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  • गीत

    गीत

    (अररिया में सरफराज आलम की जीत पर लगे पाकिस्तान ज़िंदाबाद,भारत विरोधी नारों का विश्लेषण करती कविता) तुमने ललकारें सुनी नहीं, कानों में तेल लगाऊं क्या? आँखों से तुमको दिखा नहीं? अब दूरबीन पकड़ाऊँ क्या? भारत तेरे...

  • गीत – दिखा दिया है योगी ने

    गीत – दिखा दिया है योगी ने

    आँखें जिस पल को तरसी थीं, वह दर्श दिखाया योगी ने उस सदन बीच खुलकर हिदूं उत्कर्ष दिखाया योगी ने निज धर्म-कर्म पर गौरव है, ये सिखा दिया है योगी ने जो मोदी नहीं दिखा पाये,...

  • गीत : बेटा चन्दन नहीं रहा

    गीत : बेटा चन्दन नहीं रहा

    (कासगंज उ प्र में 26 जनवरी तिरंगा यात्रा में मुसलमानों द्वारा देश भक्त युवा चन्दन की गोली मारकर हत्या किए जाने पर सनातन समाज को चेताती नयी कविता) कोई हल्ला, कोई मातम, कोई क्रन्दन नहीं रहा...

  • गीत : गुजरात में कांग्रेस की हार

    गीत : गुजरात में कांग्रेस की हार

    (गुजरात और हिमाचल में कांग्रेस की हार पर राहुल खान गांधी को समर्पित मेरी ताज़ी कविता) खूब लगाया ज़ोर कुंवर ने, बाहें खूब समेटी थीं, कुछ पटेल की भटकी नस्लें, जातिवाद पर ऐंठी थीं, इक फ़िरोज़ का पोता, जबरन...

  • गीत – बॉलीवुड में भांड भरे हैं

    गीत – बॉलीवुड में भांड भरे हैं

    बॉलीवुड में भांड भरे है,, नीयत सबकी काली है.. इतिहासों को बदल रहे,, संजय लीला भंसाली है.. : चालीस युद्ध जितने वाले को ना वीर बताया था..संजय तुमने बाजीराव को बस आशिक़ दर्शाया था.. : सहनशीलता...

  • गीत :  रोहिंग्या

    गीत : रोहिंग्या

    (रोहिंग्या मुसलमानों के बसाए जाने के मुद्दे पर घुसपैठियों की वकालत करने वालों को जवाब देती कविता) भारत का माहौल बुरा है, सब हैं नफरत भरे हुए, दाढ़ी वाले चीख रहे हैं, मुसलमान हैं डरे हुए,...

  • गीत

    गीत

    फिर से वही रवैया अपना, फिर वो ही लाचारी है अमरनाथ के आंगन में जेहादी गोलीबारी है हिन्दू सात मारकर लश्कर, जश्न मनाता कायम है और सूरमा मोदी का दिल अब तक बहुत मुलायम है अमरीका...

  • गीत

    गीत

    (कश्मीर में मस्जिद के बाहर मुसलमानों की भीड़ द्वारा मारे गए निर्दोष DSP अयूब जी की शहादत पर दिल से निकली एक कविता) कश्मीर में आतंक का सामान नहीं हूँ, अच्छा हुआ काफिर हूँ, मुसलमान नहीं...

  • गीत : सत्ता का लकवा मार गया

    गीत : सत्ता का लकवा मार गया

    (कश्मीर में जेहादियों द्वारा सैनिकों को थप्पड़-लात मारकर अपमानित करने पर एक सैनिक की सरकार से अपील को बयां करती कविता) दिल्ली में बैठे शेरों को सत्ता का लकवा मार गया इस राजनीति के चक्कर में...