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  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

      हर लफ्ज़ कलेजे को जब चीर के निकलेगा इक़रारे मुहब्बत फिर तस्वीर से निकलेगा । इक बार इजाजत गर , मिल जाये जवानों को दुश्मन है छुपा जो भी , कश्मीर से निकलेगा । मजलूम...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

      हर जगह मोल भाव है भाई । आदमी का स्वभाव है भाई । आ गए है सभी के अच्छे दिन बस खयाली पुलाव है भाई । नाज करिये न जिंदगानी पर बस ये कागज की...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

      मुहब्बत में नजाकत से मुझे पैगाम लिक्खा है सनम ने रेत पर उँगली से मेरा नाम लिक्खा है मुबारक हो मिरे महबूब दुनिया की तुझे दौलत मेरी तकदीर ने हिस्से में मेरे जाम लिक्खा है...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

      दोस्ती यारी निभा कर चल दिए । बेवफा मुझको बता कर चल दिए । मुफलिसी का दौर भी अच्छा ही था दोस्त आये, आजमा कर चल दिए । जो मिरी कश्ती के खेवनहार थे बीच...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

      आज कल जो भी यार मिलते हैं । वक़्त पर सब फरार मिलते हैं । जिंदगी का सफर बड़ा मुश्किल ख्वाब सब तार तार मिलते हैं । नाज करिये न अपनी सूरत पे हुस्न के...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    याद उसकी जब भी आती है मुझे जिंदगी हर पल रुलाती है मुझे । नींद आँखों में मिरे आती नहीं याद तेरी थपथपाती है मुझे । जिसकी यादों में भुलाया दो जहाँ कह के पागल वो...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    जो गलत है वही सही क्यूँ है । आदमी इतना मतलबी क्यूँ है कौन सी हो गई खता मुझसे मौत जैसी ये जिंदगी क्यूँ है । इश्क में सब लुटा दिया फिर भी उनकी नजरों में...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

      काँधे पर जिसके हल देखा । उसको भूखा हर पल देखा । सारे वैभव फीके थे जब माँ का मैला आँचल देखा । जर्रे की कीमत को आँका टाट जड़ा जब मलमल देखा । भूखे...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

      दुःख है क्या और ये ख़ुशी क्या है । या खुदाया ये जिंदगी क्या है । जान देकर भी पूरी कर दूंगा बता तो दे तेरी ख़ुशी क्या है । बस अपनी दास्ताँ सुनाता हूँ...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

      बात थी छोटी, फ़साना हो गया । प्यार का दुश्मन जमाना हो गया । दौरे उल्फ़त में हुआ कुछ भी नहीं जो था अपना, बस बिगाना हो गया । जिस शहर में कोई भी अपना...