कविता

लौटना चाहता हूँ

जहाँ भीड़ में भी अकेला था, न कोई अपना और न कोई पराया था मैं तो बस हंसता था, खिलखिलाता था और खुद से ही बातें किया करता था जहाँ मैं खुद से भी बेगाना था और सब से अन्जान था वस वही आदत फिर से लाना चाहता हूँ मैं बस अपनी ही दुनिया में […]

कहानी

कहानी तेरी-मेरी

दिल भी टूटा था दोनों का, मालूम तुमको भी था, और मालूम हमको भी था तुमने भी कुछ खोया था और हमने भी सबकुछ खोया था फर्क बस इतना था कि घूंघट में आंखें नम तुम्हारी थी पर कमबक्त ये दिल भी खूब रोया था। आंखो में वही चमक, वही नोक-छोक की आदत, स्वभाव में […]

उपन्यास अंश

अधूरी कहानी:अध्याय-45:ट्रेकिंग डिवाइस

वीरू तेजा के घर से थोड़ा दूर चारों तरफ पुलिस फोर्स तैनात होने के वाबजूद भी कातिल का कुछ पता नहीं चला और न ही कोई सुराग मिला। पूरे बैडरूम ,वीरू तेजा और बिल्ली की तस्वीरे लें ली गयीं और वीरू तेजा व बिल्ली की लाश को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया। समीर ने […]

उपन्यास अंश

अधूरी कहानी : अध्याय-44 : ब्लेक कैट

डिटेक्टीव समीर अपनी टीम के साथ वीरू तेजा के फ्लैट के पास पहुँच गये थे समीर ने अपनी गाड़ी रोकी और इधर-उधर कोई ऐसी जगह ढूंढने लगा जहां से वह वीरू तेजा के फ्लैट पर नजर रख सके उसे पास के ही करीब दो-ढाई सौ मीटर पर एक बिलिंडग दिखी वह उस बिलिंडग में चले […]

उपन्यास अंश

अधूरी कहानी:अध्याय-43: ट्रेप

डिटेक्टीव समीर अपने आॅफिस में अकेले बैठा था और कातिल को पकड़ने की योजना बना रहा था तभी वहां सूरज आ पहुँचा समीर ने शायद योजना बना ली थी क्योंकि सूरज के आते ही डिटेक्टीव समीर बोला कि मैंने कातिल को पकड़ने की योजना बना ली है मेरे ख्याल से मेरा प्लान काम जरूर आयेगा।समीर […]

उपन्यास अंश

अधूरी कहानी : अध्याय-42 : स्नेहा की इंगेजमेंट

अब समीर डिटेक्टीव समीर बन चुका था उसे इस बात का बड़ा अफसोस था कि वह स्नेहा से इतने गंदे तरह से फेस आया उसने रेनुका एक्सीडेन्ट का सारा श्रेय स्नेहा पर डाल दिया था पर अगर वह ऐसा नहीं करता तो शायद स्नेहा समीर को कभी छोड़कर नहीं जाती। समीर ने डयूटी ज्वाॅइन कर […]

उपन्यास अंश

अधूरी कहानी:अध्याय-41: रिश्ते में दरार

समीर को ऐसा लग रहा था कि आज उसने सब कुछ खो दिया हो समीर बोला मैं रेनुका को भूलने लग गया था और वो भी इसलिए कि अब उसकी शादी हो गयी होगी और रेनुका खुश होगी अगर मुझे पता होता कि वो मुझे नहीं भूल पायेगी तो मैं उससे मिलने की कोशिश जरूर […]

उपन्यास अंश

अधूरी कहानी : अध्याय-11: यादें

डिटेक्टीव करन डिटेक्टीव समीर के पास गया उर बोला क्या बात है मिस्टर करन? क्या मैने आपको हर्ट किया है? अगर ऐसा है तो आई एम साॅरी बल्कि मुझे ये नहीं पता कि मेरी किस बात ने आपकी आंखों में आंशू ला दिये हैं क्या आप मुझे बताना चाहेंगे? इस पर समीर आंखों से आंशू […]

उपन्यास अंश

अधूरी कहानी:अध्याय-10: अधजली लाश

डिटेक्टीव करन ने काॅफी पीने के बाद फिर से अपनी बात जारी रखते हुये कहा कि रेनुका कार से गिरते ही उठकर कार से पीछे की तरफ भागने लगी तब नानू ने कार पीछे घुमायी और रेनुका की तरफ दौड़ा दी अपने पास कार को आता देख नीचे झाड़ियों की तरफ भागने लगी अब आगे कार […]

उपन्यास अंश

अधूरी कहानी: अध्याय-20: एन्वल फंगशन

समीर को अपने पापा की वजह से कुछ दिन काॅलेज से छुट्टी लेनी पड़ी छुट्टी खत्म होने के बाद जब समीर काॅलेज गया औब पता चला कि काॅलेज की ऐनीवर्सरी आने वाली है सब लोग इसी की बातें कर रहे थे तभी श्याम बोला एन्वल फंगशन पर हर साल कोई गेम प्ले करते है इस […]