Author :

  • 4 पत्नियां

    4 पत्नियां

    एक समृद्ध व्यापारी था जिसकी 4 पत्नियां थीं। वह चौथी पत्नी से सबसे ज्यादा प्यार करता था और उसे समृद्ध वस्त्रों से सजाता था और उसे सबसे स्वादिष्ट व्यंजन आदि खिलाता था । उसने उसकी बहुत...

  • दिलों की दूरियाँ

    दिलों की दूरियाँ

    “जल्दी आ- जल्दी आ” दूर कर लोगो के दिलों के फासले दिन अब अच्छे आयेंगे इसमे कोई दो राय नहीं – दिलों के फासले, मिट जायेंगें दूरियाँ कम न होंगी ट्रेन की रफ्तार बढ़ा के दूरियाँ...

  • आमने सामने

    आमने सामने

    चलो कभी अपनी ऐसी मुलाक़ात हो जाये आमने सामने बैठे हों और बात हो जाय कुछ दिल की तुम कहो कुछ दिल से मैं कहूं — कोई मीठी प्यार भरी गुफ़्तगूं हो जाये, एक ‘शेर’ तुम...



  • नवरात्र महिमा

    नवरात्र महिमा

    अब तो अखियाँ तरस गई हैं माता अपना रूप दिखा दे, नवरात्रे की इस पुण्य बेला में माता अपना दीदार करा दे, शैलपुत्री रूप में आ के माता, मेरी हर बाधा माँ हर लो, मैं भी...

  • विजय पर्व

    विजय पर्व

    सदियों से चली आ रही परम्परा को निभा दिया, इस दशहरे पर रावण को फिर जला दिया, खूब चले पटाखे, खूब मेला उत्सव सजा लिया, बुराई पर अच्छाई का ‘विजय पर्व’ मना लिया, रावण को जला...