कविता

मां की ममता

मां की कोख हमें, दुनिया के गुण सिखाती है। मां की लोरी हमे, प्यारी नींद सुलाती है। मां अपने कदमों से हमें चलना सिखाती है। मां ममता की मूरत है, हमें प्यार करना सिखाती है। मां की हर बात निराली है, हमें वो बोलना सिखाती है। हमारी आंखों में आंसू आते हैं, हमें हंसना सिखाती […]

कविता

धारा 370

कन्याकुमारी से कश्मीर तक, भारत अब हमारा है। दो देवदूतों ने आकर, भारत को संवारा है। हर सावन में पिया प्यारा लगे, इस सावन की बात निराली है। पहला सावन सोमवार का चन्द्र यान सफल हुआ, जिसने भारत का गर्व बढ़ाया है। दूसरा सोमवार तीन तलाक़ खत्म हुआ, मिली आजादी महिलाओं को, इज्जत से जीने […]

कविता

पति

पति आस है विश्वास है पति अपनेपन का एहसास है पति से बढ़कर कोई नहीं दुनिया में पति प्यार का सागर है पति से चांद तारा मांगा नहीं मैंने तो उसने आंचल मेरा भर दिया प्यार से पति से साथ मांगा मांगा था मैंने वह साथ चल दिया मेरे हर बात बिना समझे पूरी कर […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

भारतीय संस्कृति

भारतीय संस्कृति सबसे प्राचीन संस्कृति है, दुर्भाग्य यह है कि भारतीय अपनी संस्कृति भूलते जा रहे हैं, और अंग्रेज भारतीय संस्कृति अपना रहे हैं। भारतीय संस्कृति का क्षेत्र सभ्यता से कहीं व्यापक और गहन है, सभ्यता का अनुकरण तो किया जा सकता है पर संस्कृति का नहीं।              संस्कृति सब […]

कविता

मातृभूमि

हे मातृभूमि है देवभूमि तुमको शत-शत नमन हो, वीरों की यह धरती तुम को शत शत नमन हो। मातृभूमि की रक्षा के लिए हम सर्वस्व न्यौछावर कर देंगे, आने ना देंगे  इस पर हम ऐसे कवच से ढक देंगे। मातृभूमि हमें अपनी जान से प्यारी है, कोई भी इसकी तरफ आंख उठा नहीं सकता। दुश्मन […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

धर्म और विज्ञान

धर्म और विज्ञान एक दूसरे के पूरक हैं। धर्म जीवन जीने की प्रेरणा देता है, और विज्ञान जीवन कैसे जिया जाता है यह सिखलाता है। पुरातन समय में धर्म को इसलिए प्रमुखता दी गई, क्योंकि लोगों को विज्ञान के विज्ञान समझ नहीं आता था। पेड़ की पूजा करना धर्म सिखाता है, पीपल बरगद ऑक्सीजन देते […]

कविता

मां मुझे मत मारो

मां मैं तुम्हारे अंदर हूं मुझे मत मारो मैं भी जीना चाहती हूं दुनिया देखना चाहती हूं मां मैं तो एक छोटी सी कली हूं जो पत्तो में सिमटी हुई है मां मैं तुम्हारे गोद में खेलना चाहती हूं मां मुझे मत मारो मैं जीना चाहती हू मैं अपनी बडी बहन का लाड चाहती हूं […]

कविता

श्रमिक की व्यथा

श्रमिक की व्यथा कैसी होती है, दिन भर वह मेहनत करता है, फिर चार पैसे कमा पाता है, ज्यादा हो गर्मी या बरसात, हर रोज काम पर आता है। श्रमिक ना हो तो अनाज भी ना हो, सड़कें भी पक्की ना बने, श्रमिकों के हालात पर, किसी को रहम ना आता है। सब जगह खुशहाली […]

कविता

मतदान

आओ मतदान करे, फिर से बदलाव करे, लोकतंत्र की हो रही है शादी, हम सब बन जाये बाराती। वोट हमें डालना है जरुरी, कोई शिकयत न रहे अधूरी। हम सबको जगाना है, मतदान सबको कराना  है। अब तो जग जाओ तुम सब, केवल वोट पर चर्चा न करे। हवा बदलाव की आ रही है, चुनाव […]

भजन/भावगीत

माता रानी

माता रानी ओ ओ , माता रानी ओ ओ ll माता रानी शेर पे  सवार होकर आई है, —-2 हाथ में  भाला, है तलवार भी लाई हैं।। माता रानी ओ ओ , माता रानी ओ ओ ll माता रानी शेर पे  सवार होकर आई है, —-2 भक्तों के कष्ट को मिटाना माता ll प्यार  की  […]