लेख

कैसे अंकुश लगे बलात्कार की घटनाओं पर ?

  बदलते सामाजिक परिवेश में हमें अपने सोच को बदलने की जरूरत है । साथ ही हम सभी पुरुष वर्ग को अपनी पुरुषवादी मानसिकता को भी बदलने की जरूरत है । बलात्कार की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए महिलाओं को शिक्षित करने तथा उनके अपने अधिकार के प्रति जागरूक करना होगा । साथ ही […]

लेख

सोशल मीडिया विरोधी पोस्ट

शीर्षक “सोशल मीडिया विरोधी पोस्ट” आज हम लोग जिस युग में हम श्वास ले रहें हैं। यह युग डिजिटल का युग है। और डिजिटल युग में लोग अपने जीवन के पल पल की क्रिया विधि को सोशल मीडिया पर अपडेट करते रहते हैं । इसी के साथ लोग अपने आस्था से जुड़ी तस्वीरें या विचार […]

कविता

जरुरी है

कविता का नाम जरुरी है जीवन के हर मोड़ पर रुकना जरुरी है चोराहा है ,किस दिशा में जाना है यह जानना जरुरी है जो फूलों की दुनिया में रहते हैं फूलों की बात करते हैं फूलों के साथ कांटों का भी हाल जानना जरुरी है खाओ पियो उड़ा दो ,ये बहुत हो गया आने […]

कविता

मुक्तक

जब खुद को खुदी से प्यार हो जाए जीवन में त्योहार हो जाए वफ़ा का डर न बेवफ़ा की चाहत हर कदम से गमों का हार हो जाए जब खुद को खुदी से प्यार हो जाए   जिन्दगीं में खुशमिजाज रहना जरूरी है अपने सोच को सकारात्मक बनाये रखना भी जरूरी है चाहे जितना मुश्किलें […]

कविता

जय हिन्द

खुश रहो खुश मिजाज रहो जो रहो सिर्फ आज रहो कल की क्या भरोसा कल किसने देखा है लोगो के दिलो का सरताज रहो इन्सानों कि संख्या बढ़ती जा रही इन्सानियत ,जो मरती जा रही लोग डरते थे जानवर से ,अब इन्सानों से डर बढ़ीती जा रही इन्सान को इन्सान से यही है प्यार जो […]

गीत/नवगीत

हम तेरे नाम हैं

गीत शीर्षक – हम तेरे नाम हैं तुम भी बदनाम हो, हम भी बदनाम हैं इश्क की डगर में, सरेआम हैं । एनंटिंरोमिओ लगे या, धारा कोई हम तेरे नाम हैं तुम मेरे नाम हो । प्यार बढ़ता रहे, बढ़ते बढ़ते यूँ ही छोड़ जाना ना तुम, मुझको यूँ कहीं । यादों में दिलों, रहती […]

गीतिका/ग़ज़ल

गज़ल

तेरे चाहत  को  भुलाना    चहता हूं जलते दिल को जलाना   चाहता हुं मेरे राहों के सामने से किनारे हट जा मैं कहीं दूर बहुत दूर जाना चाहता हूं कोई  समझा  नहीं    मेरे   बात   को मैं  तड़पता    रहा     मुलाकात    को इन्तजार इन्तजार इन्तजार  कब  तक दर्द-ए-दिल     मिटाना     चाहता   हूं […]

कविता

जो अंधेरे से रोशनी में लाए

जो अंधेरे से रोशनी में लाए कोयले से हीरा बनाए हम भूल कैसे जाएं ऐसे गुरु को जो बहते नाव को दिशा बताए जो डांट और प्यार से समझाएं जीवन की डगर को सरल बनाए हम आभारी हैं उनके ज्ञान के जो विपरित परिस्थितियों में भी सम्भलने की कला बतलाए जो जात धर्म से ऊपर […]

कविता

सांप

सेठ जमा गोरी की बात क्या है उनको क्या मालुम बरसात की रात क्या है न सोने दें न रोने दे रात भर सताया है टिप टिप टपकते बूदों ने रात भर जगाया है हाल -ए -दिल सीपी गा रहा है कोई हड्डी गला रहा है कोई चर्बी गला रहा है कोई उपवास रखता है […]

कविता

एक लाचार औरत

आंखों में भरी आंसू को रोक ली लज्जा में डूबी वह अपने मुख को  तोप ली चल पड़ी उठा कर अपनी झोली बच्चों ने खुशी से दौड़े ,खोली झोली कुछ न पाया निराश मन से मां ! मां के आंसू छलक आये बच्चों ने भी रोना प्रारंभ किया मैनेजर ने पुकार लगाई वह सुनी या […]