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  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    जिंदगी है खफा, कई दिन से । तू कहाँ है बता, कई दिन से ? किसी के ख्वाब सुलगते होंगे, हर तरफ है धुआँ, कई दिन से। रात को नीँद नही आती है, दिल नही लग...

  • उस उपवन को जल देकर ,वृथा समय बरबाद न कर! जिस उपवन में केवल काँटे वाले पेड़ पनपते हों । जहाँ अँधेरो की पूजा हो ,दीपक का उपहास बने । सारे श्रोता पटु वक्ता हो, गूँगा...





  • गीत

    गीत

    पीड़ा पारावार हुई है, टूटे उर तंत्री के बंधन । समय व्याध तू गर रुक जाता ! तो यह निर्मम क्षण न आता । तूने युगल न तोड़ा होता – तन्हा क्रौंच न अश्रु बहाता ।...

  • पीड़ा

    पीड़ा

    पीड़ा पारावार हुई है, टूटे उर तंत्री के बंधन । समय व्याध तू गर रुक जाता ! तो यह निर्मम क्षण न आता । तूने युगल न तोड़ा होता – तन्हा क्रौंच न अश्रु बहाता ।...

  • गौरैया

    गौरैया

    खपरैले के नीचे, गौरैया के बच्चे रहते थे ।। यह बच्चे एक दिन, उड़ जायेंगे, दादा जी कहते थे । * खपरैले में गौरेया ने नन्ही नीड़ बनायी थी,। जाने कहाँ कहाँ से वो तिनके चुनचुनकर...