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  • अपना और पराया 

    अपना और पराया 

    जिसे भी दूध पिलाया हमने, वह सांप ही निकला अमृत पीकर भी उसने तो, सिर्फ ज़हर ही उगला जिसे पेट भर खिलाया, पीठ दिखाके चल दिया जिसे सजाया संवारा, मुंह पे कालिख मल गया जिसे पलकों...

  • अहतियात

    अहतियात

    तुम हर कदम यंहा रखना, ज़रा अहतियात से, ज़िंदगी की हर डगर, काँटों से भरी है, नेकी भी यहाँ करना, तो ज़रा संभल के, जलने वालों की भी यहाँ भीड़ बड़ी है , सजना संवरना भी...

  • हवा में उड़ने वालो-

    हवा में उड़ने वालो-

    आसमान में उड़ने वालो आसमान में ठिकाना नहीं होता आसमान में आशियाना नहीं होता आसमान होता ही कहाँ है ?? यह तो केवल नज़र की इंतहा है , जितनी दूर नज़र जाती है – आसमान वहीँ...



  • आदमी का ज़मीर,

    आदमी का ज़मीर,

    अजर है, अमर है आत्मा कभी नहीं मरती, यह आत्मा मरता है तो यह नश्वर शरीर मलीन – और पंच तत्व में हो जाता है विलीन अपने परमात्मा में हो जाती है लीन, हे मेरे प्रभु...

  • विजय पताका लहराई है

    विजय पताका लहराई है

    27/10/2017 शुभ प्रभात मित्रों,  आज का दिन बहुत खास व महत्वपूर्ण है आज हमारे मित्र मंडल के आदरणीय सदस्य श्री विजय सिंघल जी, का जन्मदिन है. हमारे स्वाति नक्षत्र ,परिवार व मित्रों की टोली और युवा...


  • रंगीन दुनिया

    रंगीन दुनिया

      रंगो से सजी दुनिया भी रंगीन नहीं होती चेहरे पे ख़ुशी दिल की तस्वीर नहीं होती, जो हर हाल में उस खुदा का शुक्रगुज़ार हो दुनिया में ऐसी सबकी तक़दीर नहीं होती, सबको अपनी गलती...