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  • “सरस्वती वंदना”

    “सरस्वती वंदना”

      नमामि मात शारदे, नमामि मात शारदे। विनाश काम क्रोध मोह लोभ मात मार दे। सदैव सत्य लेखनी लिखे डरे न सार दे। अनेक भाव शब्द और शुद्ध से विचार दे। उपासना करूँ प्रभात से बनी...


  • जिद्दी गुड़िया रानी

    जिद्दी गुड़िया रानी

    (सार ललित छ्न्द) हठ कर बैठी गुड़िया रानी, चाँद मुझे दिलवा दो। दादी बाबा नाना नानी, चाँद मुझे दिलवा दो। छोड़ दिया है दाना पानी, चाँद मुझे दिलवा दो। करती रहती आनाकानी,चाँद मुझे दिलवा दो। चाँद...




  • गजल 212,212,212,212

    गजल 212,212,212,212

    कोई इल्जाम हमपे लगाना नही। बोलती सच मैं करती बहाना नहीं आ भी जाते समय पर मगर क्या करें, बन्द घड़ियों का कोई ठिकाना नही। द्वार बापू खड़े माँ खड़ी आँगना, आँख से आँख को तुम...

  • गजल 2122,2122,2122,2122

    गजल 2122,2122,2122,2122

        पास तुम बैठो जरा सा बात कुछ करनी अभी है। बाद में देना बहाना वक़्त की जो भी कमी है।   बीत ये सावन गया है,शेष बरसातें रहीं क्यूँ- झांकते तो इक़ दफा तुम...