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  • गजल 212,212,212,212

    गजल 212,212,212,212

    कोई इल्जाम हमपे लगाना नही। बोलती सच मैं करती बहाना नहीं आ भी जाते समय पर मगर क्या करें, बन्द घड़ियों का कोई ठिकाना नही। द्वार बापू खड़े माँ खड़ी आँगना, आँख से आँख को तुम...

  • गजल 2122,2122,2122,2122

    गजल 2122,2122,2122,2122

        पास तुम बैठो जरा सा बात कुछ करनी अभी है। बाद में देना बहाना वक़्त की जो भी कमी है।   बीत ये सावन गया है,शेष बरसातें रहीं क्यूँ- झांकते तो इक़ दफा तुम...



  • #गजल 212 212 1222

    #गजल 212 212 1222

    तुझ पे दिल हारकर दिखाना है। नाम लब पर तेरा सजाना है । मेरे सागर नदी बनूं तेरी । सिलसिला बस यही निभाना है । गम मिले या मिले ख़ुशी अब तो। साथ जीवन तेरे बिताना...

  • एक गीत 2122,2122,212

    एक गीत 2122,2122,212

    बिन तुम्हारे जिंदगी परिहास है। शेष अब तो आस ही बस आस है। भेजते थे तुम कभी जो खत हमें छल रही है आज वो ही लत हमें। अब नही बाकी कोई उल्लास है शेष अब...