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  • गुरदई

    गुरदई

    गुरदई, सारे मुहल्ले की रौनक होती थी। उस की उम्र कितनी होगी, किसी को कभी ख्याल ही नहीं आया। उमर पूछ कर करना भी किया था, उस के मुंह और कलाइओं से ढुलकता हुआ मांस ही...





  • अमृत

    अमृत

    अर्धांगिनी साहबा एक दिन गुरदुआरे से आई। अपने हैंड बैग से उस ने छोटी सी एक शीशी निकाली और बोली,” यह लो थोह्ड़ा सा अमृत पी लो, गुरमीत कौर इंडिया से लाइ है और यह अमृतसर...

  • आख़री ख़त

    आख़री ख़त

    वेद प्रकाश जी आज 90 वर्ष के हो गए थे। दो बेटे, बहुएँ, पोते पोतीआं और आगे उन के भी बच्चे, काफी बड़ा परिवार था। घर में ही बर्थडे पार्टी का इंतज़ाम किया गया था। सारा...

  • गधे और बंदर

    गधे और बंदर

    इस वर्ष गर्मी कहर की थी। जालंधर की गर्मी और मच्छरों से मुकाबला, कोई करे भी तो किया करे। दफ्तर में लोगों से सर खपाना और ऊपर से बिजली की आँख मिचोली,सोचा, कुछ दिन के लिए...