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  • अतृप्त मन

    अतृप्त मन

    उतर आया था गोद में मेरी आकाश से चंद्रमा जब पहली बार, असीम आनंद की अनुभूति हुई थी नारी से एक संपूर्ण नारी बनकर। समा गया था संपूर्ण व्यक्तित्व में मेरे चांद की शीतल रोशनी। उस...

  • सपनों का बीज

    सपनों का बीज

    बोया था मैंने एक बीज अपने आंगन के कोने में, लगे कई वर्ष अंकुरित होकर उसे बड़ा होने में। धीरे धीरे फैले पत्ते और फैली शाखाएं, लिया एक बड़ा पेड़ का आकार देने लगी शीतल हवाएं।...

  • तलाश

    तलाश

    अमेरिका की एक अच्छी यूनिवर्सिटी से एम एस की डिग्री लेकर कृतिका ने वहीं पर दो साल किसी कंपनी में नौकरी की। पर न जाने क्यों उसका दिल नहीं लगा। उसे वहां पर एक खालीपन, एक...

  • स्त्री श्रमिक

    स्त्री श्रमिक

    “स्त्री श्रमिक” तपती हूं मैं भी भरी दुपहरी में बहाती हूं स्वेद तन से, भीगती हूं बारिश में मैं भी उठाती हूं सिर पर बोझ, फिर भी मुझे क्यों कमतर आंका जाता है मानव तेरी स्वार्थी...

  • परख

    परख

    सुबह सुबह उज्जवल घर पहुंचा तो मां सुहासिनी के चेहरे पर अपने नाम के अनुरूप हंसी की उजली किरण बिखरी हुई थी, परंतु.. उज्जवल के चेहरे पर अपने नाम के विपरीत बिल्कुल अंधेरा। मां को समझ...

  • हिंद का गांव

    हिंद का गांव

    शरीर बसा दूर देश में किंतु मन में बसा हिंद के गांव है, जहां की बोली में सरलता और जीवन में सहजता का भाव है। माटी की पगडंडी पर जब बारिश की पहली बूंदें गिरती है...

  • मर्दानगी

    मर्दानगी

    “हेलो.. अनीता.. जब से तुम मायके गई हो तब से मैं यहां परेशान हूं। तुम तो वहां सब के संग बहुत खुश हो न? तुम्हें क्या फर्क पड़ता है मैं परेशान हूं कि नहीं।” चिढ़ते हुए...

  • पहली गलती

    पहली गलती

    ” मेम साहब.. हम पर झूठा इल्जाम मत लगाओ। आप की कान की बाली खो गई है तो मैं इसमें क्या करूं? मुझे क्यों चोर ठहरा रही हो? मैं आपके यहां चोरी करने नहीं आती, काम...

  • राधा मैं हारी

    राधा मैं हारी

    सुन लो पुकार मेरी, कहती है राधा बेचारी। अब न बनूंगी मैं राधा, बनके राधा मैं हारी।। सुनो हे गिरधारी मुरली मनोहर अगले जन्म तुम्हें है राधा बनना, बनूंगी मैं कृष्ण कन्हैया तुम्हारा सही जो पीर...

  • कद्रदान

    कद्रदान

    तीन बहनों में मंझली नवीना का नैन नक्श अति साधारण है परंतु गुणों का भंडार। पढ़ने में सबसे होशियार। सभी कामों में निपुण, चाहे घर में खाना बनाना हो या बाजार से जाकर राशन पानी, सब्जियां...