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  • गजल

    गजल

    शहर को हाय ये हुआ क्या है? हर जगह धुंध है धुआँ सा है । देखकर मेरी खुशी जलता है, आदमी है कि वो जवासा है? बोनसाई सी जड़ें ,रिश्तों की, सोच कर मन मेरा रुआँसा...

  • गजल

    गजल

    अधरों पर मुस्कान नही है। जिंदा हूँ पर जान नही है । घोर अमा, तू दुखड़ो वाली ! तेरा कोई विहान नही है ? क्या हूँ,कैसे हूँ,मैं क्यों हूँ ? मुझको कुछ भी भान नही है।...

  • गीत

    गीत

    हानि लाभ की गणना कर लें ; आ कर लें सब वारे न्यारे ! समय ! फेर दिन सुखद हमारे । पल भर मिलन ,मास भर पीड़ा । समय! रोक यह निर्मम क्रीड़ा । दोष सिद्ध...


  • गजल

    गजल

    वक्त ने ,हाय ! ये क्या से क्या कर दिया ? देके शोहरत, मुझे गुमशुदा कर दिया । खेल ऐसा किया ,मैं ठगा रह गया , दूर मंजिल, कठिन रास्ता कर दिया । कल्पना बाँध दी,...


  • गजल

    गजल

      दूर चला जा ,ऐ मौसम ! शहनाई का । फिर से मैं दीदार करूँ तन्हाई का । नव बसंत! आगमन तुम्हारा मंगल हो, क्या लाये हो समय मेरी तरुणाई का ? कोयल, भौरें , मदन,...


  • घनाक्षरी

    घनाक्षरी

    भक्ति जो करे तो मीराबाई बन जाये नारी , कोप जो करे तो रणचंडी बन जाती है । तोड़ती मिथक सारे नारी शक्ति नित्यप्रति, कल्पना बने तो अंतरिक्ष तक जाती है । नारी है तो सृष्टि...