Author :


  • गीतिका

    गीतिका

    बदलना पड़ेगी अब मुझको आदत मेरी बदल जाऊँ बस इतनी है इबादत मेरी देता सबको है वो परबर दिगार लेकिन इम्तेहान कितने लेगा शिकायत मेरी एक तरफ़ा प्यार की सजा ये मिली हमें ठुकरा के मुझे...

  • गीत

    गीत

    चंचल मन की लहरों पर, एक चेहरा आता जाता है ओझल न हो जाये ये चेहरा मन मेरा घबराता है। प्रीत से उसने प्रीत जगाई ,मेरे आवारा से मन में हुआ फिर कुछ ऐसा कि ,...

  • दहेज

    दहेज

    सपने संजोये पलको तले पलके ये भर आई क्यों? मेहंदी लगी हल्दी चढ़ी डोली उठ नही पाई क्यों? दहेज़ की इस ज्वाला में हुई नही विदाई क्यों? हाथ जोड़े शीश झुकाये दया नही उन्हें आई क्यों?...