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  • स्कूल की छुट्टी

    स्कूल की छुट्टी

    लो स्कूल की छुट्टी हुई अब घर जाएंगे। बहुत तेज भूख लगी है जो मम्मी ने बनाया वही खा लेंगे। टी वि का रिमोट मम्मी से छीन कर कार्टून फिल्म देखेंगे। कुछ देर रेस्ट कर के...

  • ताना बाना

    ताना बाना

    एकता हेलो। उद्योग कुटीर पर प्रशिक्षण के पश्चात् बुनाई केंद्र पर आत्मनिर्भर बन कर अपनी नन्ही बिटिया शिल्पी का लालन पोषण करने का एक सकारात्मक प्रयास कर रही हूँ। ईश्वर के निर्णय से नन्ही बेटी के...


  • फुलझड़ी

    फुलझड़ी

    हलो बुआ! प्रणाम! हैप्पी दिवाली! जी बुआ, पापा मेरे हिस्से की दिवाली मनाने के लिए फुलझड़ी लाए। स्कूल में सुने पर्यावरण की हानि वाला उपदेश उन्हें बतलाया, तो कहने लगे कि नीति बेटी, फुलझड़ी से ध्वनि...

  • माधुरी चुप रहती थी

    माधुरी चुप रहती थी

    माधुरी माहेश्वरि बेटी! अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि! उन्नीस वर्ष पूर्व 15 अक्तूबर 2000 को तुम अनन्त यात्रा पर 23 वर्ष की अल्पायु में ही चली गई। तुम्हारे बिना दिलीप अन्कल बहुत उदास हैं। सीधी सात्विक सरल सी बेटी...

  • रान्ग नम्बर

    रान्ग नम्बर

    स्कूल की एक मैडम के पास एक अनजान नम्बर से फोन मिला कि मैडम जी इतना अच्छा पढ़ाती हो कि हमारी कोचिन्ग सन्स्थान तो बन्द ही हो जाएगा। अधिक से अधिक शिक्षक दिवस पर सम्मान मिल...

  • सत्य के प्रयोग पुस्तक का उपहार

    सत्य के प्रयोग पुस्तक का उपहार

    भारत के रावतभाटा राजस्थान के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में परमाणु ऊर्जा विभाग के सेवानिवृत्त विचारक एवं गायत्री केंद्र बाल सन्सकार शाला के प्राचार्य दिलीप भाटिया ने गांधी जयंती पर बेटियों को राष्ट्रपिता बापू की...

  • अनूठी रस्म

    अनूठी रस्म

    विवाह के बाद पहली करवा चतुर्थी पर पारिवारिक रस्म निभाने के लिए मेरी पत्नी मेरी माँ के लिए एक साड़ी लेकर आई। मेरी माँ ने कहा कि बहू दो साड़ी लेकर आइए। मेरी पत्नी कहना मान...

  • उधार

    उधार

    शकुन्तला ने बहू सुमति को आदेश दिया — बहू तैयार हो जाना। तुम्हारी ननद गरिमा के बेटे का पहला जन्मदिन है। सबको चलना होगा। सुमति साधारण साड़ी में आईं तो एक प्रश्न कि गहने जेवर क्यों...

  • पायल – एक मिसाल

    पायल – एक मिसाल

    पायल बेटी स्नेह। दादा जी को अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि। मुझे कई बार उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला था। नियमित रूप से तुम उनके साथ टहलने के लिए ले जाती थीं। उनके प्रति तुम्हारी निस्वार्थ सेवा...