चेहरे पर जब मुस्कान आती है समग्र सृष्टि जैसे मंगल गीत गाती है बिटिया के चेहरे पर जब मुस्कान आती है मेरे मन के गगन का...

  • गीत : माँ

    गीत : माँ

    स्वर्ग सातों पड़े रहते थे पाँव में चैन दुनिया का था ममता की छाँव में रब हो जाता था मुझपे खुद मेहरबां जब मुझे देखकर मुस्कुराती थी माँ समझ जाती थी सब सुगबुगाहट से वो जाग...


  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    अभी थका नहीं हूँ बहुत जान बाकी है, जिंदगी का कड़ा इम्तिहान बाकी है मुझे मोहलत ए खुदा और अता कर थोड़ी, कि नापने को पूरा आसमान बाकी है कटा नहीं हूँ मैं जड़ों से अभी...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    वो मुझसे पूछता है कि ठिकाना है कहां मेरा, कहा मैंने कि रहता था पहले दिल जहां मेरा सरहदों में नहीं तुम बांट सकते सल्तनत मेरी, जहां तक भी नज़र जाए है उतना आसमां मेरा सज़ाएदार...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    जब तक ना दिल दीवाना था, हर इक गम से अंजाना था अपनी मर्ज़ी के मालिक थे, और कदमों तले ज़माना था तब गीत बहारें गाती थीं, मौसम भी बड़ा सुहाना था तिरछी नज़र से लूट...


  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    रात को देखा आसमान में बिल्कुल मेरा जैसा चाँद, तारों के झुरमुट में भी था तनहा और अकेला चाँद ये भी इंसानों के जैसा कितने रंग बदलता है, कभी गायब कभी जरा सा कभी आधा या...

  • हे पिता आपके चरणों में

    हे पिता आपके चरणों में

    आप ही हो आदर्श मेरे और आप मेरे भगवान आपसे ही पाया मैंने ये जीवन का वरदान आपसे ही अस्तित्व है मेरा आपसे मेरा नाम हे पिता आपके चरणों में मेरा बारंबार प्रणाम ब्रह्मा बनकर सहा...

  • कविता

    कविता

    इस पूरे जीवन में हम सब, रिश्ते तो बहुत बनाते हैं, कुछ हमको फायदा देते हैं, कुछ हमसे फायदा पाते हैं, मजबूरी में फिर रिश्तों के, व्यापार भी करने पड़ते हैं, पसंद ना हों उन लोगों...