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  • कलाई

    कलाई

    अनजाने कैलाश भाई, स्नेह! ट्रेन में मिलना हुआ था। मैं अपने पति के आॅपरेशन के लिए जयपुर जा रही थी एवं हम पति पत्नी चिंता कर रहे थे कि अनजाने शहर में रक्त की व्यवस्था कैसे...

  • लघुकथा – मकान

    लघुकथा – मकान

    सेवानिवृत्ति के पश्चात बाबूजी ने पैतृक गांव में मकान बनवाया, इसी बहाने बेटे बहू रिश्तेदारों से जुडे़ रहेंगे, पर बहूरानी तो प्रतीक्षा कर रही थी कि बाबूजी की मुक्ति हो, तो गांव का मकान बेचकर शहर...

  • लघुकथा – डूबता सूरज

    लघुकथा – डूबता सूरज

    शालिनी बेटी की शादी के निमंत्रणों की सूची निर्मल, अरूणा फाइनल कर रहे थे, सूची देखकर अरूणा बोली, ‘‘तुमने जीवन अंकल का नाम क्यों काट दिया? उनसे तो हमारे घनिष्ठ संबंध थे।‘‘ निर्मल का फैसला था,...

  • लघुकथा – शगुन

    लघुकथा – शगुन

    त्यौहार पर रंग बिरंगी लाइट सीरीज से सजावट कर शानदार पार्टी चल रही थी, पर अचानक पावर कट से घर में अंधेरा हो गया। रंग में भंग से सब दुःखी थे, बालकनी के कोने में चारपाई...

  • लघुकथा – केरियर

    लघुकथा – केरियर

    मनीषा केरियर हेतु नौकरी करना चाह रही थी। कमल भी सहमत था। कमल की इच्छा थी कि बच्चों को दादाजी सम्भाल लेंगे, किन्तु मनीषा का दो टूक आदेश था, ‘‘तुम्हारे पूज्य पिताश्री लाड में बच्चों को...

  • लघुकथा – दूसरी पोती

    लघुकथा – दूसरी पोती

    राम प्रसाद उदास थे, दूसरी बार भी लड़की ही हो गई बहूरानी को। पर बहूरानी तो फिर भी पार्टी दे रही हैं, कल रात को फोन भी किया था, ‘‘बाबूजी, आना ही होगा आपको, मैं क्षमा...

  • लघुकथा – निर्णय

    लघुकथा – निर्णय

    रोहित बाॅस के बेटे के जन्मदिन पर उपहार देने हेतु कोई मंहगी गिफ्ट खरीदने जा रहा था, अचानक घर में काम करने वाली बाई कमला का फोन मोबाइल पर आया, ‘‘सर, मेरे बच्चे का एक्सीडेंट हो...

  • लघुकथा – आधा टिकिट

    लघुकथा – आधा टिकिट

    टिकिट कलक्टर रोहित आधा टिकिट देखकर बोला, ‘‘पूरा टिकिट लगेगा, 450 रूपए पेनल्टी निकालिए‘‘ समीर बोला, ‘‘सर आठ वर्ष का है‘‘, टिकिट कलक्टर बोले, ‘‘लेपटाप पर फेसबुक पर चेटिंग कर रहा है, 13 वर्ष से कम...

  • लघुकथा – फेसबुक

    लघुकथा – फेसबुक

    विनीता शिकायत कर रही थी, ‘‘अंकल, मैंने फेसबुक पर आप को इनवाइट किया था, पर आप मेरी शादी में फिर भी नहीं आए, क्यों?‘‘ अंकल बोले, ‘‘बेटी विनीता, फेसबुक पर मैंने लाइक तो कर ही दिया...

  • बाल नाटक : परमाणु बिजली घर

    बाल नाटक : परमाणु बिजली घर

    कैलाश ने मां की स्मृति में बालिका स्कूल में स्टेशनरी वितरित कर दी। संचालक मेडम ने जब छात्राओं को कैलाश का परिचय ‘‘परमाणु वैज्ञानिक‘‘ दिया तब कई छात्राऐं अपनी शंकाओं का समाधान पूछने लग गई। मीनाक्षी...