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  • हिन्दी दिवस

    हिन्दी दिवस

    हिन्दी  हमारी जान है, हिंदी हमारी शान है। हिंदी हमारी बोली है, फिर भी हिंदी उदास है। हिंदी हमारी चेतना है, हिंदी हमारी संस्कृति है। हिंदी हमारी वेदना है, फिर भी हिंदी उदास है। हिंदी हमारी...

  • गीतिका

    गीतिका

    दर्द में डूबी हुई आंखें दिखाऊं कैसे, प्यार का आपसे इज़हार छुपाऊं कैसे। मौत आती है मगर कोई तमन्ना लेकर, जिंदगी बोल तुझे जीना सिखाऊं कैसे। रात आती है हमेशा तेरी यादें लेकर, ये बता यादों...

  • मां की ममता

    मां की ममता

    मां की कोख हमें, दुनिया के गुण सिखाती है। मां की लोरी हमे, प्यारी नींद सुलाती है। मां अपने कदमों से हमें चलना सिखाती है। मां ममता की मूरत है, हमें प्यार करना सिखाती है। मां...

  • धारा 370

    धारा 370

    कन्याकुमारी से कश्मीर तक, भारत अब हमारा है। दो देवदूतों ने आकर, भारत को संवारा है। हर सावन में पिया प्यारा लगे, इस सावन की बात निराली है। पहला सावन सोमवार का चन्द्र यान सफल हुआ,...

  • पति

    पति

    पति आस है विश्वास है पति अपनेपन का एहसास है पति से बढ़कर कोई नहीं दुनिया में पति प्यार का सागर है पति से चांद तारा मांगा नहीं मैंने तो उसने आंचल मेरा भर दिया प्यार...

  • भारतीय संस्कृति

    भारतीय संस्कृति

    भारतीय संस्कृति सबसे प्राचीन संस्कृति है, दुर्भाग्य यह है कि भारतीय अपनी संस्कृति भूलते जा रहे हैं, और अंग्रेज भारतीय संस्कृति अपना रहे हैं। भारतीय संस्कृति का क्षेत्र सभ्यता से कहीं व्यापक और गहन है, सभ्यता...

  • मातृभूमि

    मातृभूमि

    हे मातृभूमि है देवभूमि तुमको शत-शत नमन हो, वीरों की यह धरती तुम को शत शत नमन हो। मातृभूमि की रक्षा के लिए हम सर्वस्व न्यौछावर कर देंगे, आने ना देंगे  इस पर हम ऐसे कवच...

  • धर्म और विज्ञान

    धर्म और विज्ञान

    धर्म और विज्ञान एक दूसरे के पूरक हैं। धर्म जीवन जीने की प्रेरणा देता है, और विज्ञान जीवन कैसे जिया जाता है यह सिखलाता है। पुरातन समय में धर्म को इसलिए प्रमुखता दी गई, क्योंकि लोगों...

  • मां मुझे मत मारो

    मां मुझे मत मारो

    मां मैं तुम्हारे अंदर हूं मुझे मत मारो मैं भी जीना चाहती हूं दुनिया देखना चाहती हूं मां मैं तो एक छोटी सी कली हूं जो पत्तो में सिमटी हुई है मां मैं तुम्हारे गोद में...

  • श्रमिक की व्यथा

    श्रमिक की व्यथा

    श्रमिक की व्यथा कैसी होती है, दिन भर वह मेहनत करता है, फिर चार पैसे कमा पाता है, ज्यादा हो गर्मी या बरसात, हर रोज काम पर आता है। श्रमिक ना हो तो अनाज भी ना...