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  • खुशियों के त्यौहार

    खुशियों के त्यौहार

    दिवाली गुरुपर्व ईद क्रिसमस सब खुशियों के हैं त्यौहार. सबको गले लगाकर झूमो, मिल कर गायें नाचें यार. हम सब भारत मां की संतान सुख दुख, रहन सहन, सब एक. सभी सुखी हों यही मनाते, मिल...

  • मतलब 

    मतलब 

    मतलब  , जी हाँ मतलब , न जाने मैं क्यों इतना ‘बदनाम’ हूँ ,  अरे मैं ही तो हर रिश्ते की ‘जान’ हूँ,  नातेदारी हो या दोस्ती  मैं ही सबकी ‘फ़रियाद’ हूँ,  मैं ही हर रिश्ते...

  • मेला –रेला

    मेला –रेला

    यह वक़्त कितना बेरहम पल में क्या से क्या हो जाता है, एक हँसता गाता चेहरा आंसूओं से तर बतर  चीख पुकार में बदल जाता है, कुछ देर पहले…बंटी बोला था… …पापा मैं दशहरा मेला देखने...

  • ‘मीटू’ ‘मीटू’

    ‘मीटू’ ‘मीटू’

    ना मेरी खता थी न तेरी खता थी, कुछ मेरी तमन्ना थी कुछ तेरी ज़रुरत थी, ना तुमने कुछ कहा ना मैंने कुछ कहा बस आँखों आँखों की गुगतगूं थी , ना तुम मुस्कुराये ना हम...

  • 4 पत्नियां

    4 पत्नियां

    एक समृद्ध व्यापारी था जिसकी 4 पत्नियां थीं। वह चौथी पत्नी से सबसे ज्यादा प्यार करता था और उसे समृद्ध वस्त्रों से सजाता था और उसे सबसे स्वादिष्ट व्यंजन आदि खिलाता था । उसने उसकी बहुत...

  • दिलों की दूरियाँ

    दिलों की दूरियाँ

    “जल्दी आ- जल्दी आ” दूर कर लोगो के दिलों के फासले दिन अब अच्छे आयेंगे इसमे कोई दो राय नहीं – दिलों के फासले, मिट जायेंगें दूरियाँ कम न होंगी ट्रेन की रफ्तार बढ़ा के दूरियाँ...

  • आमने सामने

    आमने सामने

    चलो कभी अपनी ऐसी मुलाक़ात हो जाये आमने सामने बैठे हों और बात हो जाय कुछ दिल की तुम कहो कुछ दिल से मैं कहूं — कोई मीठी प्यार भरी गुफ़्तगूं हो जाये, एक ‘शेर’ तुम...