पुस्तक समीक्षा

“मिट्टी मेरे गांव की”- बुन्देली काव्य संग्रह

“मिट्टी मेरे गांव की”- बुन्देली काव्य संग्रह:- लेखिका – जयति जैन “नूतन” प्रकाशक- श्वेतांशु प्रकाशन, नई दिल्ली पृष्ठ- 104 पेज मूल्य- 200 रुपये (ऑनलाइन उपलब्ध) बुंदेलखंड में जन्मी लेखिका ने अपनी मातृभाषा में 104 पेज का बुन्देली काव्य संग्रह “मिट्टी मेरे गांव की” लिखा। लेखिका जयति जैन “नूतन”, हमेशा स्वतंत्र लेखन करती हैं। कई विधाओं […]

कविता

कविता – मन की गहराई

कविता – मन की गहराई मन के अंदर की उथल पुथल कोई बाहर वाला क्या समझेगा कब किस वक़्त क्या महसूस हो कैसे कोई जानेगा । राज़ छुपे हैं कैसे-कैसे पसन्द ना हो कांटे जैसे मन की पीड़ा स्वयं पता हो एहसासों की भरी लता हो दुनिया जाने दुनियादारी मन से हारी, मन को मारी […]

बाल कहानी

बालकहानी – बच्चों को संता बनने दें

“बच्चे मन के सच्चे होते हैं, वह यदि किसी के लिए कुछ करते हैं तो मन से करते हैं इसलिए उनमें बचपन से ही व्यवहारिक और मानवता के संस्कार डालने चाहिए ताकि वह जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आ सकें । आज एक कहानी के माध्यम से मैं आपको बता रही हूं कि बच्चों […]

लेख सामाजिक

लेख :- MeToo एक अच्छा अभियान हो सकता है ।

लेख :- #MeToo एक अच्छा अभियान हो सकता है । आरोप प्रत्यारोप के बीच में me too का जो मुख्य उद्देश्य था, वह लोगों की सोच और फालतू बहसबाज़ी के बीच खो गया । अभी अभिनेत्रियों ने पहल की है, इसलिए यह गलत लिया जा रहा है ।जो बड़े पद पर हैं इसका यह निहतार्थ नहीँ […]

कविता

कलम को तेज़ तलवार ही न बनवाओ ।

इस दौर का हाल हमसे ना लिखवाओ, दुश्मन चारों तरफ हैं जरा संभल जाओ । उपयोग इंसा करने लगा है इंसा का आज , कलम को तेज़ तलवार ही न बनवाओ । आँधियाँ आएंगी रेत उड़ेगी हवा में ही, बच निकलो बैचेन घड़ियां न करवाओ । मुंह में मिठास हाथ में खंज़र लिए है आदमी, […]

भाषा-साहित्य

हिंदी से नाता टूट सा गया है

राष्ट्रभाषा पर नूतन विचार पढ़ने और आगे बढने से पहले आप यह जानें कि राज्यभाषा, राजभाषा, राष्ट्रभाषा और मातृभाषा क्या हैं ? हममें से अभी 80 प्रतिशत लोग यह नहीं बता पायेंगें क्योंकिं हिंदी से नाता टूट सा गया है। हमारे देश की राष्ट्रभाषा क्या है ? जबाब आएगा हिंदी जबकि लोगों को यह जानकारी […]

कविता

कविता :- मोहब्बती किस्से 

जो मोहब्बत में फना हुए उन्हें किताबों में उतारो । पढ़ेगें रस्में मोहब्बत जरा दिल में जगह दो । काँटों में घिरा था कैसे वो मखमली गुलाब तितली बन छू आने के किस्सों को सुना दो । सबक क्या क्या सीखे मोहब्बत में मजनू ने राझें की कैसी थी रातें एक आशिक़ को बता दो […]

कहानी

कहानी – पुत्रमोह

पुत्रमोह ही तो था कि बेटे की लालच में किशोरीलाल ने दुबारा शादी करने का फैसला लिया था । उसकी बीवी को पिछले महीने फिर से बेटी हुई, अब किशोरीलाल की चार लड़कियां हो गयी थी । बेटे की लालच में वो अब चार लड़कियों का पिता था लेकिन सिर्फ नाम का, क्योंकि पुत्रमोह में […]

कविता

कुछ रहे बाकी

कुछ रहे ना रहे पर ,उम्मीदों का दिया जलता रहे बाकी ! गिरकर उठने की जद में , स्वाभिमान रहे बाकी ! मैं खुद को जिता सकती हूँ , ये अभिमान रहे बाकी ! हर ख़ुशी मेरे हिस्से में आएगी , ये गुमान रहे बाकी ! सारे ही खुश रहें , कोई द्वेष ना रहे […]

सामाजिक

तुम लोग सुधरना नहीं, बलात्कारियो

बलात्कारी मतलब बलात्कारी फिर चाहे वो कोई भी जाति धर्म का क्यों ना हो । फांसी होनी ही चाहिए । तुम लोग सुधारना नहीं, बलात्कारियों । तुम्हारी माँ बहिन और बीवी को भी इसी हादसे का शिकार होना चाहिए तभी तुम्हारी आंखें खुलेंगी क्या ??? बुढ़ापे में ज्यादा ही जवानी सूझ रही है । कम […]