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  • आरक्षण

    आरक्षण

    सिंहों की खातिर पिंजड़े है ,श्वानों को सिंहासन मिलता । मिल रहे कैक्टस को गमले, कीचड़ के बीच कमल खिलता । होते अयोग्य हर दिन पदस्थ ,मेधावी भटक रहे दर दर । यह कैसी उल्टी गंगा...


  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    किसकी मानूँ और भला किसको ठुकराऊँ? कुछ कहने से अच्छा है कि चुप हो जाऊँ भीड़ भरी दुनिया में ,कहीं न खो जाये तू आ तेरी आँखों मे डूब के मै खो जाऊँ इक कमजोर के...

  • उदास रात

    उदास रात

    चीज छोटी सी है ,लेकिन जनाब दे जाओ । मेरे टूटे हुए दिल का हिसाब दे जाओ। सिर्फ तन्हाई है बस दूर तक अंधेरा है, उदास रात है कोई तो ख्वाब दे जाओ। जिंदगी काली रात...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    तुम्हारी याद में प्रियतम ,नींद भी टूट जाती है । न मुझको चैन आता है,न कोई बात भाती है । तुम्हारी याद के मोती रोज आँखो से झरते हैं, नींद को ,भीड़ ख्वाबों की, हमेशा तोड़...


  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    मुश्किलें कुछ इस तरह की थी,सखे ! दुश्मनों से दोस्ती भी की , सखे ! तपके सूरज ढल गया जो शाम को, चाँद को ले आ गई रजनी , सखे ! जिंदगी मय की तरह पीता...

  • नयन कमल

    नयन कमल

    तेरे नयन कमल जैसे हैंं । तेरे अधर लुभाते मन को । तेरे बोल डिगाते मन को । प्रेम पंथ अमृत है प्यारी , रीति रिवाज गरल जैसे हैं। तेरे नयन……………….. तुम हो सावन की पुरवाई...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    हर रोज दिल पे चोट नई, खा रहे हैं हम । यह बात अलग है कि मुस्करा रहे हैं हम । नीरस है जिंदगी का गीत,भाव निठुर हैं, मजबूरियों में फिर भी इसे गा रहे हैं...

  • गीत

    गीत

      समझौते हैं, रिश्तों में अब कहाँ मिठास रही ? सिर्फ औपचारिकता है,अपनापन नही रहा । रिश्तों का जो बंधन है ,मनभावन नही रहा । पावन प्रेम की सुघर कल्पना बड़ी उदास रही । समझौतें हैं...