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  • गजल

    गजल

    पीढ़ियों से भेद का उपहार है । क्या यही समभाव का अधिकार है ? मार कर प्रतिभा प्रगति की सोचता, बोल क्या तू मानसिक बीमार है ? नाम से वह घाव कर सकती नही, बेअसर है...

  • कुंडलियां

    कुंडलियां

    १:/ भारत का दर्शन,गणित,ज्योतिष और विज्ञान । कभी विश्व में थे यही ,भारत की पहचान । भारत की पहचान,विश्वगुरु देश हमारा । कहाँ खो गया वह प्रतिभा का सागर सारा ? प्रतिभाओं का हनन,राष्ट्र को करता...


  • रोते बादल

    रोते बादल

    सारी रैना रोते बादल । घूमा करते हैं, आवारा । जैसे कोई गम का मारा । थक कर फिर ये झुक जाते हैं, जैसे कोई पथिक हो हारा। रात रात चपला चिल्लाती , भला कहाँ हैं,सोते...

  • मित्रता

    मित्रता

    खून का नही है ,पर प्रेम अनुबंध है ये, दोस्ती के रिश्ते को नेह से निभाइये। मीत जो गरीब हो या ,कष्ट में हो,दुख मे हो, मीत को सुदामा मान,कृष्ण बन जाइये। ऊँच-नीच,गुरु-लघु,श्वेत-श्याम सब त्याग, मीत...

  • गीत

    गीत

    श्रम पावक में तपा स्वयं को ,मूल्यवान तू स्वर्ण बनेगा ! आभूषण तो मूल्यहीन ,कंकड़ पत्थर भी बन जाते हैं । तीक्ष्ण अम्ल से धुला गया वो,बारम्बार प्रहार सहे हैं। कंचन ने निज कोमल तन पर...




  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    वो कितना टूटा होगा ? जो मेरा सपना होगा । जिसका दिल बेजार हुआ सोचों वो कैसा होगा ? अश्क छुपा कर लोगों से वो तनहा रोया होगा । तुलसी तो तुलसी होगा रतना! तेरा क्या...