कविता

गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस की सुबह आई है, सबके चेहरे पर खुशियां छाई हैं। अधिकार हमें इसी दिन मिले थे, जीवन को आगे बढ़ा सकें हम, नयी उम्मीद और नये पैगाम लाया है। देश हमारा करें तरक्की, यही अहसास दिलाता है। संविधान का सब करें  सम्मान, यही भावना जगाता है। हाथ थाम कर एक दूसरे का, आगे […]

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बर्फ की जिंदगी

बर्फ की जिंदगी कितनी कठिन होती है हर समय पत्थर  बने रहना, धूप की जब किरणे परी तो पिघलना शुरू हो गया बर्फ से मिलती जिंदगी है रिश्ते  जिनको हम बर्फ की तरह कठोर बना देते है हम अपनी मै में खो जाते है कोई भी बड़ा अपनी धूप  रुपी बुद्धि देना भी चाहे, तो […]

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मौन दीवार

दीवार कुछ नहीं कहती है, हमेशा मौन रहती है, बहुत कुछ सीखा है इससे, मौन रहकर कैसे काम करते है। अपने सारे सुख दुःख कहती हूं, मेरे सारे रंग देखे है, मेरा अपनों से  लड़ना झगड़ना देखा है। मेरा अपमान देखा है, मेरा स्वाभिमान भी देखा है, मेरी हर ख़ुशी की साथी रही है, चटान […]

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नया साल नयी आशा 

नया साल आ रहा है, नयी आशा ला रहा है। नए सपने मन को लुभा रहे है, लगता है कुछ नया होने वाला है। ठण्ड बढ़ती जा रही है, चारो तरफ नए साल की धूम है। अमीरो का नया साल मनता है होटलो में. गरीबो का मनता है फुटपाथों पर, नयी आशा यही है की […]

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दर्द भरी यादें

कुछ सूखे पत्ते किताबों में मिले, तेरी याद दिला  गए। मेरे दिल की गहराइयो से पूछो, कितना याद आते हो तुम,  अब तेरे बिन रहा जाता नहीं।  तुम से हम कितना प्यार करते है हर साँस  में तुम बसे  हो, पास मेरे तुम थे, लगता था सब कुछ है मेरे पास, जल्दी से आ जाओ […]

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नारी की कहानी

किस बात की पीड़ा है, किस बात का डर है, क्यों घबराती  हो छींटाकशी से, ये तुम्हे सौगाते मिली है। चरित्र और मर्यादा का ढोंग, हमें ही करना है। सारी  रीति रिवाज़ हमें ही निभाने है फिर भी हमें ही बदनाम किया जाता है पुरुष कुछ भी करे वो सब ठीक है नारी पर हो […]

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3 दिसम्बर विकलांग दिवस पर

हिम्मत से जंग जीत सकते हैं हिम्मत हो तो हम, हर जंग जीत सकते हैं। चाहे हो दिव्यांग भी, हिमालय का मस्तक चूम सकते हैं। रोक सकती नहीं है हमें, कोई भी वाधा, हम में है दम इतना, हर रास्ता बदल सकते हैं। क्या हुआ जो आज हमें, भगवान ने हम से कोई अंग छीन […]

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प्रकृति से प्यार

प्रकृति कुछ कहना चाहती है मुझसे, हवा की सरसराहट कुछ कहना चाहती है मुझसे, पक्षियों की चहचहाहट कुछ कहना चाहती है मुझसे, बारिश का उल्लास वातावरण, बातें करते हैं मुझसे, चांदनी रात का मदमस्त वातावरण, कुछ कहना चाहता है मुझसे, चांदनी की शीतलता मुझे सुकून देती है। सूरज के ताप हमेशा हौसला देता है, प्रकृति […]

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तुम कहां चली गई मां

तुम कहां चली गई मां, मेरी अंतरात्मा तुम्हें पुकार रही है मां, आकर मेरी मुश्किल हल कर दो मां, मेरा आंचल खुशियों से भर दो मां, मेरा अंतर पुकार रहा है मां, तेरी बहुत कमी महसूस हो रही है मां, हर पल साथ रहती थी तुम मां, मेरी आत्मा की आवाज सुन लेती थी मां, […]

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हिन्दी दिवस

हिन्दी  हमारी जान है, हिंदी हमारी शान है। हिंदी हमारी बोली है, फिर भी हिंदी उदास है। हिंदी हमारी चेतना है, हिंदी हमारी संस्कृति है। हिंदी हमारी वेदना है, फिर भी हिंदी उदास है। हिंदी हमारी आत्मा है, हिंदी हमारी संवेदना है, हिंदी हमारी लाज है, फिर भी हिंदी उदास है। हिंदी हमारी अस्मिता है, […]