Author :

  • एहसास

    एहसास

    जिंदगी की सांसे रुक जाये | वक़्त की रफ़्तार में ठहराव आ जाये | अरमानों की बोरी फट जाये | धड़कनो की धक् धक् उलझ जाए | आखों के आशू सूख जाये | जुबान ख़ामोश हो...




  • जमाना

    जमाना

    पहले रिश्तो का नाम हुआ करता था जिंदगी और आजकल रिश्ते ही कहाँ हुआ करते है पहले कच्चे मकानों में भी लोगो के दिल बड़े हुआ करते थे और आजकल कच्चे मकान ही कहाँ हुआ करते...



  • कविता – नारी

    कविता – नारी

    लिखती हूं आज फिर नारी के बारे में! इस सोये संसार की आत्मा को जगाना चाहूंगी! आज फिर मैं नारी को उसकी पहचान दिलाना चाहूंगी! रूप तो बहुत नारी के इस धरती पे! उन ही रूपो...