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  • ग़ज़ल – प्‍यार बना देना

    ग़ज़ल – प्‍यार बना देना

    दिल से जो लफ्ज निकले उसे प्यार बना देना पर आँख से जो बरसे अंगार बना देना। तन्हा हॅू निहत्था हॅू घर से निकल पडा हॅू ईमान को मेरे अब हथियार बना देना। दुनिया से दुश्मनी...