गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

चाल नफरत की वो इस तरह चल गये। भावना   मर  गयी   प्यार के  पल गये। इस  तरह   वो  बचाते  हैं  मजलूम को, आज  जाना  जहाँ  था  वहाँ कल गये। बात  हर  एक  मंज़ूर  थी  कल  तलक, बोल  मेेरे  उन्हे  आज  क्यूँ   खल  गये। वक़्त  ने  घाव  मेरा  हर  इक  भर दिया , वक्त  के  साथ  […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

दिलों को  मिलायें  यही  चाहते हैं। वतन को  सजायें  यही  चाहते हैं। न सच को  छुपायें  यही चाहते हैं। हक़ीक़त   बतायें   यही  चाहते हैं। रियायत नहीं चाहते उनसे कुछभी न  बेजा   सतायें   यही  चाहते हैं। ये वादे सुनहरे बहुत सुन चुके हम,j ज़मीं पर  भी आयें यही चाहते हैं। नहीं  भाषणों  से  प्रदूषण  घटेगा,44 क़दम […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

दिलों को  मिलायें  यही  चाहते हैं। वतन को  सजायें  यही  चाहते हैं। न सच को  छुपायें  यही चाहते हैं। हक़ीक़त   बतायें   यही  चाहते हैं। रियायत नहीं चाहते उनसे कुछभी न  बेजा   सतायें   यही  चाहते हैं। ये वादे सुनहरे बहुत सुन चुके हम,j ज़मीं पर  भी आयें यही चाहते हैं। नहीं  भाषणों  से  प्रदूषण  घटेगा,44 क़दम […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

हम किसी को  न छोड़ कर आये। दिल किसी का न तोड़ कर आये। काम  के  साथ जोड़  कर  आये। वक्त पल पल  निचोड़ कर आये। जिन की खातिर  लड़े  ज़माने से, सर  वही  लोग  फोड़ कर  आये। दिल  के  पंछी   बड़े   निराले  हैं, रुख इसी सिम्त मोड़ कर  आये। जीत  बस  जीत ही  सदा  […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

इश्क का  गर  सफीर  हो  जाता । नाम  फिर   मुल्कगीर  हो  जाता। जाने  कब का  अमीर हो  जाता। बस  ज़रा   बे ज़मीर  हो   जाता। बात मन  की  अगर  सुनी  होती, कम न रहता  कसीर  हो  जाता। उस  घड़ी  बेचता  जो  ईमां  को, एक  पल  में  वज़ीर  हो  जाता। शब्द  होते   अगर  मेरे    बस  में, […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

जानते  दीन  को  न  दुनिया को। कह  रहे  हैं   कि  रहबरी  दे  दो। कह के हल्का करो ज़रा मन को। बेसबब   दर्द  क्यूँ   रहे   हो   ढो। रब   मआ़फ़ी   ज़रूर   देगा   ही, मैल दिल का अगर लिया हो धो। काम   कोई   ग़लत  नहीं   होगा, ख़ौफ़ से रब के दिल भरा हो तो। फिर  न  उसका  बुरा […]

गीत/नवगीत

मतदान  करें, मतदान  करें

मतदान  करें   मतदान  करें। खुद को साबित कप्तान करें। इक शुरू नया अभियान करें। बेकार   करें    मत  घर   बैठे, मत का मत यूँ  अपमान करें। मतदान   करें   मतदान  करें। लोकतन्त्र  यदि  प्यारा  है तो, जमकर के फिर मतदान करें। कर्मठ  है  जो  त्यागी  है  जो, उसका चलकर  सम्मान करें। मतदान   करें   मतदान  करें। हसरत  कोई    […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

हार हो या  जीत अब हम चल पड़े तो चल पड़े। जोश अब होगा नहीं कम चल पड़े तो चल पड़े। मुश्किलों   से   हारना  सीखा  नहीं  मैंने  कभी, आँख चाहे  आज हो नम चल पड़े तो चल पड़े। जब इरादा कर लिया तो रुक नहीं सकते क़दम, अब खुशी चाहे मिलें ग़म चल पड़े तो […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

मुहब्बत  का हरदम  किया है उजाला। कभी भी  नहीं नफरतों  को  है  पाला। करे काम  बेजा वो  कितने भी लेकिन, न  उंगली   उठेगी   अगर  नाम  वाला। किया  काम  गन्दा  नहीं भी   किया है, सभी  शक  करेंगे  अगर  नाम  काला। कभी  माँग  इसकी  घटी  ही   नहीं  है, दुकां  प्यार  की  है   लगेगा   न  ताला। वो जिसको […]