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  • मानवता

    मानवता

    आज शिक्षा का मुख्य उद्देश्य मात्र आर्थिक उन्नति तक ही सीमित रह गया है जबकि समाज की पूर्ण उन्नति तभी सम्भव है जब व्यक्ति य समाज पूर्ण रूप से आत्मिक नैतिक व चारित्रिक आर्थिकरूप से सभी...


  • होली

    होली

    होरी के रंग मे रंगा गाँव-शहर सब संग, कलाकन्द गुझिया कटैं देखि पूर्णिमा चन्द। देखि पूर्णिमा चन्द लाल गुलाल उड़ावै, खोज खोज कै इक दुसरे का रंग लगावै।। होरी होरी सब कहैं मन मे उठै उमंग,...

  • संकटमोचन

    संकटमोचन

    कार्तिक नवमी कृष्णपक्ष सोम से प्रारम्भ मान। चतुर्दिनोट्सव शहस्र द्वै पंचाशत सम्बत जान।। सम्बत अहै प्रमाण थापना महाबली की। जात्बरात सेमरहस उत्तर दिसि कल्याणी।। जय जय जय बजरंगवीर,तेरी गूँजत जय जयकार चली जलमे तुमको धूढ़न कारन,भक्त...

  • चिड़िया

    चिड़िया

    पहले मैंने अपने को ही दीन हींन था जाना, इकदिन मैंने भोर मे देखा चिड़ा चिड़ी को जगाना। चीं चीं चूँ चूँ की आवाज चिड़ा चिड़ी को सुनाना, अंगड़ाई लेकर घरसे झाँका चिड़ी,चिड़ा पहचाना। फिर मैं...

  • रोजगार सृजन

    रोजगार सृजन

    आज समाज मे वेरोजगारी एक भयावह समस्या का रूप लेती जा रही है।नव युवक पढ़ने लिखने के बाद नौकरी की लालच मे दर दर की ठोकरें खाने को विबस होते हैं।शिक्षा लेंने के बाद भी आत्मनिर्भरता...


  • घूसखोर

    घूसखोर

    धत् तेरी घुस खोर की,धत् तेरी घूसखोर की। धत् तेरी घुसखोर की।। रच्छक ह्वैकै रौब जमावै,जनता का कानून पढ़ावै; बने ऑफीसर जग मा घूमे,मदद कीहिन उई चोर की। धत् तेरी घुसखोर की।। जीकै नौकर वहिक डरावै...

  • योग-योगी

    योग-योगी

    योगी सम्पूर्ण योग की सफलता का परिणाम होता है।। योग=जोड़। योग=अतिप्राचीनविज्ञान। योगकेजनक=महाऋषि हिरण्यगर्भ। योग=जीवन जीने की कला सिखाता है। योग=समनिष्ठ बनाता है। योग का लछ्य=शुद्धि शांति आध्यात्मिक सुख। योगी=आत्मा+परमात्मा। योग=मानव के अंदर छिपी असाधारण शक्ति को...

  • मानस बचन

    मानस बचन

    ************************************* रघु कुल शिरोमणि श्रीराम की बंशावली~ ************************************* 1 – ब्रह्मा जी से मरीचि हुए, 2 – मरीचि के पुत्र कश्यप हुए, 3 – कश्यप के पुत्र विवस्वान थे, 4 – विवस्वान के वैवस्वत मनु हुए.वैवस्वत...