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  • नही चलता मेरा मुझपर असर तेरे बिना नही रहती अब मेरी खबर मुझे तेरे बिना जमाने को मुस्कराकर मैँ मिलती रहती हू पर हर मुस्कराहट खिलती नही तेरे बिना तुझे सोचना,तुझे चाहना और तेरा दीदार ही...

  • गीतिका : नारी की व्यथा

    गीतिका : नारी की व्यथा

    तू लाख कोशिश कर मुझे सताने की मैँ नही बनूंगी चीज अब तेरे सजाने की हुई खता जो इश्क़ कर बैठी मैं तुझसे क्यों की कोशिश मैंने तुझे आजमाने की न अब आफताब होगा न सितारों...

  • गीतिका : हिंदी को बढ़ाना है

    गीतिका : हिंदी को बढ़ाना है

    अपनी हिन्दी भाषा को, आगे और बढाना है पूरे विश्व में इसको, सम्मान दिलाना है हिन्दी की महानता जो, सबसे ही निराली है हर दिल में हिंदी का, दीपक जलाना है क्यूं तोङा जाता हिंदी को...

  • गीत : वो इतवार नहीं आता

    गीत : वो इतवार नहीं आता

    सबकुछ जी लिया हमने पर वो प्यार नहीं आता मस्ती से गुजरता था जो वो इतवार नहीं आता सुबह सुबह रंगोली से दिन की शुरुआत होती थी पूरा दिन आने वाली उस इक फिल्म की बात...

  • गीत :  याद तुम्हारी आती है

    गीत : याद तुम्हारी आती है

    सावन के महिने में प्रिय याद तुम्हारी आती है तन पर पङती ये बूंदे फिर मन में अगन लगाती है नही रुकता मन का आवेश हरदम यूं घबराता है तङपन लिये ह्रदय में मेरे तेरा ख्याल...


  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    तेरी चाहत मेँ अब भी महकता गुलाब है क्यूं कहती है दुनिया कि ये चाहत खराब है इस मीठे दर्द से बच सका ना कोई भी कभी न छूटने वाली ये दर्द भरी शराब है इश्क...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    बारिश जैसा जुनून तेरी मोहब्बत में चाहिये मौसम की तरह बदलकर हमें यूं न सताईये मिजाजे इश्क बहक रहा तेरे दीदार की खातिर इक बार ही सही हमें अक्स दिखा जाइये रह जायेंगे हम तन्हा तेरी...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    आंखों से दिलदम का अंदाज जुदा होता है कैसे कह दें हम कि इंसान खुदा होता है माना कि अपनी मस्ती में रहता है आदमी हालातोँ की जंजीरों से हर पल लदा होता है कहने को...

  • कविता

    कविता

    बलात्कार की कोई परिभाषा नही होती होती है तो सिर्फ रूहं तक कांपने वाली पीड़ा ह्रदय को छलनी करने वाला घाव जीते जी मर जाने वाली संवेदना और स्वयं से हार जाने वाली घृणित मंशा क्या...