Author :

  • मेरी कलम

    मेरी कलम

    जब से क़लम उठाई है, तब से मन करता है, कि जो लिखूँ सच लिखूँ पर दुनिया हमें ना सच लिखने देती है ना बोलने ! आखिर करूँ तो क्या ? फिर माँ ने कहा बेटा...

  • योग

    योग

    योग है, हमारे जीने का नया रास्ता, जो करें योग रहे स्वस्थ ! ना बढ़े मोटापा ना बढ़े मधुमेह ! आओ बहन योग करने चले ! सारी बीमारियों को छोड़ा कर योग चले ! तुम भी...

  • पहली बारिश

    पहली बारिश

    वो बचपन की पहली बारिश याद है हमें , जब मैंने उसे अपने हाथों पर महसूस किया था ! जब माँ ने मेरे साथ बैठ कर ही आँगन  में खाना खाया था ! वो बचपन की...

  • पिता प्रेम

    पिता प्रेम

    अपने अरमानों को अधूरा छोड़ कर, जो हमारे अरमान पूरे करें, वह है पिता ! जो ख़ुद दर्द में भी दवा ना लगाये, पर हमारे दर्द पर घर सर पर उठा ले , वह है पिता...

  • पिता

    पिता

    एक कविता में कैसे बयान कर दे, उनके बारे में जो हमारी पूरी जिंदगी थे ! कैसे शब्दों को जोडू उनके बारे में लिखने के लिए ! मन तो करता है अपने आँसुओं से लिखे  !...


  • आज की नारी

    आज की नारी

    आपके आने से , या ना आने से, मुझे अब कोई फर्क नहीं पड़ता , क्योंकि अब आपके लिए मेरे दिल में कोई प्रेम बाकी नहीं है ! जिस दिन आपने , एक नारी की आबरू...

  • कन्यादान

    कन्यादान

    रीता कानपूर के एक व्यापारी की बेटी थी ! उसकी शादी भी एक बहुत बड़े परिवार में हुई थी , और वह वहाँ बहुत खुश भी थी , कि उसको इतना प्यार करने वाला पति और...

  • अमूल्य वस्तु

    अमूल्य वस्तु

    राजप्रासाद बहुत ही लालची आदमी था, हर चीज पर उसकी नजर चील की तरह रहती थी !  राजप्रासाद के बड़े बेटे राहुल की शादी पूजा से हुई थी , पूजा  बहुत ही संस्कारी लड़की थी ,...

  • एक जवाब

    एक जवाब

    पेड़ ने कहा “मुस्कराओ “ हमने कहा बिना बसंत के तुम मुस्कुराते हो क्या  ? ****************************************** मोर ने कहा “नाचो “ हमने कहा बिना बरसात के तुम नाचते हो क्या ? ******************************************** कोयल ने कहा “गुनगुनाओ...