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  • नादान दोस्त

    नादान दोस्त

    न जाने कैसे — गैरों की बातें सुन कर वो नादानी में इतना बहक गए , बड़ने लगे जब वो खंजर ले के हाथ में मेरे गिरेबां तक पहुँच गए, यह ज़मीं ज़रकने लगी. और कब्र...


  • अन्नदाता

    अन्नदाता

    देश को रोटी खिलाने वाला, खुद रोटी को मोहताज़ है, यह कैसी व्यवस्था है, और यह कैसा समाज है, गरीब रोटी को तरस रहा है, अमीर रोटी को दुत्कार रहा है, अन्नदाता जो जीव का पालनहार...

  • आगे बढ़ो

    आगे बढ़ो

    राह चाहे काँटों भरी हो,सर पर गुलाब रहता है, केवल रात अँधेरी नहीं, राकेश का नूर आकाश पे रहता है, शमा कि हिम्मत तो देखो,सूरज ढलने का उसे भी इंतज़ार रहता है, शर्त ये है कि...

  • आ गए शुभ नवरात्रे

    आ गए शुभ नवरात्रे

    आ गए शुभ नवरात्रे भक्तो माँ के दरबार में आओ, पाकर माँ का आशीष, अपना जीवन सफल बनाओ, आओ भक्तों आओ, माँ वैष्णो देवी के दरबार , माँ चरणो में शीश झुका के माँ का करो...

  • सितमगर

    सितमगर

    “” अहसान अपने वोह उँगलियों पे गिनाते हैं , जिनके जुल्मो का हम पैर कोई हिसाब नहीं, अपने हक के लिए लड़ते हैं सरे आम वोह लोग, अपने फ़र्ज़ से जिनको कोई सरोकार नहीं, कभी भी...

  • प्रकृति का नज़ारा

    प्रकृति का नज़ारा

    कितना सुन्दर प्रकृति का नज़ारा प्रियतम का संग लगता है कितना प्यारा, जैसे लौट आया है वो हसीं ज़िंदगी का दौर दोबारा , उसकी याद दिल में संजो कर, कभी जब मैं- क्षितिज की ओर देखता...

  • नफरत की आंधी

    नफरत की आंधी

    पल ही पल में,क्या से क्या हो जाता है, इक प्यार करने वाला दिल, शीतल ‘शबनम’ से आग का ‘शोला’ बन जाता है, नफरत की आंधी में, ‘विवेक’ कहीं दूर भटक जाता है, प्यार की महकती...