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  • व्रत और उपवास

    व्रत और उपवास

    व्रत या उपवास हम बचपन से सुनते और देखते आये हैं, सबसे पहले मंगलवार को हनुमान जी का व्रत सुना था , फिर करवा चौथ , शुक्रवार को माता संतोषी का व्रत, माता वैभव देवी का...

  • नास्तिक

    नास्तिक

    वो नास्तिक ही सही कहीं ईमान तो रखता है … इंसानियत के नाते , इंसान की पहचान तो रखता है, नहीं करता कोई पूजा, ना ही कोई आडम्बर करता है, पर आन पड़े ज़रुरत तो हर...

  • कविता

    कविता

    परिंदा आकाश में चाहे जितना ऊंचा उड़ ले दाना चुगने उसे जमीन पर आना ही पड़ता है आसमान में उड़कर तो तारे हाथ नहीं आते मोती पाने के लिए गहरे समुद्र में जाना ही पड़ता है...

  • उम्र की सच्चाई

    उम्र की सच्चाई

    उम्र की सच्चाई इतनी लम्बी उम्र मिली है , पर जीने का वक़्त नहीं, रिश्तों की भरमार है पर रिश्तों का अस्तित्व नहीं , चेहरे पे मुस्कान सभी के, दिल में क्या है स्पष्ट नहीं, झूठी...

  • ज़रा सी बात

    ज़रा सी बात

      मेरी ज़रा सी बात पर वो खफा हो गया न जाने क्यों इंसान से “खुदा ” हो गया, न सोचा न समझा न देखा  न भाला पल भर वो जाने क्या से क्या हो गया...


  • अहतियात

    अहतियात

    हर कदम यंहा रखना अहतियात से, हर डगर यहाँ की काँटों भरी है, नेकी भी यहाँ करना तो ज़रा संभल के, जलने वालों की यहाँ भीड़ बड़ी है , सजना संवरना भी यहाँ देख भाल के...

  • खामोश हूँ मैं ,

    खामोश हूँ मैं ,

    खामोश हूँ मैं , अब शिकायत नहीं होती, अब इस ज़माने में , किसी का ‘दिल’ समझने की ‘रिवायत ‘ ही नहीं होती , खामोश हूँ मैं , क्यों की मैं लड़ता नहीं झूठों के झमेले...

  • प्यार की बहार

    प्यार की बहार

      पूनम की रात, तेरे प्यार की चांदनी जलाती है, अमावस की रात, दिल में अँधेरा कर जाती है, यह चाँद तू क्यों है- मेरे प्यार का ऐसा दुश्मन, यह तीज की रात तो- तेज़ खंजर...