कविता

अनुराग बहुत याद आओगे

अनुराग बहुत याद आओगे  एक हंसता हुआ चेहरा था,  जो सब के दुख दर्द को समझा था,  अपनी परवाह कभी न कि उसने,  दूसरे के दर्द को अपना समझता था,  तुम क्या गए जग रूठ गया,  सबके होठों की हंसी सूख गई,  सबकी आंखें नम है, ढूंढ रही हैं तुम्हें  यहां वहां, पर तुम हो […]

कविता

कन्यादान

बिटिया जब बड़ी होती है, तब हर मात पिता कन्यादान करते हैं, कितनी पीड़ा होती है उनको, जिसको पाल पोस बड़ा किया, उसे दूसरे के हाथ सौंपता है, कन्यादान का कर्ज, कोई नहीं उतार सकता, बेटी को खुशियां देकर, मन कितना हल्का हो जाता है, अपने घर की खुशियां देकर, दूसरों के घर में खुशियां […]

कविता

अभिमान

अभिमान मुझे मेरी आत्मा पर है, कभी कोई ग़लत काम करने नहीं देती , अभिमान मुझे मेरी सोच पर है, जो हरदम खुशियां बिखेरता है, अभिमान मुझे मेरे होने पर है, जो दूसरों के लिए तत्पर रहता है, अभिमान मुझे मेरे मात पिता पर है, जिन्होंने इतने अच्छे संस्कार दिए, अभिमान मुझे मेरे मेरे गुरु […]

कविता

राखी

सावन के महीने में, राखी का त्यौहार आता है। हर बहन को यह पर्व, सबसे प्यारा लगता है, हरी चुनर ओढ़ कर, बहन भाइयों के पास जाती हैं। भाई के हाथ में राखी बांधकर, फूली नहीं समाती हैं, यह रेशम का धागा नहीं, प्यार की डोर है, हर बहन को आस है जिसकी, हर भाई […]

कविता

सावन का महीना

सावन का महीना बहुत खूबसूरत होता है, धरती और आकाश का मिलन इसी महीने में होता है, चारों तरफ हरियाली छा जाती है, मन का मयूर नाचने लगता है, ऐसे लगता है जैसे धरती हरि चुनर ओढ़ कर, नृत्य कर रही हो। सावन में छाई हरियाली किसी की याद दिलाती है, प्रीतम कहां हो तुम […]

कविता

जीवन

जीवन क्या है? ये बता दे तू, सारे गमों की दवा दे तू, हंसते रोते कट जाती है ज़िन्दगी, जिन्दगी को जीना सिखा दे तू, धूप छांव में मिट गये जीवन के तजुर्बे, सांस लेना सिखा दे तू, दौलत कमाना तो बहुत आसान है, दूसरे के आंसू पोछना सिखा दे तू, जीना मरना तो एक […]

स्वास्थ्य

डिप्रेशन क्यों होता है?

डिप्रेशन क्यों होता है? यह बहुत ही विचारणीय प्रश्न  है जब कोई दुखो में डूब जाता है, सारी  दुनिया उसे काली लगने लगती है, तब  व्यक्ति को कुछ भी अच्छा नहीं लगता है। अवसाद का अर्थ मनोभावों से सम्बन्धी दुःख से होता है। अधिकतर यह देखा गया की जो प्रेम में ज्यादा डूबा है, और […]

कविता

पिता का जीवन में महत्व

(पितृ दिवस पर विशेष) संघर्ष का दूसरा नाम है पिता बचपन से जो हमें सपने दिखाए वो है पिता ऊँगली पकड़कर जो चलना सिखाये वो है पिता हमारी जागीर और जमीर है पिता ऊपर से डाट दिखाता और अंदर ही अंदर रोता वो है पिता जाग कर सारी  रात ख्बाब बुनता वो है पिता जिसने […]

कविता

जीने का हक़

मैं  भी औरत हूँ क्या मुझे भी जीने का हक़ है खुद का अस्तित्व मिटाकर किसी का घर बसाती  हूँ घर की सारी जिमेदारियो को उठाती हूँ हर युग में मुझे ही सारी परीक्षा देनी पड़ती है क्या मुझे भी जीने का हक़ है ममता की मूरत हूँ , सबका ध्यान रखती हूँ फिर भी मेरे […]

कविता

जीवन के खट्टे मीठे अनुभव

जीवन में खट्टे मीठे अनुभव होते हैं, जो हमने अनुभव पाए, वह सब यही रह जाते हैं। अपनी गलतियों से हम हर रोज अनुभव लेते हैं, जिंदगी की हर कदम हमें एक अनुभव देती है। जिंदगी हर वक्त हमारी परीक्षा लेती है, वह हमें सही और गलत का तजुर्बा देती है। बचपन से लेकर मृत्यु […]