उपन्यास अंश

अधूरी कहानी: अध्याय-9: दो साल पहले

समीर अपने असिस्टेन्ड सूरज के साथ नियत टाइम पर पहुँच गया डिटेक्टीव करन ने उनका स्वागत किया और अपने सरवेन्ट को काॅफी लाने को कहा। डिटेक्टीव समीर बोला तो बताइए मिस्टर करन आपके पास क्या खबर है, तब करन बोला – करीब दो साल पहले एक लड़की जिसका नाम रेनुका था जयपुर से अपनी पढ़ाई […]

उपन्यास अंश

अधूरी कहानी: अध्याय-8: गोल्फ

डिटेक्टिव समीर गोल्फ खेल रहा था रोज की थकान के लिये यह एक बेहतर तरीका है उसने शाॅट मारा बाॅल हवा में उड़ती हुई नीचे गिरी और उछलते हुये होल से करीब चार-पाॅच फिट दूर आकर रूक गयी समीर बाॅल के पास गया और और चढ़ाई-ढलान का सही अंदाजा लगाते हुये टी को ऊपर से […]

सामाजिक

पानी की समस्याएँ

पानी की कीमत का अंदाजा नहीं लगा पा रहे भारत के लोगों ने अगर पानी का मोल जल्द ही नहीं समझा तो वर्ष 2020 तक देश में जल की समस्या विकराल रूप ले सकती है। देश में पानी की उपलब्धता की खराब होती स्थिति गम्भीर चिंता का विषय बनी हुई है और एक अनुमान के […]

लेख

प्यार क्या है ?

मैं शब्दो के जरिए संझेप में कहना चाहूँगा कि ऐसा कोई भी समाज नहीं जहाँ प्यार न हो, दुनिया में कोई ऐसी जगह नहीं जहाँ प्यार न हो. प्यार का मतलब केवल प्रेमी-प्रेमिकाओं या पति-पत्नी से नहीं, बल्कि हर उस चीज से है जिसे आप पसंद करतें हों, जिससे आपको खुशी मिलती हों.  एक मां अपने बेटे या बेटी के लिये मिठाई का सबसे अच्छा टुकड़ा छुपाकर रख देती है एक पिता जो अपने बच्चे के लिये खिलौने खरीदकर लाता है, […]

कविता

तुमसे है

जब तू पास होती है, मानो सारी दुनिया साथ होती है तेरे चले जाने के डर से, मेरी ये आंखें सारी रात रोती हैं जब तू मेरी खातिर सारी दुनिया छोड़ने की बात करती है तब तुझमें ही मुझे मेरी दुनिया दिखती है तू जाने या न जाने पर तेरी हर इक याद की शुरुआत […]

गीत/नवगीत

बहुत प्यार करते हैं

बहुत प्यार करते हैं तुमको वतन बहुत खूबसूरत है ये अपना चमन दक्षिण में सागर है उत्तर हिमालय गगन चूमते है मस्जिद, शिवालय संदेश देती है पहली किरण बहुत प्यार करते है तुमको वतन…. दुश्मन यहाँ पर न हमें हो गवारा भारत विना हमको न जीना दोबारा चाहेंगे भारत को सातो जनम बहुत प्यार करते […]

गीत/नवगीत

कोई कुछ भी कहे उसे कहने दो

तेरी बातें वो, मुलाकाते वो, तेरे वादों की हसीं रातें वो अपने पलकों की छाँव में रहने दो कोई कुछ भी कहे उसे कहने दो कोई कुछ भी कहे उसे कहने दो, मुझे जीना नहीं, तेरे बिना बस मरना है अब तो तेरे बिना, मुझे जीना नहीं, तेरे बिना, बस मरना है अब तो तेरे […]

उपन्यास अंश

अधूरी कहानी: अध्याय-7: वीरू तेजा

वीरू तेजा, उम्र पच्चीस के आसपास, स्टाइलिस अपने बैड पर लेटा हुआ था वह इधर-उधर करवट बदल रहा था इससे ऐसा लग रहा था कि उसे नींद नहीं आ रही थी। वह बेड से उठा और थोड़ा इधर-उधर देखा और फिर से बेड पर बैठ गया और मैगजीन उठाकर लड़कियों की तस्वीरें देखने लगा और […]

उपन्यास अंश

अधूरी कहानी: अध्याय-6: टीवी न्यूज

डिटेक्टीव समीर और उसके कुछ साथी कैफे में बैठे हुए थे तथा किसी गंभीर समस्या पर बात कर रहे थे उनके हाव-भाव से लग रहा था कि वे हाल ही में हुए दो खून के बारे में बात कर रहे हो साथ ही बीच-बीच में वे लोग काॅफी के छोटे-छोटे घूंट ले रहे थे।अचानक उसका […]

उपन्यास अंश

अधूरी कहानी: अध्याय-5: मांस का टुकड़ा

बाहर एक काॅलोनी के प्लेग्राउंड में बच्चे खेल रहे थे तभी अचानक उनके बीच से तेज आवाज में सायरन बजते हुए एक पुलिस की गाड़ी वहां से गुजरी गाड़ी का सायरन की तेज आवाज सुनकर बच्चे अपने-अपने घर चले गये।गाड़ी कालोनी पार करते हुए एक मकान के आगे रुकी और रुकते ही डिटेक्टीव समीर के […]