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  • लघुकथा- नयी राह

    नैना आज बहुत गुस्से में थी, हाथ में लिया आधा गिलास पानी भी उसके गले से नीचे नहीं उतर रहा था और हर बार की तरह वजह थे वह घटिया लोग जो अपने आप को नैना का...




  • प्रलय आ जाता है

    प्रलय आ जाता है

    जब हवाये संदेश नहीं ले जाती तुम तक पैगाम नहीं पहुचाती ! गुस्सा आता है बहुत मुझे जब तुम्हे मेरे पास नहीं लाती ! रूठ जाती हुं अक्सर जब भी तेज झोंके से मुझे डराती है...

  • वीरों की गाथा

    वीरों की गाथा

    देश के वीरों की गाथा तुमको आज सुनानी है, याद करो फ़िर से शहीदो की कुर्वानी है ! एक वीर जब बोर्डर पर लडने जाता है छोड़के सारे रिश्ते नाते अपना फर्ज निभाता है ! धरती...



  • चलना पडेगा ही

    चलना पडेगा ही

    मुश्किलें लाख सही डगर कठिन ही सही आसान भले ना हो चलना लेकिन चलना पडेगा ही दर्द भी होगा, ज़ख्म मिलेगें समय समय पर तानों के बाण चलेगे आसान भले ना हो सहना लेकिन चलना पडेगा...

  • लड़का बिकाऊ है

    लड़का बिकाऊ है

    लड़का अधिकारी था, मां-बाप के रंग-ढंग बदल गये थे ! शादी के लिये लड़के की बोलिया लगने लगी थी, जो 40 लाख देगा वो अपनी लड़की ब्याह सकता है, जो 60 लाख देगा लड़का उसके घर का दामाद...