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  • सुधर जा पाकिस्तान

    सुधर जा पाकिस्तान

    {बनेगा दूसरा हिंदुस्तान} वक्त है अभी माफी माँगकर सुधर जा पाकिस्तान, वरना तेरे जमीं पे बनेगा दूसरा हिंदुस्तान। वसुधैव कुटुम्बकम् का हम तो पाठ पढ़ाने वाले हैं, भारत माँ पे जो आँख उठाये हम उसे मिटाने...

  • सावन मुक्तक

    सावन मुक्तक

    वादियों की शहनाई बनके गरजता है सावन, प्रेमियों की खुशी बनके छलकता है सावन, वर्षों से गोरी बैठी जो पीया मिलन की आस में, उस विरहन के आँसू बनके बरसता है सावन। -दीपिका कुमारी दीप्ति परिचय...

  • महिला और इंटरनेट

    महिला और इंटरनेट

    सोशल नेटवर्किंग महिलाओं को बाहरी दुनिया से जोड़ने का एक बहुत बड़ा जरिया है। चारदीवारी में कैद महिलाओं में कूपमंडूकता की भावना पनप चुकी थी। लेकिन ये नयी टेक्नोलॉजी चारदीवारी में ऐसी खिड़की बनी जिससे झाँककर...

  • मुक्तक : पिताजी

    मुक्तक : पिताजी

    पिताजी अपनी मजबूरियाँ कभी न करते हैं बयान हमें सुख की छाँव देते हैं खुद बनके आसमान हमारी खुशियों के लिए वे खुद को भी बेच देते है फिर भी नहीं जताते हमपे कभी अपना एहसान...


  • बेटी का पिता

    बेटी का पिता

    मानों स्वर्ग उतरा आँगन में कितनी हुई बधाई थी, फूले नहीं समाते पिता बिटिया जिस दिन आयी थी, भाग्यशाली समझते खुद को घर में आयी सीता, लेकिन वे अंजान थे मैं हूँ एक बेटी का पिता।...


  • सपनों का हिंदुस्तान

    सपनों का हिंदुस्तान

    सपनों का हिंदुस्तान ~~~~~~~~~~~~~~~ भगत,आजाद, सुभाष जैसे वीरों का देश है अपना, गाँधी,बुद्ध, गुरुनानक का हम पूरा करेंगे सपना, जाति-धर्म का भेद न हो जन-जन का हो विकास, खून-पसिनों से लिखने चल एक नया इतिहास, विवेकानंद,कलाम...